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अनलॉक-टू के दौरान जिले में निकले 762 कोरोना संक्रमित
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अनलॉक-टू के दौरान जिले में मिले 762 कोरोना संक्रमित
बुलंदशहर। अनलॉक-थ्री की शनिवार से शुरुआत हो चुकी है। जनपद में अब तक 1369 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। अनलॉक-टू के दौरान जिले में 762 संक्रमण के केस बढ़ गए। जबकि, अनलॉक-वन में 480 संक्रमण के केस मिले थे। सरकार से मिली छूट के बाद लोगों ने जमकर नियमों का उल्लंघन किया। इससे जनपद में कोरोना की रफ्तार पहले से डेढ़ गुना से अधिक हो गई। औसत के अनुसार अनलॉक 2.0 में जनपद में प्रतिदिन 26 मरीज बढ़े हैं। वहीं ठीक होने वाले मरीजों का ग्राफ भी पहले की अपेक्षा बेहतर रहा है।
अनलॉक 2.0 एक जुलाई से शुरू होकर 31 जुलाई को समाप्त हो गया। इस दौरान जनपद में 762 मरीज बढ़ गए। हालांकि अनलॉक 1.0 में 480 और 68 दिन तक चले लॉकडाउन के दौरान मात्र 127 मरीज सामने आए थे। अनलॉक 2.0 के शुरू होते ही तेजी से बढ़ी संख्या ने स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है, जिसका कारण अनलॉक-टू के दौरान लोगों द्वारा लापरवाही बरतना रहा, जिससे जनपद में कोरोना ने तेजी से पैर पसारे। जुलाई माह में जिले में प्रतिदिन कोरोना संबंधित मरीज मिले। वहीं, लॉकडाउन के दौरान कोरोना मरीजों से दूर रहे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ा। वहीं, अब शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना ने पैर पसारना शुरू कर दिया। अनलॉक-टू के दौरान जनपद के नए ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज मिलने पर ग्रामीण भी सहम गए हैं।
इनसेट =
लॉकडाउन के आंकड़े =
पहला लॉकडाउन - 21 दिन - 13 संक्रमित
दूसरा लॉकडाउन - 19 दिन - 44 संक्रमित
तीसरा लॉकडाउन - 14 दिन - 23 संक्रमित
चौथा लॉकडाउन - 14 दिन - 47 संक्रमित
अनलॉक-वन - 30 दिन - 480 संक्रमित
अनलॉक-टू - 31 दिन - 762 संक्रमित
अनलॉक-टू में कम हुई मौत
68 दिन के लॉकडाउन के दौरान जनपद में जहां दो संक्रमितों की मौत हुई। वहीं, एक जून से शुरू हुए अनलॉक-वन के दौरान 18 लोगों की मौत हुई। जबकि, अनलॉक-टू में 14 लोगों की मौत हुई। कुछ लोगों की मौत होने के बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी रहे जो देरी से उपचार कराने के कारण शिकार बने।
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इनसेट =
रिकवरी रेट में भी हुई बढ़ोत्तरी
कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में जहां 127 संक्रमितों की पुष्टि हुई। वहीं दो मरीजों की मौत और 83 लोग डिस्चार्ज होकर घर को लौटे। इसके बाद एक जून से शुरू हुए अनलॉक-वन के दौरान 480 संक्रमितों की पुष्टि हुई। जिसमें 18 की मौत और 353 लोग ठीक हुए। वहीं, एक जुलाई से शुरू हुए अनलॉक-टू के दौरान 844 संक्रमितों की पुष्टि हुई। जिसमें 14 की मौत और 635 अब तक डिस्चार्ज हो चुके हैं। 31 जुलाई तक जनपद में टोटल संक्रमित जहां 1369 मिले, जिसमें अब तक 34 की मौत और 1071 लोग डिस्चार्ज हो चुके है और शेष 264 का विभिन्न कोविड-19 अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
कोट =
जनपद में कोरोना की टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई गई तो मरीज भी अधिक संख्या में सामने आए। बाहर से जनपद आए लोगों के साथ जनपद के लोगों का बाहर से आवागमन होने पर भी संक्रमण की पुष्टि हुई। साथ ही ठीक होने वालों की संख्या भी बढ़ी है। जनपद का कोरोना रिकवरी रेट 77 के करीब है।
- डॉ. रोहताश यादव, एसीएमओ/नोडल अधिकारी
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बुलंदशहर। अनलॉक-थ्री की शनिवार से शुरुआत हो चुकी है। जनपद में अब तक 1369 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। अनलॉक-टू के दौरान जिले में 762 संक्रमण के केस बढ़ गए। जबकि, अनलॉक-वन में 480 संक्रमण के केस मिले थे। सरकार से मिली छूट के बाद लोगों ने जमकर नियमों का उल्लंघन किया। इससे जनपद में कोरोना की रफ्तार पहले से डेढ़ गुना से अधिक हो गई। औसत के अनुसार अनलॉक 2.0 में जनपद में प्रतिदिन 26 मरीज बढ़े हैं। वहीं ठीक होने वाले मरीजों का ग्राफ भी पहले की अपेक्षा बेहतर रहा है।
अनलॉक 2.0 एक जुलाई से शुरू होकर 31 जुलाई को समाप्त हो गया। इस दौरान जनपद में 762 मरीज बढ़ गए। हालांकि अनलॉक 1.0 में 480 और 68 दिन तक चले लॉकडाउन के दौरान मात्र 127 मरीज सामने आए थे। अनलॉक 2.0 के शुरू होते ही तेजी से बढ़ी संख्या ने स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी है, जिसका कारण अनलॉक-टू के दौरान लोगों द्वारा लापरवाही बरतना रहा, जिससे जनपद में कोरोना ने तेजी से पैर पसारे। जुलाई माह में जिले में प्रतिदिन कोरोना संबंधित मरीज मिले। वहीं, लॉकडाउन के दौरान कोरोना मरीजों से दूर रहे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ा। वहीं, अब शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी कोरोना ने पैर पसारना शुरू कर दिया। अनलॉक-टू के दौरान जनपद के नए ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज मिलने पर ग्रामीण भी सहम गए हैं।
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इनसेट =
लॉकडाउन के आंकड़े =
पहला लॉकडाउन - 21 दिन - 13 संक्रमित
दूसरा लॉकडाउन - 19 दिन - 44 संक्रमित
तीसरा लॉकडाउन - 14 दिन - 23 संक्रमित
चौथा लॉकडाउन - 14 दिन - 47 संक्रमित
अनलॉक-वन - 30 दिन - 480 संक्रमित
अनलॉक-टू - 31 दिन - 762 संक्रमित
अनलॉक-टू में कम हुई मौत
68 दिन के लॉकडाउन के दौरान जनपद में जहां दो संक्रमितों की मौत हुई। वहीं, एक जून से शुरू हुए अनलॉक-वन के दौरान 18 लोगों की मौत हुई। जबकि, अनलॉक-टू में 14 लोगों की मौत हुई। कुछ लोगों की मौत होने के बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी रहे जो देरी से उपचार कराने के कारण शिकार बने।
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रिकवरी रेट में भी हुई बढ़ोत्तरी
कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में जहां 127 संक्रमितों की पुष्टि हुई। वहीं दो मरीजों की मौत और 83 लोग डिस्चार्ज होकर घर को लौटे। इसके बाद एक जून से शुरू हुए अनलॉक-वन के दौरान 480 संक्रमितों की पुष्टि हुई। जिसमें 18 की मौत और 353 लोग ठीक हुए। वहीं, एक जुलाई से शुरू हुए अनलॉक-टू के दौरान 844 संक्रमितों की पुष्टि हुई। जिसमें 14 की मौत और 635 अब तक डिस्चार्ज हो चुके हैं। 31 जुलाई तक जनपद में टोटल संक्रमित जहां 1369 मिले, जिसमें अब तक 34 की मौत और 1071 लोग डिस्चार्ज हो चुके है और शेष 264 का विभिन्न कोविड-19 अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
कोट =
जनपद में कोरोना की टेस्टिंग की संख्या बढ़ाई गई तो मरीज भी अधिक संख्या में सामने आए। बाहर से जनपद आए लोगों के साथ जनपद के लोगों का बाहर से आवागमन होने पर भी संक्रमण की पुष्टि हुई। साथ ही ठीक होने वालों की संख्या भी बढ़ी है। जनपद का कोरोना रिकवरी रेट 77 के करीब है।
- डॉ. रोहताश यादव, एसीएमओ/नोडल अधिकारी