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बैंक खाते से 35 लाख रुपये गायब, हंगामा
Bulandshahr
Updated Thu, 03 Apr 2014 05:30 AM IST
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खुर्जा। ककराला स्थित सेंट्रल बैंक घोटाले का अभी पटाक्षेप भी नहीं हुआ था कि बुधवार को एक्सिस बैंक में 35 लाख का घोटाला प्रकाश में आया है। ग्राहक ने अपने बचत खाते में दो बार मेें 50 लाख रुपये जमा कराए, लेकिन खाते में केवल 15 लाख रुपये पहुंचे। इस पर बुधवार को व्यापारियों ने बैंक हंगामा किया। बैंक मैनेजर ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज को कहा है।
नई तहसील विजय नगर निवासी राजेंद्र सिंह का अस्पताल रोड स्थित एक्सिस बैंक में बचत खाता है। सितंबर में अलीगढ़ में जमीन बेचकर 28 सितंबर, 2013 को 30 लाख रुपये और 30 जनवरी, 2014 को 20 लाख रुपये जमा कराए थे। राजेद्र सिंह का आरोप है कि अब खाते का स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि बैंक ने अकाउंट में 30 लाख की एंट्री नहीं की है, जबकि दूसरी बार में जमा कराए गए 20 लाख रुपये में से बैंक ने केवल 15 लाख रुपये एंट्री की है। बुधवार को मामले का पर्दाफाश होते ही नगर के व्यापारियों ने बैंक मैनेजर से मिलकर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि मैनेजर ने पहले तो कर्मचारी का ट्रांसफर होने की बात कहकर झाड़ लिया। जब व्यापारियों ने हंगामा किया तो मैनेजर ने कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया।
कोट्स
एक्सिस बैंक शाखा के मैनेजर श्रवन कुमार का कहना है कि ग्राहक ने रकम बैंक में कार्यरत कर्मचारी को दी थी, लेकिन उसने जमा नहीं की और फर्जी रसीद दे दी। कैश जमा करने की मुहर दूसरी होती है। जब मैनेजर से पूछा गया कि दूसरी रसीद में 20 लाख रुपये में से 15 खाते में जमा हैं और पांच लाख गायब हैं तो रसीद फर्जी कैसे है। इसका मैनेजर के पास कोई जवाब नहीं था।
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नई तहसील विजय नगर निवासी राजेंद्र सिंह का अस्पताल रोड स्थित एक्सिस बैंक में बचत खाता है। सितंबर में अलीगढ़ में जमीन बेचकर 28 सितंबर, 2013 को 30 लाख रुपये और 30 जनवरी, 2014 को 20 लाख रुपये जमा कराए थे। राजेद्र सिंह का आरोप है कि अब खाते का स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि बैंक ने अकाउंट में 30 लाख की एंट्री नहीं की है, जबकि दूसरी बार में जमा कराए गए 20 लाख रुपये में से बैंक ने केवल 15 लाख रुपये एंट्री की है। बुधवार को मामले का पर्दाफाश होते ही नगर के व्यापारियों ने बैंक मैनेजर से मिलकर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि मैनेजर ने पहले तो कर्मचारी का ट्रांसफर होने की बात कहकर झाड़ लिया। जब व्यापारियों ने हंगामा किया तो मैनेजर ने कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया।
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कोट्स
एक्सिस बैंक शाखा के मैनेजर श्रवन कुमार का कहना है कि ग्राहक ने रकम बैंक में कार्यरत कर्मचारी को दी थी, लेकिन उसने जमा नहीं की और फर्जी रसीद दे दी। कैश जमा करने की मुहर दूसरी होती है। जब मैनेजर से पूछा गया कि दूसरी रसीद में 20 लाख रुपये में से 15 खाते में जमा हैं और पांच लाख गायब हैं तो रसीद फर्जी कैसे है। इसका मैनेजर के पास कोई जवाब नहीं था।
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