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... रूठा पति तो माना, लेकिन उसकी जिंदगी रुठ गई
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... रूठा पति तो माना, लेकिन रुठ गई उसकी जिंदगी
बुलंदशहर। नाराज पति तो मान गया था, लेकिन चंद घंटे बाद ही पति व बेटी की जिंदगी रूठ गई जिसे अब कोई नहीं मना सकता। मृतक गजेंद्र और करण के परिवार को शुक्रवार की रात कभी न भूलने वाला दर्द दे गई। गजेंद्र के घर की कलह शांत हुई तो हादसे ने जिंदगी भर के लिए गम दे गया। हादसा इतना वीभत्स था कि देखने वाले भी सिहर उठे। मासूम बच्ची का सिर कहीं नजर नहीं आ रहा था, किसी का पैर कटा था तो कोई खून से लथपथ था। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर परिवार के लोग रोते बिलखते बोले की गजेंद्र को मनाने के लिए नेहा अपने बच्चों, मां, भाई, भाई के दोस्त के साथ अपनी ननद के यहां गई थी। सब कुछ ठीक था, पति गजेंद्र को भी नेहा व उसके परिजनों ने मना लिया था, लेकिन किस्मत रुठ गई। कार में सभी लोग खुश थे, लेकिन रात करीब दस बजे अचानक सड़क पर फर्राटा भर रही कार ट्रॉला से टकरा गई। देखते ही देखते कार में बैठे गजेंद्र, पुत्री आरूषी और करण की मौत हो गई। हादसा इतना भयंकर था कि कार की अगली सीट पर पिता की गोद में बैठी आरूषी का सिर गायब हो गया था। हादसे के बाद कार सवार जिंदा बचे लोगों की चीख पुकार निकल गई। सूचना मिलते ही दौड़ी पुलिस ने राहगीरों व स्थानीय लोगों की मदद से कार से सभी को बाहर निकाला था।
दोस्त के साथ गया था करण
हादसे में मृतक करण के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बिलखते परिजनों ने बताया कि करण और गौरव की अच्छी दोस्ती थी। गौरव के कहने पर ही वह गजेंद्र को मनाने के लिए उसके साथ कार से खानपुर के गांव माजरा गया था, लेकिन क्या पता था कि अब उसका शव ही घर पर लौटेगा।
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अभी नेहा को नहीं पता पति और बच्ची की मौत
हादसे में गंभीर रुप से घायल महिला नेहा को अभी यह नहीं बताया गया है कि उसके पति गजेंद्र और चार वर्षीय मासूम बच्ची आरूषी की मौत हो चुकी है। नेहा, दो वर्षीय पुत्र कालू, मां व भाई की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
सड़क पर लग गया था जाम
बुलंदशहर-स्याना रोड पर गांव इमलिया के पास हुए हादसे के बाद जाम की भयावह स्थिति रही। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रॉला व कार को हटाकर मार्ग सुचारू किया।
- हादसे में मारे गए युवक गजेंद्र का हुआ था अपनी पत्नी से विवाद
- पत्नी-बच्चे, ससुराल पक्ष के लोग गजेंद्र को मना कर वापस लौट रहे थे घर
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बुलंदशहर। नाराज पति तो मान गया था, लेकिन चंद घंटे बाद ही पति व बेटी की जिंदगी रूठ गई जिसे अब कोई नहीं मना सकता। मृतक गजेंद्र और करण के परिवार को शुक्रवार की रात कभी न भूलने वाला दर्द दे गई। गजेंद्र के घर की कलह शांत हुई तो हादसे ने जिंदगी भर के लिए गम दे गया। हादसा इतना वीभत्स था कि देखने वाले भी सिहर उठे। मासूम बच्ची का सिर कहीं नजर नहीं आ रहा था, किसी का पैर कटा था तो कोई खून से लथपथ था। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
हादसे के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर परिवार के लोग रोते बिलखते बोले की गजेंद्र को मनाने के लिए नेहा अपने बच्चों, मां, भाई, भाई के दोस्त के साथ अपनी ननद के यहां गई थी। सब कुछ ठीक था, पति गजेंद्र को भी नेहा व उसके परिजनों ने मना लिया था, लेकिन किस्मत रुठ गई। कार में सभी लोग खुश थे, लेकिन रात करीब दस बजे अचानक सड़क पर फर्राटा भर रही कार ट्रॉला से टकरा गई। देखते ही देखते कार में बैठे गजेंद्र, पुत्री आरूषी और करण की मौत हो गई। हादसा इतना भयंकर था कि कार की अगली सीट पर पिता की गोद में बैठी आरूषी का सिर गायब हो गया था। हादसे के बाद कार सवार जिंदा बचे लोगों की चीख पुकार निकल गई। सूचना मिलते ही दौड़ी पुलिस ने राहगीरों व स्थानीय लोगों की मदद से कार से सभी को बाहर निकाला था।
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दोस्त के साथ गया था करण
हादसे में मृतक करण के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बिलखते परिजनों ने बताया कि करण और गौरव की अच्छी दोस्ती थी। गौरव के कहने पर ही वह गजेंद्र को मनाने के लिए उसके साथ कार से खानपुर के गांव माजरा गया था, लेकिन क्या पता था कि अब उसका शव ही घर पर लौटेगा।
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अभी नेहा को नहीं पता पति और बच्ची की मौत
हादसे में गंभीर रुप से घायल महिला नेहा को अभी यह नहीं बताया गया है कि उसके पति गजेंद्र और चार वर्षीय मासूम बच्ची आरूषी की मौत हो चुकी है। नेहा, दो वर्षीय पुत्र कालू, मां व भाई की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
सड़क पर लग गया था जाम
बुलंदशहर-स्याना रोड पर गांव इमलिया के पास हुए हादसे के बाद जाम की भयावह स्थिति रही। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रॉला व कार को हटाकर मार्ग सुचारू किया।
- हादसे में मारे गए युवक गजेंद्र का हुआ था अपनी पत्नी से विवाद
- पत्नी-बच्चे, ससुराल पक्ष के लोग गजेंद्र को मना कर वापस लौट रहे थे घर