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वर्षों से टूटी पेयजल टंकी दे रही हादसों को न्यौता
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वर्षों से टूटी पेयजल टंकी दे रही हादसों को न्यौता
बुलंदशहर। नगर के राजेबाबू पार्क में स्थित पानी की टंकी जर्जर हो चुकी है। जो टंकी कभी भी ध्वस्त हो सकती है। इससे जान-माल की क्षति होने की आशंका है। वहीं, नगरवासियों द्वारा पालिका अफसरों से लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है। बावजूद इसके अफसरों का इस ओर ध्यान नहीं है।
बता दें कि नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए वर्षों पहले पानी टंकी का निर्माण कराया गया। जिससे आधे से अधिक क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार निर्माण के बाद से पानी टंकी की मरम्मत नहीं कराई गई। धीरे-धीरे अब पानी टंकी जीर्ण-शीर्ण हो गई है। पानी टंकी के छत तक पहुंचने वाली सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्लास्टर जगह-जगह छोड़ चुके हैं। टंकी में भरा पानी फव्वारे की तरह गिरता रहता है। जबकि नगर के मुख्य पार्क में टंकी होने से पार्क में प्रतिदिन हजारों लोग आते रहते है। वहीं, छोटे-छोटे बच्चे के लिए बने झूले भी टंकी के नीचे स्थित है। अगर ऐसे में कोई हादसा हो जाए तो पार्क में भगदड़ मच सकती है। इसके बावजूद पालिका से लेकर प्रशासनिक अफसरों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। नगर निवासी महेश शर्मा, संजीव चौधरी और मनोज शर्मा ने बताया कि टंकी के जर्जर होने की पालिका अफसरों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। लेकिन अफसर जानकर भी अंजान बने हुए हैं।
नगर पालिका ईओ डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि पानी की टंकी का काफी समय पूर्व निर्माण हुआ था। जिसके जर्जर होने पर मरम्मत का कार्य नहीं किया जा सकता है। इसके लिए पानी की टंकी का नवनिर्माण कराने के लिए दूसरा प्रस्ताव बनाया जाएगा। इसके लिए आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जा सकता है।
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बुलंदशहर। नगर के राजेबाबू पार्क में स्थित पानी की टंकी जर्जर हो चुकी है। जो टंकी कभी भी ध्वस्त हो सकती है। इससे जान-माल की क्षति होने की आशंका है। वहीं, नगरवासियों द्वारा पालिका अफसरों से लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की जा चुकी है। बावजूद इसके अफसरों का इस ओर ध्यान नहीं है।
बता दें कि नगर में पेयजल आपूर्ति के लिए वर्षों पहले पानी टंकी का निर्माण कराया गया। जिससे आधे से अधिक क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार निर्माण के बाद से पानी टंकी की मरम्मत नहीं कराई गई। धीरे-धीरे अब पानी टंकी जीर्ण-शीर्ण हो गई है। पानी टंकी के छत तक पहुंचने वाली सीढ़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। प्लास्टर जगह-जगह छोड़ चुके हैं। टंकी में भरा पानी फव्वारे की तरह गिरता रहता है। जबकि नगर के मुख्य पार्क में टंकी होने से पार्क में प्रतिदिन हजारों लोग आते रहते है। वहीं, छोटे-छोटे बच्चे के लिए बने झूले भी टंकी के नीचे स्थित है। अगर ऐसे में कोई हादसा हो जाए तो पार्क में भगदड़ मच सकती है। इसके बावजूद पालिका से लेकर प्रशासनिक अफसरों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। नगर निवासी महेश शर्मा, संजीव चौधरी और मनोज शर्मा ने बताया कि टंकी के जर्जर होने की पालिका अफसरों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। लेकिन अफसर जानकर भी अंजान बने हुए हैं।
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नगर पालिका ईओ डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि पानी की टंकी का काफी समय पूर्व निर्माण हुआ था। जिसके जर्जर होने पर मरम्मत का कार्य नहीं किया जा सकता है। इसके लिए पानी की टंकी का नवनिर्माण कराने के लिए दूसरा प्रस्ताव बनाया जाएगा। इसके लिए आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जा सकता है।
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