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कस्तूरबा स्कूलों में शिक्षकों की कमी से चौपट हो रही पढ़ाई
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:36 AM IST
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कस्तूरबा स्कूलों में शिक्षकों की कमी से चौपट हो रही पढ़ाई
बुलंदशहर। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई चौपट हो रही है। इस समय विद्यालयों में 20 शिक्षक व कर्मचारियों के पद रिक्त हैं। बीएसए का कहना है कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है।
जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की संख्या 16 है। यहां पर शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्राओं को सरकार निशुल्क शिक्षा के साथ आवास आदि की सुविधाएं उपलब्ध करवाती है। प्रत्येक विद्यालय में 100 छात्राओं का होना जरूरी है। लेकिन इस बार लगभग सभी विद्यालयों में छात्रों की संख्या 80 के आसपास है। एक तो इन विद्यालयों में अफसर छात्राओं की संख्या का आंकड़ा पूरा नहीं कर पाए। जबकि अप्रैल माह से शुरू हुए विद्यालयों में अभी तक शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने में भी नाकाम साबित हुए हैं। विद्यालयों में 20 शिक्षक और कर्मचारियों की कमी के चलते छात्राओं की पढ़ाई चौपट हो रही है। वहीं, दूसरी ओर कई बार अफसरों के निरीक्षण में दी जा रही शिक्षा व सुविधाओं की भी पोल खुलकर सामने आ गई है। बावजूद इसके अभी तक न तो अफसर और न ही शिक्षक सजग दिखाई दे रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार का कहना है कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में चल रहे रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही शिक्षक व कर्मचारियों की तैनाती कर समस्या को दूर कर दिया जाएगा।
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बुलंदशहर। जिले में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई चौपट हो रही है। इस समय विद्यालयों में 20 शिक्षक व कर्मचारियों के पद रिक्त हैं। बीएसए का कहना है कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है।
जिले में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की संख्या 16 है। यहां पर शिक्षा ग्रहण करने वाली छात्राओं को सरकार निशुल्क शिक्षा के साथ आवास आदि की सुविधाएं उपलब्ध करवाती है। प्रत्येक विद्यालय में 100 छात्राओं का होना जरूरी है। लेकिन इस बार लगभग सभी विद्यालयों में छात्रों की संख्या 80 के आसपास है। एक तो इन विद्यालयों में अफसर छात्राओं की संख्या का आंकड़ा पूरा नहीं कर पाए। जबकि अप्रैल माह से शुरू हुए विद्यालयों में अभी तक शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने में भी नाकाम साबित हुए हैं। विद्यालयों में 20 शिक्षक और कर्मचारियों की कमी के चलते छात्राओं की पढ़ाई चौपट हो रही है। वहीं, दूसरी ओर कई बार अफसरों के निरीक्षण में दी जा रही शिक्षा व सुविधाओं की भी पोल खुलकर सामने आ गई है। बावजूद इसके अभी तक न तो अफसर और न ही शिक्षक सजग दिखाई दे रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार का कहना है कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में चल रहे रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही शिक्षक व कर्मचारियों की तैनाती कर समस्या को दूर कर दिया जाएगा।
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