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Bulandshahar News: 12 साल में जर्जर हो गए 400 मकान, अब मिलेंगे गरीबों को

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 31 Jul 2023 10:32 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बुलंदशहर।
12 साल से आवंटन के इंतजार में 400 आवास जर्जर हो गए। अब इन आवासों को आवंटित किया जाएगा। इस कदम से अपने सपनों का आशियाना देखने वाले 400 परिवारों का सपना पूरा हो सकेगा। आवंटन से पहले सीएंडडीएस विभाग की ओर से आवासों की मरम्मत की जाएगी। माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक आवासों का आवंटन कर दिया जाएगा।

वर्ष 2011-12 में बसपा सरकार ने गरीबों को आवास देने के लिए वलीपुरा नहर के पास करीब 12 करोड़ की लागत से 400 आवासों का निर्माण कराया था। आवासों का निर्माण पूरा होने के बाद 2012 में सपा, 2017 और 2022 में भाजपा की सरकार बनी लेकिन इन आवासों को आवंटित करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि 2011 में मकानों के लिए आवेदन भी लिए गए लेकिन इन आवेदन पर अभी तक कोई विचार नहीं किया गया है। स्थिति यह रही कि आवंटन और देखरेख न होने के कारण आवास खंडहर हो चुके हैं। आवासों में लगाई गई पानी की टंकी, बिजली की फिटिंग गायब हो चुकी है। हालांकि अब अधिकारी इन आवासों के आवंटन की तैयारी कर रहे हैं। आवासों का आवंटन करने से पहले इनकी मरम्मत के लिए सीएंडडीएस की ओर से कार्य योजना तैयार की जा रही है। मरम्मत के बाद इन आवासों का आवंटन किया जाएगा और 400 बेघर परिवारों को उनके सपनों का आशियाना मिलेगा।
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अवैध रूप से रह रहे हैं सैकड़ों लोग

वलीपुरा नहर के पास बने आवासों का आवंटन भले ही न हुआ है, लेकिन अभी भी सैकड़ों की संख्या में लोग इन आवासों में अवैध रूप से रह रहे हैं। नियम विरुद्ध क्रियाकलापों के चलते कई बार पुलिस की ओर भी इन आवासों में रेड डाली गई है लेकिन इन आवासों को खाली कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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पीपीपी मॉडल पर आवंटन करने पर चल रहा विचार

कांशीराम आवासों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर आवंटित करने पर विचार चल रहा है। शासन की ओर से योजना बनाई जा रही है कि इन आवासों के आवंटन के बाद एक निर्धारित किराया तय किया जाए और इसके बाद आवासों के मेंटीनेंस और रखरखाव की जिम्मेदारी निकाय या फिर निजी संस्था को दी जाए। इन आवासों से वसूले जाने वाले किराए को इनकी मरम्मत और आवासों में रहने वाले लोगों को सुविधा देने पर खर्च किया जाए।


खानपुर में 100 आवासों का अभी तक नहीं किया गया आवंटन
नगर पंचायत क्षेत्र में गरीबों के लिए बनाए गए करीब सौ आवासों के निर्माण को छह साल से अधिक बीत गए हैं, लेकिन अभी तक आवंटित नहीं किया गया है। स्थिति यह है कि नगर पंचायत की ओर से दस लाख से अधिक की धनराशि इनकी मरम्मत पर खर्च की जा चुकी है, लेकिन गरीबों को इन आवासों का लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि जिले में हजारों की संख्या में परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने सपनों के आशियाना के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उन्हें आशियाना नहीं मिला है और वह झोपड़ी या किराए के मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं।



एडीएम प्रशासन डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि आवासों का आवंटन करने से पहले मरम्मत कराई जानी है। जिसके चलते सीएंडडीएस की ओर से मरम्मत का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इन आवासों का आवंटन करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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