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फीस दी, अटेंडेंस पूरी, सेशनल एग्जाम दिया, अब एडमिशन कैंसिल
Bulandshahr
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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खुर्जा। शिवम टेक्निकल कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के कारण एमबीए के दलित स्टूडेंट का भविष्य अधर में लटक गया है। छात्र ने अगस्त में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद प्रवेश की फीस जमा कराई थी, लेकिन सेशनल एग्जाम के बाद उसे पता चला है कि कॉलेज में एडमिशन ही नहीं है। परेशान छात्र ने डीएम से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
सीकरी निवासी प्रेमपाल पुत्र हरीश चंद ने 24 अगस्त को जंक्शन मार्ग स्थित शिवम टेक्निकल कॉलेज मे एमबीए में प्रवेश के लिए रजिस्ट्र्र्रेशन कराया था। इससे पूर्व उसने तीन वर्षीय होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी किया था। प्रेमपाल ने बताया शिवम टेक्निकल कॉलेज में रजिस्ट्र्रेशन के कुछ दिनों बाद एडमिशन फीस जमा कराने के लिए फोन आया। इस पर उसने 25 सितंबर को तीन हजार रुपये फीस जमा कराई और कॉलेज में क्लास अटेंड करता रहा। छात्र ने कॉलेज में सेशनल एग्जाम भी दिया, लेकिन अब उसे पता चला कि कॉलेज में एडमिशन ही नहीं है। अब छात्र ने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, कॉलेज प्रशासन के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि जब उसके पास डिग्री नहीं थी तो एडमिशन कैसे दे दिया और उसे सेशनल एग्जाम में बैठने की अनुमति किसने दी।
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सीकरी निवासी प्रेमपाल पुत्र हरीश चंद ने 24 अगस्त को जंक्शन मार्ग स्थित शिवम टेक्निकल कॉलेज मे एमबीए में प्रवेश के लिए रजिस्ट्र्र्रेशन कराया था। इससे पूर्व उसने तीन वर्षीय होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी किया था। प्रेमपाल ने बताया शिवम टेक्निकल कॉलेज में रजिस्ट्र्रेशन के कुछ दिनों बाद एडमिशन फीस जमा कराने के लिए फोन आया। इस पर उसने 25 सितंबर को तीन हजार रुपये फीस जमा कराई और कॉलेज में क्लास अटेंड करता रहा। छात्र ने कॉलेज में सेशनल एग्जाम भी दिया, लेकिन अब उसे पता चला कि कॉलेज में एडमिशन ही नहीं है। अब छात्र ने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, कॉलेज प्रशासन के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि जब उसके पास डिग्री नहीं थी तो एडमिशन कैसे दे दिया और उसे सेशनल एग्जाम में बैठने की अनुमति किसने दी।
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