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बेड की नहीं बदली जा रही चादर, संक्रमण का खतरा
Updated Sun, 02 Dec 2018 12:30 AM IST
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बेड की नहीं बदली जा रही चादर, संक्रमण का खतरा
बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल में बेड पर बिछने वाली चादरों को कई दिनों तक न बदले जाने पर महिलाओं और नवजातों में संक्रमण का खतरा बढ़ने की संभावना होने लगी है। जबकि शासन ने गत वर्ष प्रतिदिन अलग-अलग रंग की चादर को बिछाने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
मरीजों में संक्रमण का खतरा न फैले इसके लिए गत वर्ष शासन ने सभी सरकारी चिकित्सालयों में प्रतिदिन चादरों को बदलने का आदेश जारी किया था। साथ ही चादरों का रंग अलग-अलग निर्धारित किया था। इससे सभी बेड पर एक ही रंग की चादर बिछने से बदलने का पता लग सके। लेकिन जिला महिला अस्पताल में पिछले कई दिनों से चादरों को नहीं बदला जा रहे है। वहीं बेड पर भर्ती महिला के जाने पर अन्य महिला के आने पर भी बेड पर बिछी चादर को नहीं बदला जा रहा है। इससे महिलाओं के साथ नवजातों में संक्रमण फैल सकता है। वहीं, अस्पताल प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में सीएमएस से फोन पर वार्ता करने का प्रयास किया गया तो सीएमएस ने फोन रिसीव नही किया। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान नहीं है। मामले की जानकारी की जाएगी। बताया कि चादरों को प्रतिदिन अलग-अलग रंग में बिछाने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएंगे।
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बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल में बेड पर बिछने वाली चादरों को कई दिनों तक न बदले जाने पर महिलाओं और नवजातों में संक्रमण का खतरा बढ़ने की संभावना होने लगी है। जबकि शासन ने गत वर्ष प्रतिदिन अलग-अलग रंग की चादर को बिछाने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन द्वारा लापरवाही बरती जा रही है।
मरीजों में संक्रमण का खतरा न फैले इसके लिए गत वर्ष शासन ने सभी सरकारी चिकित्सालयों में प्रतिदिन चादरों को बदलने का आदेश जारी किया था। साथ ही चादरों का रंग अलग-अलग निर्धारित किया था। इससे सभी बेड पर एक ही रंग की चादर बिछने से बदलने का पता लग सके। लेकिन जिला महिला अस्पताल में पिछले कई दिनों से चादरों को नहीं बदला जा रहे है। वहीं बेड पर भर्ती महिला के जाने पर अन्य महिला के आने पर भी बेड पर बिछी चादर को नहीं बदला जा रहा है। इससे महिलाओं के साथ नवजातों में संक्रमण फैल सकता है। वहीं, अस्पताल प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में सीएमएस से फोन पर वार्ता करने का प्रयास किया गया तो सीएमएस ने फोन रिसीव नही किया। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान नहीं है। मामले की जानकारी की जाएगी। बताया कि चादरों को प्रतिदिन अलग-अलग रंग में बिछाने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएंगे।
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