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सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर हुए कार्यक्रम
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:11 AM IST
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भारतीय सेना के जवानों के साहस को सैल्यूट
बुलंदशहर। जिले में कई जगह सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें शामिल एनसीसी कैडेट्स, अधिकारी और शिक्षक आदि ने भागीदारी कर भारतीय सेना के जवानों के जवानों के साहस को सैल्यूट किया।
डीएवी कॉलेज में सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर एनसीसी कैडेट द्वारा कार्यक्रम किया गया। प्राचार्या डॉ. रेनू अग्रवाल ने भारतीय सेना के साहस और पराक्रम की प्रशंसा की। कैप्टन डॉ. गौतमवीर ने बताया कि 29 सितंबर 2016 से पूर्व 13 दिसंबर 1971 में मंदौर में भी सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। इसके प्रभाव से दुश्मन ने अपनी युद्ध नीति तक बदल दी थी। मुख्यातिथि विवि मेरठ के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डॉ. संदीप चौधरी, सूबेदार मेजर आरबी थापा, निदेश कुमार, हवलदार लक्ष्यवीर आदि ने भी कैडेट्स का मार्गदर्शन किया। मुस्लिम इंटर कॉलेज में सर्जिकल स्ट्राइक पर कार्यक्रम हुआ। एनसीसी के कमांडिंग अफसर कर्नल एचपीएस अहलावत ने बताया कि लाइन आफ कंट्रोल को पार कर भारतीय कमांडों ने तीन किलोमीटर तक कोहनियों के माध्यम से दुश्मन को टारगेट बनाकर इस स्ट्राइक को अंजाम दिया था। कैडेट्स ने एक रैली भी निकाली। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुहैल अहमद रिजवी, रामेश्वर दयाल, चीफ अफसर मोहम्मद असलम, सूबेदार मेजर जगमाल ढाका, सतेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
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बुलंदशहर। जिले में कई जगह सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें शामिल एनसीसी कैडेट्स, अधिकारी और शिक्षक आदि ने भागीदारी कर भारतीय सेना के जवानों के जवानों के साहस को सैल्यूट किया।
डीएवी कॉलेज में सर्जिकल स्ट्राइक की दूसरी वर्षगांठ पर एनसीसी कैडेट द्वारा कार्यक्रम किया गया। प्राचार्या डॉ. रेनू अग्रवाल ने भारतीय सेना के साहस और पराक्रम की प्रशंसा की। कैप्टन डॉ. गौतमवीर ने बताया कि 29 सितंबर 2016 से पूर्व 13 दिसंबर 1971 में मंदौर में भी सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी। इसके प्रभाव से दुश्मन ने अपनी युद्ध नीति तक बदल दी थी। मुख्यातिथि विवि मेरठ के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डॉ. संदीप चौधरी, सूबेदार मेजर आरबी थापा, निदेश कुमार, हवलदार लक्ष्यवीर आदि ने भी कैडेट्स का मार्गदर्शन किया। मुस्लिम इंटर कॉलेज में सर्जिकल स्ट्राइक पर कार्यक्रम हुआ। एनसीसी के कमांडिंग अफसर कर्नल एचपीएस अहलावत ने बताया कि लाइन आफ कंट्रोल को पार कर भारतीय कमांडों ने तीन किलोमीटर तक कोहनियों के माध्यम से दुश्मन को टारगेट बनाकर इस स्ट्राइक को अंजाम दिया था। कैडेट्स ने एक रैली भी निकाली। इस अवसर पर प्रधानाचार्य सुहैल अहमद रिजवी, रामेश्वर दयाल, चीफ अफसर मोहम्मद असलम, सूबेदार मेजर जगमाल ढाका, सतेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
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