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Bulandshahar News: खाद की कालाबाजारी रोकेंगी 16 टीमें, जिले की सीमा पर बढ़ी चौकसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। रबी सीजन में खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को खाद उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से 16 टीमें गठित की गई हैं। जिले की सीमा पर चौकसी भी बढ़ा दी गई है। गठित टीम को संबंधित क्षेत्र में जांच कर खाद की कालाबाजारी रोकने, इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि शासन की तरफ से अंतरराज्यीय सीमाओं के निकटवर्ती जनपदों में उर्वरकों के अवैध परिचालन, उपलब्धता एवं वितरण की सघन निगरानी एवं प्रदेश के बाहर उर्वरकों के यातायात पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने कृषि विभाग, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सचल दल के रूप में संयुक्त टीमों का गठन किया है। सभी 16 ब्लॉकों पर टीम गठित की गई हैं। गठित सचल दल के अधिकारी अपने आवंटित क्षेत्र/तहसील में भ्रमण करते हुए यूरिया एवं डीएपी के अवैध परिचालन, कालाबाजारी एवं उचित वितरण के लिए निरीक्षण एवं छापे की कार्रवाई करेंगे। अनियमितता संज्ञान में आती है तो अविलंब कार्रवाई भी करेंगे। उन्होंने बताया कि जिले की सीमा से सटे जिले हापुड़, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, अमरोहा और संभल की सीमा पर भी चौकी बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि निर्देशित किया गया है कि जिले से बाहर और गैर जनपद से जिले में आई खाद तो तत्काल संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
रामकुमार यादव ने यह भी बताया कि जिले में इस समय डीएपी और यूरिया की कमी नहीं है। 20 हजार मीट्रिक टन डीएपी की खेप शनिवार को बुलंदशहर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई है। इसे सभी 148 सहकारी समितियों और अन्य विक्रेताओं के यहां पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही और डीएपी आने की संभावना है। दूसरी ओर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अमित त्यागी ने बताया कि सभी समिति के सचिवों को नियमानुसार किसानों को डीएपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। समिति पर डीएपी के वितरण पर विभागीय अधिकारियों की नजर है। साथ ही रोजाना वितरित होने वाली डीएपी की सूची भी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि जिले में कितनी डीएपी का वितरण हुआ और कितनी उपलब्ध है। कमी होने पर शासन से संपर्क कर उसे दूर कराया जाएगा।
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बुलंदशहर। रबी सीजन में खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को खाद उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन की तरफ से 16 टीमें गठित की गई हैं। जिले की सीमा पर चौकसी भी बढ़ा दी गई है। गठित टीम को संबंधित क्षेत्र में जांच कर खाद की कालाबाजारी रोकने, इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए निर्देशित किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि शासन की तरफ से अंतरराज्यीय सीमाओं के निकटवर्ती जनपदों में उर्वरकों के अवैध परिचालन, उपलब्धता एवं वितरण की सघन निगरानी एवं प्रदेश के बाहर उर्वरकों के यातायात पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने कृषि विभाग, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की सचल दल के रूप में संयुक्त टीमों का गठन किया है। सभी 16 ब्लॉकों पर टीम गठित की गई हैं। गठित सचल दल के अधिकारी अपने आवंटित क्षेत्र/तहसील में भ्रमण करते हुए यूरिया एवं डीएपी के अवैध परिचालन, कालाबाजारी एवं उचित वितरण के लिए निरीक्षण एवं छापे की कार्रवाई करेंगे। अनियमितता संज्ञान में आती है तो अविलंब कार्रवाई भी करेंगे। उन्होंने बताया कि जिले की सीमा से सटे जिले हापुड़, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, अमरोहा और संभल की सीमा पर भी चौकी बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि निर्देशित किया गया है कि जिले से बाहर और गैर जनपद से जिले में आई खाद तो तत्काल संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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रामकुमार यादव ने यह भी बताया कि जिले में इस समय डीएपी और यूरिया की कमी नहीं है। 20 हजार मीट्रिक टन डीएपी की खेप शनिवार को बुलंदशहर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई है। इसे सभी 148 सहकारी समितियों और अन्य विक्रेताओं के यहां पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही और डीएपी आने की संभावना है। दूसरी ओर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अमित त्यागी ने बताया कि सभी समिति के सचिवों को नियमानुसार किसानों को डीएपी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। समिति पर डीएपी के वितरण पर विभागीय अधिकारियों की नजर है। साथ ही रोजाना वितरित होने वाली डीएपी की सूची भी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि जिले में कितनी डीएपी का वितरण हुआ और कितनी उपलब्ध है। कमी होने पर शासन से संपर्क कर उसे दूर कराया जाएगा।
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