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Bulandshahar News: ऋण दिलाने के नाम पर हड़प लिए 3.05 लाख रुपये
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बुलंदशहर। छतारी थाना क्षेत्र के गांव सालाबाद निवासी वृद्ध किसान राजपाल सिंह से पड़ोसी गांव निवासी व्यक्ति ने केसीसी ऋण दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर 3.05 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित के पुत्र ने एसएसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। मामला वर्ष 2018 का है। आरोप है कि पीड़ित कई बार मामले की शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
मुकेश कुमार ने बताया कि उनके पिता राजपाल सिंह की उम्र 76 वर्ष है और वह सांस रोग से पीड़ित हैं। वर्ष 2018 में उन्हें रुपयों की आवश्यकता थी। तभी पड़ोसी गांव निवासी एक व्यक्ति ने उनसे मुलाकात कर खुद को बैंक मित्र बताया। साथ ही उनके पिता को केसीसी ऋण दिलाने के लिए उनकी बैंक से फाइल तैयार कराई। आरोपी उन्हें डिबाई स्थित एक बैंक की शाखा में ले गया, जहां उनके हस्ताक्षर कराए और फोटो खिंचवाकर खाता खुलवा दिया और जल्द ही उसमें लोन की रकम आने की बात कही।
आरोपी ने उनके पिता को बैंक पासबुक नहीं दी। करीब दो माह बाद नवंबर 2018 में उन्हें पासबुक मिली। जिसे देखने पर पता चला कि उनके खाते से केसीसी ऋण के 3.05 लाख रुपये एक अन्य कंपनी के खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। पीड़ित ने बैंक पहुंच कर मामले की शिकायत की। इस दौरान उन्हें जानकारी हुई कि खुद को बैंक मित्र बताने वाले आरोपी ने ही उनके खाते में आई ऋण की रकम को एक अन्य कंपनी में स्थानांतरित करा दिए हैं।
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जिसमें उनके पूर्व से हस्ताक्षरित चेक का भी इस्तेमाल किया गया है। पीड़ित ने इस संबंध में कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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मुकेश कुमार ने बताया कि उनके पिता राजपाल सिंह की उम्र 76 वर्ष है और वह सांस रोग से पीड़ित हैं। वर्ष 2018 में उन्हें रुपयों की आवश्यकता थी। तभी पड़ोसी गांव निवासी एक व्यक्ति ने उनसे मुलाकात कर खुद को बैंक मित्र बताया। साथ ही उनके पिता को केसीसी ऋण दिलाने के लिए उनकी बैंक से फाइल तैयार कराई। आरोपी उन्हें डिबाई स्थित एक बैंक की शाखा में ले गया, जहां उनके हस्ताक्षर कराए और फोटो खिंचवाकर खाता खुलवा दिया और जल्द ही उसमें लोन की रकम आने की बात कही।
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आरोपी ने उनके पिता को बैंक पासबुक नहीं दी। करीब दो माह बाद नवंबर 2018 में उन्हें पासबुक मिली। जिसे देखने पर पता चला कि उनके खाते से केसीसी ऋण के 3.05 लाख रुपये एक अन्य कंपनी के खाते में स्थानांतरित कर दिए गए। पीड़ित ने बैंक पहुंच कर मामले की शिकायत की। इस दौरान उन्हें जानकारी हुई कि खुद को बैंक मित्र बताने वाले आरोपी ने ही उनके खाते में आई ऋण की रकम को एक अन्य कंपनी में स्थानांतरित करा दिए हैं।
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जिसमें उनके पूर्व से हस्ताक्षरित चेक का भी इस्तेमाल किया गया है। पीड़ित ने इस संबंध में कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।