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गमगीन माहौल में दफन हुए ताजिये
Bulandshahr
Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST
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मोहर्रम पर शिया समुदाय के लोगों ने निकाला ताजिया जुलूस
बुलंदशहर। मोहर्रम की दसवीं तारीख पर रविवार को ताजिये और ताबूत का जुलूस निकाला गया। शिया समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर मातम किया। ऊपर कोट इमामबाड़ा से ताजिये जुलूस की शुरूआत हुई। काले कपड़े पहने सोगवारों ने हाथों में ब्लेड, छुरी और चाकुओं से मातम किया। मातम में अपने आपको लहूलुहान कर हुसैन अली की कुर्बानी को याद किया। मोहर्रम पर ताजिये जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़ी चौकसी बरती। चौक बाजार से काला आम तक पुलिस कर्मी तैनात रहे।
शब्बी हुसैन ने बताया कि नगर के ऊपर कोट के इमामबाड़ा से ताजिये जुलूस निकाला। जुलूस चौक बाजार होता हुआ अंसारी रोड और काला आम स्थित करबला पहुंचा। करबला के शहीदों की याद में मजलिस की गई। हजरत इमाम की शान में मरसिये पढ़कर अपना खिराजे अकीदत पेश किया। अकीदतमंदों ने शहीदान ए करबला में कुर्बानियों को याद किया और मातम किया। जुलूस में शब्बू, शारिक, हसन जहीर आदि ने नोहे ख्वानी करके गमे हुसैन में अपनी अकीदत पेश की। जुलूस में शान-ए-हैदर, शारिक हुसैन, हसन जहीर, चाहत हुसैन, राहत जैदी, जफर अब्बास, लड्डन जाफरी, कमर अब्बास, कौसर अब्बास, फरहान, समर, शहनशाह आदि मौजूद रहे।
चरौरा क्षेत्र के गांव चरौरा मुस्ताफाबाद और पर्वाना में ताजिये का जुलूस निकाला गया। इशरा अंसारी, पूर्व प्रधान मंजूर अहमद, इस्लाम खां, हाजी आरिफ, जाकिर, चांद खां, रजा मोहम्मद आदि मौजूद रहे। सराय छबीला में सबीहे दुलदुल घोड़े का जुलूस सभी ताजियों के साथ निकाला गया। इस मौके पर नईम अहमद सिद्दीकी, वारिश अली, दिलशाद पठान, बाबर अली, जहीर अहमद, नईे अख्तर आदि शामिल रहे।
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जहांगीराबाद के अंसारियान से शुरू हुए जुलूस में अंजुमन हुसैनी अंसारियान और अंजुमन अब्बासी जामा मस्जिद की सुन्नी जमातों ने मोहर्रम कमेटी के संरक्षक व पूर्व चेयरमैन साबिर अली अंसारी व प्रबंधक बुंदु के दिशा निर्देशन में सोगवारों ने मातम किया।
बुगरासी में ताजिये का जुलूस चांदनी चौक से शुरू हुआ, जो सब्जी मंडी, शनि बाजार, मंगल बाजार, व्यापारियान आदि से होता हुआ करबला पर समाप्त हुआ।
स्याना में जुलूस राईन अखाड़ा के उस्ताद खलीफा इलियास, अखाड़ा काजी खेल मुंशी कदीर, अखाड़ा कुरैशियान के उस्ताद रशीद, अखाड़ा अल्ली खां का चौक के उस्ताद भोलू खां की देखरेख में निकाला गया।
औरंगाबाद में जुलूस सदर बाजार, नई बस्ती, पवसरा रोड आदि स्थानों से होता हुआ स्याना रोड स्थित करबला पर पहुंचकर संपन्न हुआ। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद हिमायत अली, हसनैन अब्बास नकवी, हुसैन अब्बास, डा. मंजूर हसन जैदी, सलमान हैदर, अली हुजूर, हुसैन अहमद, शाहिद मौजूद रहे।
डिबाई में जुलूस मोहल्ला शाह विलायत से शुरू हो कर कस्सावान, शेखम चिश्ती, शेखान, पुलिस चौकी, सर्राफा, बुरा गली होता हुआ करबला पर जा कर समाप्त हुआ। अनूपशहर में शिवचौक से शुरू हुआ ताजियों का जलूस मुख्य बाजार से होता हुआ करबला में जाकर ताजियों के दफन के साथ संपन्न हुआ।
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बुलंदशहर। मोहर्रम की दसवीं तारीख पर रविवार को ताजिये और ताबूत का जुलूस निकाला गया। शिया समुदाय के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर मातम किया। ऊपर कोट इमामबाड़ा से ताजिये जुलूस की शुरूआत हुई। काले कपड़े पहने सोगवारों ने हाथों में ब्लेड, छुरी और चाकुओं से मातम किया। मातम में अपने आपको लहूलुहान कर हुसैन अली की कुर्बानी को याद किया। मोहर्रम पर ताजिये जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन ने कड़ी चौकसी बरती। चौक बाजार से काला आम तक पुलिस कर्मी तैनात रहे।
शब्बी हुसैन ने बताया कि नगर के ऊपर कोट के इमामबाड़ा से ताजिये जुलूस निकाला। जुलूस चौक बाजार होता हुआ अंसारी रोड और काला आम स्थित करबला पहुंचा। करबला के शहीदों की याद में मजलिस की गई। हजरत इमाम की शान में मरसिये पढ़कर अपना खिराजे अकीदत पेश किया। अकीदतमंदों ने शहीदान ए करबला में कुर्बानियों को याद किया और मातम किया। जुलूस में शब्बू, शारिक, हसन जहीर आदि ने नोहे ख्वानी करके गमे हुसैन में अपनी अकीदत पेश की। जुलूस में शान-ए-हैदर, शारिक हुसैन, हसन जहीर, चाहत हुसैन, राहत जैदी, जफर अब्बास, लड्डन जाफरी, कमर अब्बास, कौसर अब्बास, फरहान, समर, शहनशाह आदि मौजूद रहे।
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चरौरा क्षेत्र के गांव चरौरा मुस्ताफाबाद और पर्वाना में ताजिये का जुलूस निकाला गया। इशरा अंसारी, पूर्व प्रधान मंजूर अहमद, इस्लाम खां, हाजी आरिफ, जाकिर, चांद खां, रजा मोहम्मद आदि मौजूद रहे। सराय छबीला में सबीहे दुलदुल घोड़े का जुलूस सभी ताजियों के साथ निकाला गया। इस मौके पर नईम अहमद सिद्दीकी, वारिश अली, दिलशाद पठान, बाबर अली, जहीर अहमद, नईे अख्तर आदि शामिल रहे।
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जहांगीराबाद के अंसारियान से शुरू हुए जुलूस में अंजुमन हुसैनी अंसारियान और अंजुमन अब्बासी जामा मस्जिद की सुन्नी जमातों ने मोहर्रम कमेटी के संरक्षक व पूर्व चेयरमैन साबिर अली अंसारी व प्रबंधक बुंदु के दिशा निर्देशन में सोगवारों ने मातम किया।
बुगरासी में ताजिये का जुलूस चांदनी चौक से शुरू हुआ, जो सब्जी मंडी, शनि बाजार, मंगल बाजार, व्यापारियान आदि से होता हुआ करबला पर समाप्त हुआ।
स्याना में जुलूस राईन अखाड़ा के उस्ताद खलीफा इलियास, अखाड़ा काजी खेल मुंशी कदीर, अखाड़ा कुरैशियान के उस्ताद रशीद, अखाड़ा अल्ली खां का चौक के उस्ताद भोलू खां की देखरेख में निकाला गया।
औरंगाबाद में जुलूस सदर बाजार, नई बस्ती, पवसरा रोड आदि स्थानों से होता हुआ स्याना रोड स्थित करबला पर पहुंचकर संपन्न हुआ। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद हिमायत अली, हसनैन अब्बास नकवी, हुसैन अब्बास, डा. मंजूर हसन जैदी, सलमान हैदर, अली हुजूर, हुसैन अहमद, शाहिद मौजूद रहे।
डिबाई में जुलूस मोहल्ला शाह विलायत से शुरू हो कर कस्सावान, शेखम चिश्ती, शेखान, पुलिस चौकी, सर्राफा, बुरा गली होता हुआ करबला पर जा कर समाप्त हुआ। अनूपशहर में शिवचौक से शुरू हुआ ताजियों का जलूस मुख्य बाजार से होता हुआ करबला में जाकर ताजियों के दफन के साथ संपन्न हुआ।