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अब सीएचसी में नहीं फैलेगा बायोमेडिकल वेस्ट
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अब सीएचसी में नहीं फैलेगा बायोमेडिकल वेस्ट
बुलंदशहर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अब बायोमेडिकल वेस्ट इधर-उधर फैला नजर नहीं आएगा। इससे निजात दिलाने के लिए कलेक्शन शेड्स का निर्माण कराया जाएगा। जिले की सभी सीएचसी और बड़ी पीएचसी पर शेड्स बनाए जाएंगे। प्रत्येक पर दो-दो लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
चिकित्सालयों में काफी मेडिकल वेस्ट निकलता है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा एक स्थान निर्धारित किया गया है। यहां से कचरा निस्तारण एजेंसी द्वारा इसे उठा लिया जाता है। जिले के अस्पतालों के बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण गाजियाबाद की एक फर्म करती है। शेड न होने के कारण कर्मचारियों को बायोमेडिकल वेस्ट एकत्रित करने में परेशानी होती थी। साथ ही कुत्ते व अन्य जानवरों द्वारा इसे फैला दिया जाता था। इससे अस्पताल में गंदगी बिखरी रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए एक विशेष कलेक्शन शेड का निर्माण कराया जाएगा। इसमें हर तरह के बायोमेडिकल वेस्ट को रखने के लिए स्थान निर्धारित होगा।
संक्रमण का भी नहीं रहेगा खतरा
बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन शेड्स बनने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण का खतरा नहीं होगा। बायोमेडिकल वेस्ट खुले में पड़े रहने से लोगों में संक्रमण का खतरा बना रहता है। वहीं, निस्तारण कंपनी के न आने की स्थिति में वेस्ट से दुर्गंध उठने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है।
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13 सीएचसी और पांच पीएचसी पर होगा निर्माण
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने प्रदेश के 82 जिला स्तरीय और 822 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन शेड्स निर्माण कराने के लिए आदेश जारी कर दिया है। जिले में जिला स्तरीय अस्पताल और संयुक्त अस्पतालों में शेड्स पहले से बना हुआ है। 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इसका निर्माण कराया जाएगा।
निदेशालय से बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन शेड्स का निर्माण कराने के लिए पत्र आ गया है। एक शेड का निर्माण दो लाख रुपये की लागत से होगा। पहले चरण में 15 केंद्रों पर मानकों के अनुसार निर्माण कार्य कराया जाएगा। सभी के निर्माण कार्य के लिए शासन से बजट आ चुका है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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बुलंदशहर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अब बायोमेडिकल वेस्ट इधर-उधर फैला नजर नहीं आएगा। इससे निजात दिलाने के लिए कलेक्शन शेड्स का निर्माण कराया जाएगा। जिले की सभी सीएचसी और बड़ी पीएचसी पर शेड्स बनाए जाएंगे। प्रत्येक पर दो-दो लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
चिकित्सालयों में काफी मेडिकल वेस्ट निकलता है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा एक स्थान निर्धारित किया गया है। यहां से कचरा निस्तारण एजेंसी द्वारा इसे उठा लिया जाता है। जिले के अस्पतालों के बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण गाजियाबाद की एक फर्म करती है। शेड न होने के कारण कर्मचारियों को बायोमेडिकल वेस्ट एकत्रित करने में परेशानी होती थी। साथ ही कुत्ते व अन्य जानवरों द्वारा इसे फैला दिया जाता था। इससे अस्पताल में गंदगी बिखरी रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए एक विशेष कलेक्शन शेड का निर्माण कराया जाएगा। इसमें हर तरह के बायोमेडिकल वेस्ट को रखने के लिए स्थान निर्धारित होगा।
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संक्रमण का भी नहीं रहेगा खतरा
बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन शेड्स बनने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमण का खतरा नहीं होगा। बायोमेडिकल वेस्ट खुले में पड़े रहने से लोगों में संक्रमण का खतरा बना रहता है। वहीं, निस्तारण कंपनी के न आने की स्थिति में वेस्ट से दुर्गंध उठने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है।
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13 सीएचसी और पांच पीएचसी पर होगा निर्माण
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने प्रदेश के 82 जिला स्तरीय और 822 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन शेड्स निर्माण कराने के लिए आदेश जारी कर दिया है। जिले में जिला स्तरीय अस्पताल और संयुक्त अस्पतालों में शेड्स पहले से बना हुआ है। 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इसका निर्माण कराया जाएगा।
निदेशालय से बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन शेड्स का निर्माण कराने के लिए पत्र आ गया है। एक शेड का निर्माण दो लाख रुपये की लागत से होगा। पहले चरण में 15 केंद्रों पर मानकों के अनुसार निर्माण कार्य कराया जाएगा। सभी के निर्माण कार्य के लिए शासन से बजट आ चुका है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ