{"_id":"16103","slug":"Bulandshahr-16103-110","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायरिया के 40 पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायरिया के 40 पीड़ित
Bulandshahr
Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
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बुलंदाश्हर। बढ़ती गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित मरीजों में खासा इजाफा हुआ। एक ही दिन में डायरिया से पीड़ित 40 लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे। इनमें ज्यादातर बच्चे थे। ओपीडी में मरीजों की भीड़ रही लेकिन हमेशा की तरह डॉक्टर नदारद रहे। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम का मिजाज बदल रहा है। अस्पताल में आ रहे मरीजों में डायरिया और मलेरिया पीड़ित ज्यादा हैं। पिछले एक सप्ताह से तापमान अचानक बढ़ी है।
जिला अस्पताल में पहुंचे डायरिया के मरीजों में से पांच को भर्ती कर लिया गया है। अन्य को दवा देकर वापस भेज दिया गया। भर्ती मरीजों में लालतालाब निवासी फैजान, सरायधारी निवासी माज, रूकनसराय निवासी रजिया और गांव रेना निवासी पुष्पेंद्र हैं।
खुले में बिक रहे पेय पदार्थ से बचें
बुलंदशहर। सड़क पर चलते हुए गर्मी महसूस होने पर ठंडा पीना, मैंगो शेक अथवा जूस पीना सेहत पर भारी पड़ रहा है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजीव मित्तल का कहना है कि रास्ते में खुले तौर पर रखे फल, जूस और मैंगोशेक आदि का प्रयोग करने से गर्मी से राहत मिलने के बजाए सेहत को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पेट, लीवर, किडनी पर इनका बुरा प्रभाव पड़ता है। इन पेय पदार्थों में गंदे बर्फ का उपयोग किया जाता है। गंदी बर्फ में जीवाणु मरते नहीं बल्कि फ्रीज होकर सुरक्षित हो जाते हैं। शरीर के सामान्य तापमान में पहुंचकर वे रोग पैदा कर रहे हैं।
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खतरनाक हैं बैक्टीरिया
सड़कों पर मिलने वाले जूस में स्टेफ्लोकोकस, ग्राम निगेटिव, ग्राम पॉजिटिव आदि खतरनाक बैक्टीरिया शरीर में पहुंचकर स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं। इनसे हैजा, पीलिया, टाइफाइड और पेट से जुड़ी कई बीमारियां होती हैं।
सेहत का रखें ख्याल
चिकित्सक अशोक कुमार का कहना है कि मौसम में परिवर्तन से मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस मौसम में बच्चों को ज्यादा परेशानी होती है।
बुखार का कहर जारी
पहासू (खुर्जा)। पहासू क्षेत्र में बुखार का कहर जारी है। मंगलवार को कक्षा 7 की छात्रा 13 वर्षीय अंजलि ने बुखार के कारण दम तोड़ दिया। पठान तौला कॉलोनी में बुखार से दस से ज्यादा बच्चे बीमार हैं। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया। पहासू के पठान तौला कॉलोनी निवासी पप्पन की 13 वर्षीय बच्ची को पांच मई को बुखार होने पर सीएचसी केंद्र पर उपचार कराया था। तबीयत ठीक न होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे छह मई को अलीगढ़ रेफर किया, जहां से दिल्ली रेफर किया गया था।पठान तौला कालोनी में करीब दस बच्चे बुखार से पीड़ित स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती हैं। कॉलोनी के प्रियंका (13), कल्पना (15), शबनम (9), शाहिद (19), तलहा (9), जय (8), पूजा (7) और अखिलेश (9) स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। सीएचसी प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि अंजलि टीबी से पीड़ित थी। स्वास्थ्य केंद्र पर अन्य बच्चे बुखार से पीड़ित भर्ती हुए हैं। सभी का उपचार किया जा रहा है। सीएमओ डा. एचएस दानू ने बताया कि अंजलि की मौत का कारण टीबी बिगड़ने का है। मामले की जांच कराई जा रही है।
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जिला अस्पताल में पहुंचे डायरिया के मरीजों में से पांच को भर्ती कर लिया गया है। अन्य को दवा देकर वापस भेज दिया गया। भर्ती मरीजों में लालतालाब निवासी फैजान, सरायधारी निवासी माज, रूकनसराय निवासी रजिया और गांव रेना निवासी पुष्पेंद्र हैं।
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खुले में बिक रहे पेय पदार्थ से बचें
बुलंदशहर। सड़क पर चलते हुए गर्मी महसूस होने पर ठंडा पीना, मैंगो शेक अथवा जूस पीना सेहत पर भारी पड़ रहा है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. राजीव मित्तल का कहना है कि रास्ते में खुले तौर पर रखे फल, जूस और मैंगोशेक आदि का प्रयोग करने से गर्मी से राहत मिलने के बजाए सेहत को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पेट, लीवर, किडनी पर इनका बुरा प्रभाव पड़ता है। इन पेय पदार्थों में गंदे बर्फ का उपयोग किया जाता है। गंदी बर्फ में जीवाणु मरते नहीं बल्कि फ्रीज होकर सुरक्षित हो जाते हैं। शरीर के सामान्य तापमान में पहुंचकर वे रोग पैदा कर रहे हैं।
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खतरनाक हैं बैक्टीरिया
सड़कों पर मिलने वाले जूस में स्टेफ्लोकोकस, ग्राम निगेटिव, ग्राम पॉजिटिव आदि खतरनाक बैक्टीरिया शरीर में पहुंचकर स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं। इनसे हैजा, पीलिया, टाइफाइड और पेट से जुड़ी कई बीमारियां होती हैं।
सेहत का रखें ख्याल
चिकित्सक अशोक कुमार का कहना है कि मौसम में परिवर्तन से मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस मौसम में बच्चों को ज्यादा परेशानी होती है।
बुखार का कहर जारी
पहासू (खुर्जा)। पहासू क्षेत्र में बुखार का कहर जारी है। मंगलवार को कक्षा 7 की छात्रा 13 वर्षीय अंजलि ने बुखार के कारण दम तोड़ दिया। पठान तौला कॉलोनी में बुखार से दस से ज्यादा बच्चे बीमार हैं। सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया। पहासू के पठान तौला कॉलोनी निवासी पप्पन की 13 वर्षीय बच्ची को पांच मई को बुखार होने पर सीएचसी केंद्र पर उपचार कराया था। तबीयत ठीक न होने पर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे छह मई को अलीगढ़ रेफर किया, जहां से दिल्ली रेफर किया गया था।पठान तौला कालोनी में करीब दस बच्चे बुखार से पीड़ित स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती हैं। कॉलोनी के प्रियंका (13), कल्पना (15), शबनम (9), शाहिद (19), तलहा (9), जय (8), पूजा (7) और अखिलेश (9) स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। सीएचसी प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि अंजलि टीबी से पीड़ित थी। स्वास्थ्य केंद्र पर अन्य बच्चे बुखार से पीड़ित भर्ती हुए हैं। सभी का उपचार किया जा रहा है। सीएमओ डा. एचएस दानू ने बताया कि अंजलि की मौत का कारण टीबी बिगड़ने का है। मामले की जांच कराई जा रही है।