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Bulandshahar News: 4.50 लाख किसानों की होगी फार्मर रजिस्ट्री, सम्मान निधि के लिए जरूरी
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बुलंदशहर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्त नई व्यवस्था के तहत किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत सरकार ने किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया है। जिले के 4.50 लाख से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए राजस्व और कृषि विभाग संयुक्त रूप से काम करेंगे। इसकी शुरूआत सोमवार से हो रही है।
कृषि उप निदेशक डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि यह एक बुनियादी रजिस्ट्री होगी। इसमें किसानों का पूरा विवरण दर्ज होगा। किसान रजिस्ट्री किसानों का डिजिटल डाटा बेस होगा। इसमें किसान की यूनिक आईडी बनाई जाएगी। इसके लिए खसरा-खतौनी में दर्ज अभिलेख का उपयोग किया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार यदि कोई किसान या उसका परिवार किसान रजिस्ट्री अभियान के तहत अपना नाम दर्ज नहीं कराता है तो उसे भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त समेत अन्य योजनाओं के लाभ नहीं मिलेगा। यही नहीं एक बार डाटा तैयार होने के बाद भविष्य में किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग से सत्यापन नहीं करवाना होगा। किसानों को इसके माध्यम से योजनाओं का लाभ तो मिलेगा। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों से खेती से संबंधित सलाह भी ले सकेंगे।
फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से विभिन्न फसलों के संभावित उत्पादन एवं वास्तविक उत्पादन के आंकड़े भी आसानी से जुटाए जा सकेंगे। इसके अलावा कृषि उत्पादों का विपणन भी सुविधाजनक होगा। साथ ही किसानों के लिए कृषि ऋण, वित्त सहित अन्य सेवा को सुगमता से उपलब्ध कराना संभव होगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान सोमवार से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि जिले में 4.50 लाख से अधिक किसान हैं। इनमें से चार लाख से अधिक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
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कृषि उप निदेशक डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि यह एक बुनियादी रजिस्ट्री होगी। इसमें किसानों का पूरा विवरण दर्ज होगा। किसान रजिस्ट्री किसानों का डिजिटल डाटा बेस होगा। इसमें किसान की यूनिक आईडी बनाई जाएगी। इसके लिए खसरा-खतौनी में दर्ज अभिलेख का उपयोग किया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार यदि कोई किसान या उसका परिवार किसान रजिस्ट्री अभियान के तहत अपना नाम दर्ज नहीं कराता है तो उसे भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त समेत अन्य योजनाओं के लाभ नहीं मिलेगा। यही नहीं एक बार डाटा तैयार होने के बाद भविष्य में किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग से सत्यापन नहीं करवाना होगा। किसानों को इसके माध्यम से योजनाओं का लाभ तो मिलेगा। साथ ही कृषि वैज्ञानिकों से खेती से संबंधित सलाह भी ले सकेंगे।
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फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से विभिन्न फसलों के संभावित उत्पादन एवं वास्तविक उत्पादन के आंकड़े भी आसानी से जुटाए जा सकेंगे। इसके अलावा कृषि उत्पादों का विपणन भी सुविधाजनक होगा। साथ ही किसानों के लिए कृषि ऋण, वित्त सहित अन्य सेवा को सुगमता से उपलब्ध कराना संभव होगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान सोमवार से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि जिले में 4.50 लाख से अधिक किसान हैं। इनमें से चार लाख से अधिक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
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