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वेव शुगर मिल पर धरना
Bulandshahr
Updated Wed, 27 Aug 2014 05:30 AM IST
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बुलंदशहर। गन्ना बकाया की मांग को लेकर मंगलवार को किसान सड़क पर उतर आए। किसानों ने वेव शुगर मिल के गेट पर धरना दिया ओर भुगतान की मांग की।
किसान सभा के उपाध्यक्ष ने धरने के दौरान कहा कि सरकार किसानों की सुध लेने के बजाए गन्ना मिलों को फायदा पहुंचा रही है। किसान चंद्रपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 44 अबर रुपये मिलों पर लुटा दिए। सरकार ने कच्ची चीनी के निर्यात पर सब्सिडी का निर्णय लिया । आयात पर 40 प्रतिशत शुल्क लगाने की तैयार की है। राज्य सरकार 10 अरब रुपये की रियायत मिलों को दे चुकी है। मेघराज सोलंकी ने कहा कि वेव शुगर मिल पर करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये बकाया है। किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसानों ने गन्ना भुगतान के साथ पेराई सत्र में गन्ने का समर्थन मूल्य 400 रुपये प्रति कुंतल करने की मांग सरकार से की है। धरने में शिव सिंह, अशोक सिरोही, मीरीपाल, वेदवीर, रामभूल, कृष्ण चंद समेत धनौरा, बंचावली, अरौंडा, सलेमपुर, सुल्तानपुर, सलेमपुरजाट्र, सिखेड़ा, नगलाबंसी, बोहराबास के किसान शामिल रहे।
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किसान सभा के उपाध्यक्ष ने धरने के दौरान कहा कि सरकार किसानों की सुध लेने के बजाए गन्ना मिलों को फायदा पहुंचा रही है। किसान चंद्रपाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने 44 अबर रुपये मिलों पर लुटा दिए। सरकार ने कच्ची चीनी के निर्यात पर सब्सिडी का निर्णय लिया । आयात पर 40 प्रतिशत शुल्क लगाने की तैयार की है। राज्य सरकार 10 अरब रुपये की रियायत मिलों को दे चुकी है। मेघराज सोलंकी ने कहा कि वेव शुगर मिल पर करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये बकाया है। किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसानों ने गन्ना भुगतान के साथ पेराई सत्र में गन्ने का समर्थन मूल्य 400 रुपये प्रति कुंतल करने की मांग सरकार से की है। धरने में शिव सिंह, अशोक सिरोही, मीरीपाल, वेदवीर, रामभूल, कृष्ण चंद समेत धनौरा, बंचावली, अरौंडा, सलेमपुर, सुल्तानपुर, सलेमपुरजाट्र, सिखेड़ा, नगलाबंसी, बोहराबास के किसान शामिल रहे।