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पॉटरी नगरी की जहरीली हवा में फूल रहीं सांसे
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:52 AM IST
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पॉटरी नगरी की जहरीली हवा में फूल रहीं सांसे
खुर्जा। पॉटरी नगरी की जहरीली हवा में लोगों की सांसें फूल रही हैं। क्षेत्र में स्थित पॉटरियों से निकलने वाला धुंआ लगातार प्रदूषण बढ़ा रहा है तो जगह-जगह अवैध डंपिंग ग्राउंड और जलता कूड़ा बढ़ते प्रदूषण को खतरे से ऊपर ले जाने के लिए काफी है। वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या और सड़कों पर दौड़ रहे खटारा वाहन प्रदूषण को सहारा देकर ऊपर उठाने में लगे हैं। जबकि अफसर कार्रवाई करने के बजाए दफ्तरों में बैठकर कागजों की पूर्ति करने में लगे हुए हैं।
हाल ही में एनजीटी ने देश के सबसे प्रदूषित 102 शहरों की सूची जारी की थी। एनजीटी द्वारा जारी की गई सूची में जिले के खुर्जा शहर को भी स्थान मिला। न केवल प्रदेश बल्कि देश के शीर्ष 102 शहरों में खुर्जा का स्थान आने का मुख्य कारण खुर्जा की पहचान पॉटरियां हैं। समय-समय पर एनजीटी और शासन द्वारा जारी आदेशों का नियमानुसार पालन न कराने के चलते खुर्जा की आबो हवा खराब हुई है। देश के शीर्ष 102 शहरों में खुर्जा का स्थान आने पर लोगों के लिए खुश होने के बजाए दुखी होने का समय है। दरअसल लोगों को होने वाली बीमारियों में से 90 फीसदी बीमारी प्रदूषण के कारण हो रहीं हैं। पॉटरियों की चिमनियों में आधुनिक उपकरण न लगाने के चलते हानिकारक तत्व हवा में निकलकर सांस के माध्यम से लोगों के शरीर में पहुंच रहे हैं। जिसके चलते लोगों को दमा, फेफड़े, किडनी रोग, त्वचा रोग आदि बीमारियां फैल रहीं हैं। खुर्जा की शान पॉटरियों के अलावा खुले में पड़ा कूड़ा, अवैध डंपिंग ग्राउंड, खेतों में जलती पराली, जलते कूड़े के ढेर प्रदूषण के स्तर को लोगों के दिलों तक पहुंचाने के लिए पॉटरियों का साथ दे रहे हैं।
पीएम 2.5 दोगुना से अधिक पहुंचा
प्रदूषण की स्थिति जिले में काफी खराब है। पीएम 2.5 का स्तर जो न्यूनतम 60 होना चाहिए वह जिले में 143 के स्तर पर पहुंच गया है। जबकि अफसर इसके समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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खेतों पर जल रही पराली से हवा खराब
शासन से रोक लगने के बावजूद खेतों में पराली धड़ल्ले से जलाई जा रही है। इसका धुआं वायुमंडल में फैलने से हवा खराब होती जा रही है। जो आम जन को नुकसान पहुंचा रहा है।
पुराने और खटारा वाहन भी बन रहे कारण
धुआं उगल रहे पुराने और खटारा वाहन भी शहर में फैल रहे प्रदूषण का कारण बन रहे हैं। शहर में सरपट दौड़ रहे डग्गामार वाहनों के कारण शहर की आबो-हवा जहरीली होती जा रही है। ऐसे वाहनों को रोकने के लिए प्रशासन यदा कदा कार्रवाई करने के बाद चुप्पी साध लेता है।
जगह-जगह बने अवैध डंपिंग ग्राउंड
नगर में जगह-जगह अवैध डंपिंग ग्राउंड शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का दम फुला रहे हैं। आलम यह है कि सिंकदराबाद मार्ग पर रोड के दोनों तरफ दूर-दूर तक फैले कूड़े की वजह से लोगों का मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा जंक्शन रोड, किला रोड स्थित श्मशान घाट, नगर स्थित पॉलिटेकिभनकल मैदान, मंदिर रोड आदि स्थानों पर शहर का कूड़ा फेंका जाता है।
कोट-
एनजीटी ने 102 शहरों की सूची में खुर्जा को शामिल किया है। खुर्जा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। इसको रोकने के लिए पॉटरियों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे। आधुनिक उपकरण लगाने के लिए भी पॉटरियों के संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। - जीएस श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी
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खुर्जा। पॉटरी नगरी की जहरीली हवा में लोगों की सांसें फूल रही हैं। क्षेत्र में स्थित पॉटरियों से निकलने वाला धुंआ लगातार प्रदूषण बढ़ा रहा है तो जगह-जगह अवैध डंपिंग ग्राउंड और जलता कूड़ा बढ़ते प्रदूषण को खतरे से ऊपर ले जाने के लिए काफी है। वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या और सड़कों पर दौड़ रहे खटारा वाहन प्रदूषण को सहारा देकर ऊपर उठाने में लगे हैं। जबकि अफसर कार्रवाई करने के बजाए दफ्तरों में बैठकर कागजों की पूर्ति करने में लगे हुए हैं।
हाल ही में एनजीटी ने देश के सबसे प्रदूषित 102 शहरों की सूची जारी की थी। एनजीटी द्वारा जारी की गई सूची में जिले के खुर्जा शहर को भी स्थान मिला। न केवल प्रदेश बल्कि देश के शीर्ष 102 शहरों में खुर्जा का स्थान आने का मुख्य कारण खुर्जा की पहचान पॉटरियां हैं। समय-समय पर एनजीटी और शासन द्वारा जारी आदेशों का नियमानुसार पालन न कराने के चलते खुर्जा की आबो हवा खराब हुई है। देश के शीर्ष 102 शहरों में खुर्जा का स्थान आने पर लोगों के लिए खुश होने के बजाए दुखी होने का समय है। दरअसल लोगों को होने वाली बीमारियों में से 90 फीसदी बीमारी प्रदूषण के कारण हो रहीं हैं। पॉटरियों की चिमनियों में आधुनिक उपकरण न लगाने के चलते हानिकारक तत्व हवा में निकलकर सांस के माध्यम से लोगों के शरीर में पहुंच रहे हैं। जिसके चलते लोगों को दमा, फेफड़े, किडनी रोग, त्वचा रोग आदि बीमारियां फैल रहीं हैं। खुर्जा की शान पॉटरियों के अलावा खुले में पड़ा कूड़ा, अवैध डंपिंग ग्राउंड, खेतों में जलती पराली, जलते कूड़े के ढेर प्रदूषण के स्तर को लोगों के दिलों तक पहुंचाने के लिए पॉटरियों का साथ दे रहे हैं।
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पीएम 2.5 दोगुना से अधिक पहुंचा
प्रदूषण की स्थिति जिले में काफी खराब है। पीएम 2.5 का स्तर जो न्यूनतम 60 होना चाहिए वह जिले में 143 के स्तर पर पहुंच गया है। जबकि अफसर इसके समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
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खेतों पर जल रही पराली से हवा खराब
शासन से रोक लगने के बावजूद खेतों में पराली धड़ल्ले से जलाई जा रही है। इसका धुआं वायुमंडल में फैलने से हवा खराब होती जा रही है। जो आम जन को नुकसान पहुंचा रहा है।
पुराने और खटारा वाहन भी बन रहे कारण
धुआं उगल रहे पुराने और खटारा वाहन भी शहर में फैल रहे प्रदूषण का कारण बन रहे हैं। शहर में सरपट दौड़ रहे डग्गामार वाहनों के कारण शहर की आबो-हवा जहरीली होती जा रही है। ऐसे वाहनों को रोकने के लिए प्रशासन यदा कदा कार्रवाई करने के बाद चुप्पी साध लेता है।
जगह-जगह बने अवैध डंपिंग ग्राउंड
नगर में जगह-जगह अवैध डंपिंग ग्राउंड शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का दम फुला रहे हैं। आलम यह है कि सिंकदराबाद मार्ग पर रोड के दोनों तरफ दूर-दूर तक फैले कूड़े की वजह से लोगों का मार्ग से गुजरना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा जंक्शन रोड, किला रोड स्थित श्मशान घाट, नगर स्थित पॉलिटेकिभनकल मैदान, मंदिर रोड आदि स्थानों पर शहर का कूड़ा फेंका जाता है।
कोट-
एनजीटी ने 102 शहरों की सूची में खुर्जा को शामिल किया है। खुर्जा में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। इसको रोकने के लिए पॉटरियों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे। आधुनिक उपकरण लगाने के लिए भी पॉटरियों के संचालकों को निर्देश दिए गए हैं। - जीएस श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी