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बिजली पर फूटा गुस्सा, जेई को बनाया बंधक
Bulandshahr
Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
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12 गांवों के सैकड़ों किसानों ने घेरा पवसरा बिजलीघर
तीन सब स्टेशनों को प्रथम खंड बुलंदशहर डिवीजन से हटाए जाने पर हैं क्षुब्ध
औरंगाबाद। बिजली किल्लत को लेकर दो दर्जन गांवों के सैकड़ों किसानों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। किसानों पवसरा बिजलीघर का घेराव कर जेई समेत तीन कर्मचारियों को बंधक बना लिया। बाद में पहुंचे अधिशासी अभियंता के आश्वासन पर ही जेई और कर्मचारी रिहा हुए।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे किसान सभा के राज्य कमेटी के सदस्य चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान पवसरा बिजली घर पहुंचे। बिजली समस्या को लेकर सभी किसान वहां धरने पर बैठ गए और वहां मौजूद जेई कपिल कुमार शर्मा और तीन कर्मचारियों को बंधक बना लिया। किसान सभा के क्षेत्रीय अध्यक्ष जगवीर सिंह ने कहा कि अकबरपुर रैना, पवसरा और पिपाला सब स्टेशनों को प्रथम खंड बुलंदशहर से हटाकर स्याना डिविजन से जोड़ दिया गया है। जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने इन स्टेशनों को बुलंदशहर से जोड़ने की मांग की है। धरने की सूचना पर अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा मौके पर पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। किसान सभा ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन दिया। वहां किसानों ने निर्णय लिया कि यदि 27 जून तक समस्या हल नहीं हुई तो 28 जून से पवसरा बिजलीघर पर बेमियादी धरना देंगे। धरने की अध्यक्षता जगत सिंह और संचालन ओमप्रकाश सिंह ने किया। वहां प्रेमराज सिंह, महेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, सतवीर सिंह, राजवीर सिंह, जगत सिंह, चंद्रपाल सिंह, कैलाश सिंह, दाताराम, अनिल कुमार, श्यौदान सिंह, अजय कुमार, इंद्रजीत सिंह, मनोज कुमार, रतन सिंह, राजबहादुर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
तीन दिन से अंधेरे में 50 गांव
सिकंदराबाद/रबूपुरा। रबूपुरा बिजली उपकेंद्र फुंकने से ग्रेटर नोएडा और ककोड़ क्षेत्र के करीब 50 गांव अंधेरे में डूबे हैं। तीन दिन बाद भी पावर हाउस ठीक नहीं किया गया है। इससे भारत किसान यूनियन के सदस्यों ने बैठक कर विरोध जताया। भाकियू पदाधिकारियों का कहना है किअफसरों ने तीन दिन की मोहलत मांगी थी, लेकिन अब तक रबूपुरा पावर हाउस से बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। किसानों का कहना है कि बिजली नहीं मिलने से सिंचाई नही हो पा रही है। ज्ञात हो कि तीन दिन पहले रबूपुरा बिजली उपकेंद्र का ट्रासफार्मर हीट होने से पावर हाउस फुंक गया था। उधर, सिकंदराबाद में 15 घंटे से अधिक की बिजली कट होने से लोगों में गुस्सा है। बिजली कटौती से नगर के कई इलाकों में पेयजल संकट पैदा हो गया है।
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चिंगरावली में दो ट्रांसफार्मर फुंके, आपूर्ति ठप
जहांगीरपुर। गांव चिंगरावली की दलित बस्ती का ट्रांसफार्मर दो सप्ताह से फुंका पड़ा है। मंगलवार शाम गांव का दूसरा ट्रांसफार्मर भी फुंक गया। इससे गांव की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर जल्द सुधराए न जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। चिंगरावली के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बिजली जबरदस्त किल्लत है। गांव का दूसरा ट्रांसफार्मर भी मंगलवार को फुंक गया। दलित बस्ती के उपभोक्ताओं ने निगम के कर्मचारियों से शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। भीषण गर्मी के कारण लोगों का बिना बिजली के घर में रहना दुश्वार हो गया है। आंदोलन धमकी देने वालों में सुजीत, राजू, पवन, दिलीप कुमार, संतोष, रवि सिंह, सचिन, राजकुमार, अजय आदि लोग शामिल हैं।
शिकारपुर को मिलेगी डबल ग्रुप में बिजली
शिकारपुर। बिजली किल्लत से जूझ रहे क्षेत्रवासियों के लिये खुशी की खबर है। शिकारपुर क्षेत्र को 12 घंटे डबल ग्रुप में विद्युत आपूर्ति के आदेश दिये गये हैं। विधायक मुकेश शर्मा की पैरवी से शिकारपुर क्षेत्र को 16 घंटे बिजली डबल ग्रुप की आपूर्ति के आदेश हुये थे, लेकिन बिजली की किल्लत के चलते यह आदेश 12 घंटे की आपूर्ति में बदल गये थे। कई दिन पूर्व फिर आदेशों में परिवर्तन हुआ और क्षेत्र को देहात के हिसाब से ही बिजली आपूर्ति के आदेश हुए हैं। विधायक मुकेश शर्मा ने बताया कि 12 घंटे बिजली डबल ग्रुप में मिलेगी।
30 जून के बाद 24 घंटे बिजली
शिकारपुर। विधायक मुकेश शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर डिबाई और शिकारपुर क्षेत्र को नो कट ऑफ जोन में शामिल कर लिया गया है। जिसके बाद दोनों क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति के आदेश जारी किए जा चुके हैं। चूंकि डिबाई क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति नरौरा परमाणु संस्थान से की जाती है, इसलिये वहां आदेश तुरंत प्रभावी हो चुके हैं। जबकि शिकारपुर क्षेत्र को 30 जून के बाद 24 घंटे बिजली मिलेगी।
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तीन सब स्टेशनों को प्रथम खंड बुलंदशहर डिवीजन से हटाए जाने पर हैं क्षुब्ध
औरंगाबाद। बिजली किल्लत को लेकर दो दर्जन गांवों के सैकड़ों किसानों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। किसानों पवसरा बिजलीघर का घेराव कर जेई समेत तीन कर्मचारियों को बंधक बना लिया। बाद में पहुंचे अधिशासी अभियंता के आश्वासन पर ही जेई और कर्मचारी रिहा हुए।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे किसान सभा के राज्य कमेटी के सदस्य चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान पवसरा बिजली घर पहुंचे। बिजली समस्या को लेकर सभी किसान वहां धरने पर बैठ गए और वहां मौजूद जेई कपिल कुमार शर्मा और तीन कर्मचारियों को बंधक बना लिया। किसान सभा के क्षेत्रीय अध्यक्ष जगवीर सिंह ने कहा कि अकबरपुर रैना, पवसरा और पिपाला सब स्टेशनों को प्रथम खंड बुलंदशहर से हटाकर स्याना डिविजन से जोड़ दिया गया है। जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने इन स्टेशनों को बुलंदशहर से जोड़ने की मांग की है। धरने की सूचना पर अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा मौके पर पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। किसान सभा ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन दिया। वहां किसानों ने निर्णय लिया कि यदि 27 जून तक समस्या हल नहीं हुई तो 28 जून से पवसरा बिजलीघर पर बेमियादी धरना देंगे। धरने की अध्यक्षता जगत सिंह और संचालन ओमप्रकाश सिंह ने किया। वहां प्रेमराज सिंह, महेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह, सतवीर सिंह, राजवीर सिंह, जगत सिंह, चंद्रपाल सिंह, कैलाश सिंह, दाताराम, अनिल कुमार, श्यौदान सिंह, अजय कुमार, इंद्रजीत सिंह, मनोज कुमार, रतन सिंह, राजबहादुर सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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तीन दिन से अंधेरे में 50 गांव
सिकंदराबाद/रबूपुरा। रबूपुरा बिजली उपकेंद्र फुंकने से ग्रेटर नोएडा और ककोड़ क्षेत्र के करीब 50 गांव अंधेरे में डूबे हैं। तीन दिन बाद भी पावर हाउस ठीक नहीं किया गया है। इससे भारत किसान यूनियन के सदस्यों ने बैठक कर विरोध जताया। भाकियू पदाधिकारियों का कहना है किअफसरों ने तीन दिन की मोहलत मांगी थी, लेकिन अब तक रबूपुरा पावर हाउस से बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। किसानों का कहना है कि बिजली नहीं मिलने से सिंचाई नही हो पा रही है। ज्ञात हो कि तीन दिन पहले रबूपुरा बिजली उपकेंद्र का ट्रासफार्मर हीट होने से पावर हाउस फुंक गया था। उधर, सिकंदराबाद में 15 घंटे से अधिक की बिजली कट होने से लोगों में गुस्सा है। बिजली कटौती से नगर के कई इलाकों में पेयजल संकट पैदा हो गया है।
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चिंगरावली में दो ट्रांसफार्मर फुंके, आपूर्ति ठप
जहांगीरपुर। गांव चिंगरावली की दलित बस्ती का ट्रांसफार्मर दो सप्ताह से फुंका पड़ा है। मंगलवार शाम गांव का दूसरा ट्रांसफार्मर भी फुंक गया। इससे गांव की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। गुस्साए ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर जल्द सुधराए न जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। चिंगरावली के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बिजली जबरदस्त किल्लत है। गांव का दूसरा ट्रांसफार्मर भी मंगलवार को फुंक गया। दलित बस्ती के उपभोक्ताओं ने निगम के कर्मचारियों से शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। भीषण गर्मी के कारण लोगों का बिना बिजली के घर में रहना दुश्वार हो गया है। आंदोलन धमकी देने वालों में सुजीत, राजू, पवन, दिलीप कुमार, संतोष, रवि सिंह, सचिन, राजकुमार, अजय आदि लोग शामिल हैं।
शिकारपुर को मिलेगी डबल ग्रुप में बिजली
शिकारपुर। बिजली किल्लत से जूझ रहे क्षेत्रवासियों के लिये खुशी की खबर है। शिकारपुर क्षेत्र को 12 घंटे डबल ग्रुप में विद्युत आपूर्ति के आदेश दिये गये हैं। विधायक मुकेश शर्मा की पैरवी से शिकारपुर क्षेत्र को 16 घंटे बिजली डबल ग्रुप की आपूर्ति के आदेश हुये थे, लेकिन बिजली की किल्लत के चलते यह आदेश 12 घंटे की आपूर्ति में बदल गये थे। कई दिन पूर्व फिर आदेशों में परिवर्तन हुआ और क्षेत्र को देहात के हिसाब से ही बिजली आपूर्ति के आदेश हुए हैं। विधायक मुकेश शर्मा ने बताया कि 12 घंटे बिजली डबल ग्रुप में मिलेगी।
30 जून के बाद 24 घंटे बिजली
शिकारपुर। विधायक मुकेश शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर डिबाई और शिकारपुर क्षेत्र को नो कट ऑफ जोन में शामिल कर लिया गया है। जिसके बाद दोनों क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति के आदेश जारी किए जा चुके हैं। चूंकि डिबाई क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति नरौरा परमाणु संस्थान से की जाती है, इसलिये वहां आदेश तुरंत प्रभावी हो चुके हैं। जबकि शिकारपुर क्षेत्र को 30 जून के बाद 24 घंटे बिजली मिलेगी।