किसानों से गेहूं बिक्री के चेक लेकर हो रही ऋण वसूली

Bulandshahr Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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बुलंदशहर । किसानों पर फंसा लोन का पैसा निकालने के लिए सहकारी समितियों ने सीसीआर (क्रेडिट कंट्रोल रिकवरी) का सहारा लिया है। समितियों के अधिकारी गेहूं बेच रहे किसानों पर नजरें जमाए हैं। गेहूं बेचने के बाद किसानों को चेक मिलते ही समितियों के अधिकारी किसानों से चेक ले रहे हैं। इस सीसीआर प्रणाली के माध्यम से समितियों की लाखों की ऋण वसूली हो चुकी है।
चुनाव से पहले ऋण माफी की घोषणा के चलते किसानों ने फसली ऋण को अदा करने से किनारा कर लिया था। सहकारी समितियों और बैंक का करोड़ों रुपया किसानों पर बकाया है। ऐसे में इस ऋण को वसूल करने के लिए समितियों ने अब सीसीआर (नियंत्रित ऋण वसूली) का सहारा लेना शुरू कर दिया है। सहकारी समितियों के अधिकारी ऐसे किसानों के संपर्क में है जिन पर फसली ऋण बकाया है। क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों के साथ ही अधिकारी भी पहुंच रहे हैं। किसानों को मिलने वाले चेक पर अधिकारी उनसे लिखवाकर ले लेते हैं कि चेक का भुगतान किसान के लोन खाते में कर दिया जाए। एआर कॉपरेटिव एनके गुप्ता का कहना है कि सीसीआर के तहत अब तक 100 से ज्यादा किसानों से वसूली हो चुकी है। सीसीआर से लगभग 50 लाख की रिकवरी कर ली गई है।

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