फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   कार्तिक पूर्णिमा: उमड़ा आस्था का सैलाब, लगाई गंगा में डुबकी

कार्तिक पूर्णिमा: उमड़ा आस्था का सैलाब, लगाई गंगा में डुबकी

Fri, 23 Nov 2018 11:36 PM IST
Updated Fri, 23 Nov 2018 11:36 PM IST
विज्ञापन
कार्तिक पूर्णिमा: उमड़ा आस्था का सैलाब, लगाई गंगा में डुबकी
कार्तिक पूर्णिमा : उमड़ा आस्था का सैलाब, लगाई गंगा में डुबकी
विज्ञापन

बुलंदशहर/अनूपशहर/अहार/स्याना/बुगरासी/नरौरा। सूर्य की पहली किरण के साथ मन में आस्था और श्रद्धा का सैलाब लिए लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुरू हुआ शाही स्नान शुक्रवार शाम तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान, पूजा-अर्चना कर अपने मृतक परिजनों की आत्म शांति के लिए दीपदान किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर घाटों पर पानी के अंदर बैरीकेडिंग, नावों, गोताखोरों तथा मोटरबोट की व्यवस्था की गई थी। वहीं, बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए जनरेटर लगाए गए। इसके अलावा मेले में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा।
हर-हर गंगे के जयघोष के साथ कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुरू हो गया। जिले के अनूपशहर, अहार, राजघाट और नरौरा समेत अन्य गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। हजारों लोग सूर्योदय की प्रतीक्षा कर रहे थे। सूर्य की लालिमा दिखाई देते ही लोगों ने गंगा में छलांग लगा दी। कुछ ही देर में गंगा में चारों ओर स्नानार्थी दिखाई देने लगे। कच्चे और पक्के सभी घाटों पर स्नान करने वालों की भारी भीड़ रही। महिलाओं के लिए अलग से घाट बनाने के साथ प्रशासन ने महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए भी मेला स्थल पर स्थान तैयार कराए थे। श्रद्धालुओं द्वारा किए गए दीपदान से मां गंगा रोशनी के सागर में डूबी नजर आईं। घाटों पर श्रद्धालुओं में आस्था और श्रद्धा का अपरंपार सैलाब नजर आया। ऐसे में छोटी काशी श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा से महक उठी। लक्खी मेला श्रद्धालुओं की आस्था से गुलजार था। पावन गंगाजल की शीतलता श्रद्धालुओं के अटूटता का अहसास करा रही थी। पालिका-प्रशासन की व्यवस्था से इतर श्रद्धालु स्वयं व्यवस्थित नजर आए। श्रद्धा और सद्भाव के साथ गंगा स्नान किया गया। गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने अपने मृतक परिजनों की आत्म शांति के लिए दीपदान किया। दीपदान के कारण गंगाघाट रोशनी में डूबे नजर आए।
विज्ञापन


कई दिनों से तंबू डालकर कर रहे थे प्रतीक्षा
अनूपशहर, अहार आदि गंगा क्षेत्रों में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु दो दिन पहले ही गंगा घट के पास तंबू डालकर बस गए थे। स्थानीय लोग शुक्रवार सुबह पहुंचे। स्नान कर गंगा तट पर कथा-हवन का आयोजन किया गया। कई लोगों ने भंडारे भी लगाए। बुग्गियों-ट्रैक्टरों के कारण गंगा मेले को जाने वाले मार्ग पर कई जगह जाम लग गया। स्नान मेले के शांतिपूर्ण संपन्न हो जाने पर अफसरों ने राहत की सांस ली है। अनूपशहर एवं अहार के अलावा भगवानपुर, फरीदाबांगर, बसीबांगर, मांडुआश्रम और नरौरा में भी गंगा स्नान मेलों का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएम समेत 60 अफसरों की टीम ने रखी नजर
कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले के आयोजन को शांतिपूर्ण कराने के लिए डीएम ने सभी विभागों के 59 अफसरों को कमान सौंपी थी। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में नजर रखी और कार्तिक पूर्णिमा का मेला शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा मेला शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। इसके लिए सभी विभागों के 59 अफसरों को सुरक्षा के प्रति निर्देश दिए गए थे। साथ ही ड्रोन और सीसीटीवी से भी मेले पर नजर रखी गई।

हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के श्रद्धालुओं ने भी किया स्नान
अनूपशहर एवं अहार गंगा घाट पर मुरादाबाद, बदायूं, संभल, हाथरस, अलीगढ़ समेत अन्य जनपदों और हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली प्रांत के श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। बृहस्पतिवार से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुक्रवार तक जारी रहा। अधिकांश श्रद्धालु अपने-अपने वाहनों से गंगा स्नान के लिए पहुंचे।

अव्यस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं ने किया स्नान
बुगरासी। कस्बा क्षेत्र के लिए भगवानपुर गंगा किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं है। लेकिन शुक्रवार को गंगा घाट पर भारी अव्यवस्था रही। गंगा घाट पर बनाए गई महिलाओं के लिए दो में से एक चेंजिंग रूम पर ताला लगा रहा, जिससे महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, गंगा का जल स्तर काफी गिर चुका है। जल स्तर गिरने से गंगा के बीच टापू छूटा हुआ है। दूसरी ओर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी रही। दूसरी ओर जाने के लिए लकड़ी के तख्ते डालकर अस्थाई पुल बनाया हुआ था जिसे पार करने के लिए भारी भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को भारी असुविधा रही।

मेले में जमकर उड़ी शराब
बुगरासी। डीएम ने गंगा मेले के दौरान 22 और 23 नवंबर को गंगा घाट क्षेत्र में आने वाले सभी शराब के ठेकों को बंद करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी शराब के ठेकों से चोरी छिपे शराब की बिक्री की जारी रही। भगवानपुर मेले में कुछ दुकानों पर जमकर शराब बेची गई। कई भट्टियों के पास चाट-पकौड़ी के साथ जमकर शराब पी गई। प्रतिबंधित प्लास्टिक के गिलास में शराब के सेवन के बाद प्लास्टिक को भी वहीं फेंक दिया गया।

रामघाट में लगा वैरायटी शो, हुआ अश्लील डांस
नरौरा। रामघाट में लगे कार्तिक पूर्णिमा मेले की पूर्व रात को रामघाट के पशु बंदी गृह में बिना किसी परमीशन के चले वैरायटी शो में जमकर अश्लील डांस हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि एक कथित भाजपा कार्यकर्ता के सहयोग से प्रशासन की बिना स्वीकृति के मेले में झूला व वैरायटी शो का संचालन हुआ। रामघाट एसएचओ आरके सिंह ने बताया कि स्वीकृति नहीं लेने के कारण उसको रोका गया था, लेकिन पुलिस के मेला व्यवस्था में जुटने के बाद इसके चलने की जानकारी मिली है।

स्काउट व एनसीसी कैडेट्स ने किया सहयोग
परिजनों से बिछड़े बच्चों को खोया पाया कैंप के माध्यम मिलवाने में एलडीएवी इंटर कालेज अनूपशहर व डीसेंट पब्लिक स्कूल के स्काउट गाइड ने सराहनीय भूमिका निभाई। डीपीबीएस महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स ने यातायात प्रबंधन में सहयोग किया।


धार्मिक आस्था व भारतीय संस्कृति के हुए दर्शन
गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने भगवान सत्यनारायण व्रत कथा का श्रवण किया। कई जगह देवी जागरण हुए। आर्य समाज की ओर से पाखंड खंडनी शिविर के माध्यम से लोगों को सात्विक जीवन जीने तथा अंधविश्वास से दूर रहने का आह्वान किया गया। महिलाएं ढोलक की थाप पर अपने-अपने शिविरों में लोकगीत गाते हुए नृत्य कर रहीं थीं। युवक रेती में कुश्ती व कबड्डी खेलकर मनोरंजन कर रहे थे।

रातभर मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहे प्रशासनिक अधिकारी
कार्तिक पूर्णिमा मेला इंतजामों को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। रात भर एसडीएम आनंद श्रीनेत, पालिकाध्यक्ष ब्रजेश शर्मा, तहसीलदार इदरीस अहमद, सीओ अतुल चौबे और प्रभारी निरीक्षक अखिलेश गौड़ हर व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे, जिससे मेला इंतजामों में जुटे कर्मचारी भी अपनी डयूटी को लेकर लगातार सक्रिय रहे।


बेहतर रहा इस बार का मेला इंतजाम
मेला प्रशासन ने इस बार काफी बेहतर इंतजाम किए। जिससे श्रद्धालुओं की दिक्कतें काफी कम हुईं। प्रकाश, पेयजल, साफ सफाई, शौचालय, अतिरिक्त बसों का संचालन, फायर बिग्रेड आदि का काफी इंतजाम किया गया। खस्ताहाल व जर्जर सड़क सबसे ज्यादा परेशानी का सबब बनी। पालिकाध्यक्ष ब्रजेश शर्मा ने बताया कि शासन से आर्थिक मदद न मिलने से केवल नगरपालिका के सीमित संसाधानों से मेला व्यवस्थाओं को अंजाम दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed