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आवास-एप पर फोटो अपलोड करने में अफसर ‘सुस्त’
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:20 AM IST
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आवास-एप पर फोटो अपलोड करने में अफसर ‘सुस्त’
बुलंदशहर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गरीब और असहाय लोगों के पक्के घर बनाए जाने हैं। इससे जुड़े पात्रों का ब्योरा आवास-एप पर 30 नवंबर तक अपलोड किया जाना है। अभी तक यह काम आधा ही हो पाया है। इस सुस्ती पर विभाग ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मकान के निर्माण के लिए सरकार की ओर से पात्र को 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं। चालू वित्त वर्ष में सरकार की ओर से योजना के तहत 184 आवास जनपद को मिले। इनमें से 94 आवास का निर्माण अंतिम चरण हैं, जबकि 90 आवास के निर्माण की शुरूआत करवाने के लिए पात्र राशि का इंतजार कर रहे हैं। पिछले दिनों सरकार ने जिला प्रशासन को आदेश दिया था कि बेस लाइन सर्वे कराकर यह पता किया जाए कि जिले में कितने पात्र हैं। सर्वे पूरा होने के बाद जिले में 7500 पात्र पाए गए। बताया गया कि यह वह पात्र हैं जो किराए के मकान में रह रहे हैं या फिर उनका कच्चा मकान है। सर्वे के बाद इन पात्रों का सत्यापन भी कराया गया। इस योजना से जुड़े पात्रों का पूरा ब्योरा शासन तक पहुंचाने के लिए आवास-एप लांच किया गया। इसमें पात्र से संबंधित सभी जानकारी के साथ फोटो आदि अपलोड करनी है। इस कार्य के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया था। अब निर्धारित समय नजदीक आता देख अफसरों के होश उड़ने लगे हैं। अभी तक आवास-एप पर लगभग आधे पात्रों का ही ब्योरा अपलोड हुआ है। इसे विभाग ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अफसरों को चेतावनी दी है कि यह कार्य समय पर पूरा नहीं किया गया तो कार्रवाई की जा सकती है। जिला ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक सर्वेश चंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के चिन्हित किए गए पात्रों का ब्योरा आवास-एप पर अपलोड करने में विभागीय अधिकारी सुस्ती दिखा रहे हैं। इस पर उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि 30 नवंबर तक पात्रों का सभी ब्योरा आवास-एप पर अपलोड नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।
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बुलंदशहर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गरीब और असहाय लोगों के पक्के घर बनाए जाने हैं। इससे जुड़े पात्रों का ब्योरा आवास-एप पर 30 नवंबर तक अपलोड किया जाना है। अभी तक यह काम आधा ही हो पाया है। इस सुस्ती पर विभाग ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मकान के निर्माण के लिए सरकार की ओर से पात्र को 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं। चालू वित्त वर्ष में सरकार की ओर से योजना के तहत 184 आवास जनपद को मिले। इनमें से 94 आवास का निर्माण अंतिम चरण हैं, जबकि 90 आवास के निर्माण की शुरूआत करवाने के लिए पात्र राशि का इंतजार कर रहे हैं। पिछले दिनों सरकार ने जिला प्रशासन को आदेश दिया था कि बेस लाइन सर्वे कराकर यह पता किया जाए कि जिले में कितने पात्र हैं। सर्वे पूरा होने के बाद जिले में 7500 पात्र पाए गए। बताया गया कि यह वह पात्र हैं जो किराए के मकान में रह रहे हैं या फिर उनका कच्चा मकान है। सर्वे के बाद इन पात्रों का सत्यापन भी कराया गया। इस योजना से जुड़े पात्रों का पूरा ब्योरा शासन तक पहुंचाने के लिए आवास-एप लांच किया गया। इसमें पात्र से संबंधित सभी जानकारी के साथ फोटो आदि अपलोड करनी है। इस कार्य के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया था। अब निर्धारित समय नजदीक आता देख अफसरों के होश उड़ने लगे हैं। अभी तक आवास-एप पर लगभग आधे पात्रों का ही ब्योरा अपलोड हुआ है। इसे विभाग ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अफसरों को चेतावनी दी है कि यह कार्य समय पर पूरा नहीं किया गया तो कार्रवाई की जा सकती है। जिला ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक सर्वेश चंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के चिन्हित किए गए पात्रों का ब्योरा आवास-एप पर अपलोड करने में विभागीय अधिकारी सुस्ती दिखा रहे हैं। इस पर उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि 30 नवंबर तक पात्रों का सभी ब्योरा आवास-एप पर अपलोड नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।
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