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Bulandshahar News: बिना सहमति के खाते से ट्रांसफर किए 75 हजार, करने होंगे वापस
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बुलंदशहर। बिना अनुमति के ग्राहक के खाते से 75 हजार रुपये की धनराशि अन्य खाते में भेजने पर उपभोक्ता आयोग ने बैंक पर जुर्माना लगाया है। आयोग के अध्यक्ष ने आदेश दिए हैं कि 45 दिन के अंदर 75 हजार रुपये मय ब्याज के पीड़ित को वापस किए जाएं और वाद व्यय के साथ मानसिक क्षतिपूर्ति की धनराशि भी दी जाए।
जिला उपभोक्ता आयोग के जन सूचना अधिकारी शेखर वर्मा ने बताया कि खुर्जा के गांव क्योली निवासी रामवीर सिंह ने शिकायत देकर बताया कि उनका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। उन्होंने बैंक से 24 सितंबर 2015 को एक लाख रुपये का लोन लिया था। आरोप है कि उनकी बिना सहमति के बैंक अधिकारियों ने 30 नवंबर 2016 को ऋण खाते से 75 हजार रुपये पहले बचत खाते में ट्रांसफर किए और फिर उक्त धनराशि को अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिया। इसके लिए अधिकारियों ने उन्हें कोई जानकारी भी नहीं दी। बताया कि उन्होंने अपने लोन को चुकाने के लिए 1.64 लाख रुपये जमा कर दिए। आरोप है कि इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से बैंक ने दो लाख रुपये मय ब्याज के जमा करने का नोटिस भेजा। इसके बाद बैंक अधिकारियों से जानकारी की गई तो 75 हजार रुपये अन्य खाते में जमा होने की बात सामने आई। पीड़ित की शिकायत पर उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी, महिला सदस्य नीलम कुमार, सामान्य सदस्य मोहित कुमार त्यागी ने उनके पक्ष को सुना। इसके बाद बैंक की ओर से पैरवी के लिए कोई भी अधिकारी नहीं आया। इसके चलते उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया। साथ ही बैंक को आदेश दिए हैं कि 45 दिन के अंदर रामवीर सिंह को 75 हजार रुपये नौ फीसदी ब्याज के साथ दिया जाए। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 20 हजार और वाद व्यय के लिए 10 हजार रुपये अदा किए जाएं।
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जिला उपभोक्ता आयोग के जन सूचना अधिकारी शेखर वर्मा ने बताया कि खुर्जा के गांव क्योली निवासी रामवीर सिंह ने शिकायत देकर बताया कि उनका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। उन्होंने बैंक से 24 सितंबर 2015 को एक लाख रुपये का लोन लिया था। आरोप है कि उनकी बिना सहमति के बैंक अधिकारियों ने 30 नवंबर 2016 को ऋण खाते से 75 हजार रुपये पहले बचत खाते में ट्रांसफर किए और फिर उक्त धनराशि को अन्य खाते में ट्रांसफर कर दिया। इसके लिए अधिकारियों ने उन्हें कोई जानकारी भी नहीं दी। बताया कि उन्होंने अपने लोन को चुकाने के लिए 1.64 लाख रुपये जमा कर दिए। आरोप है कि इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से बैंक ने दो लाख रुपये मय ब्याज के जमा करने का नोटिस भेजा। इसके बाद बैंक अधिकारियों से जानकारी की गई तो 75 हजार रुपये अन्य खाते में जमा होने की बात सामने आई। पीड़ित की शिकायत पर उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी, महिला सदस्य नीलम कुमार, सामान्य सदस्य मोहित कुमार त्यागी ने उनके पक्ष को सुना। इसके बाद बैंक की ओर से पैरवी के लिए कोई भी अधिकारी नहीं आया। इसके चलते उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया। साथ ही बैंक को आदेश दिए हैं कि 45 दिन के अंदर रामवीर सिंह को 75 हजार रुपये नौ फीसदी ब्याज के साथ दिया जाए। साथ ही मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 20 हजार और वाद व्यय के लिए 10 हजार रुपये अदा किए जाएं।
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