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फर्म पर लगाया 40 लाख का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:56 AM IST
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त्वरित विद्युत विकास कार्यक्रम योजना (आरएपीडीआरपी) घोटाले में घिरी फर्म पर शासन के निर्देश पर कार्रवाई हुई है। फर्म पर 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना फर्म के होने वाले भुगतान से ही काटा गया है।
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पावर कारपोरेशन सर्किल प्रथम के खुर्जा, बुलंदशहर और डिबाई खंड में आरएपीडीआरपी योजना के तहत जमकर भ्रष्टाचार हुआ था। कार्यदायी संस्था द्वारा फर्जी बिलों पर भुगतान करा लिया गया। प्रस्तावित जगह के विपरीत काम किए गए।
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पुराने सामान के कई-कई बार बिल पास करा लिए गए। फर्जी तरीके से अवैध कालोनियों में लाइन खींच दी गई। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई थी। इसके बाद ऊर्जा सचिव के निर्देश पर एमडी ने अधीक्षण अभियंता को जांच के निर्देश दिए थे।
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तत्कालीन एक्सईएन टेस्ट रामबाबू ने पूरे मामले की जांच की थी। बताया गया कि जांच में फर्जीवाड़ा पाया गया था। तत्कालीन एक्सईएन टेस्ट ने पूरे मामले की रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को सौंप दी थी, लेकिन रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों तक नहीं भेजा गया था।
आरोप था कि तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ने पूरे मामले की रिपोर्ट दबा ली थी। अब नए अधीक्षण अभियंता ने आरएपीडीआरपी घोटाले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी, जिसके बाद एमडी के निर्देश पर निर्माणदायी फर्म पर 40 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है। फर्म के भुगतान से 40 लाख रुपये काटने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन ने आरएपीडीआरपी घोटाले में फंसी निर्माणदायी संस्था के भुगतान से 40 लाख रुपये काटने के निर्देश दिए हैं। फर्म के कुल भुगतान से 40 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया गया है। - एके सिंह, अधीक्षण अभियंता