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बायोमैट्रिक से उपस्थिति के आधार पर मिलेगा एमडीएम
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:25 AM IST
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बायोमैट्रिक से उपस्थिति के आधार पर मिलेगा एमडीएम
बुलंदशहर। प्रदेश सरकार के एक अहम निर्णय से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिलने वाले मिड-डे-मील में होने वाली गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से निजात मिलने की संभावना बढ़ गई है। इस पर लगाम लगाने के लिए अब स्कूलों में बच्चों की बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थित के आधार पर ही एमडीएम मिलेगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने इस आदेश से बीएसए को अवगत करवाते हुए बायोमैट्रिक खरीदने के भी निर्देश दे दिए हैं।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को सरकार की ओर से नि:शुल्क शिक्षा के अलावा किताब, यूनिफार्म, जूते, जुराब, जर्सी और दोपहर के भोजन में मिड-डे-मील का खाना भी दिया जाता है। जिले के 3299 परिषदीय स्कूलों के करीब ढाई लाख बच्चों को एमडीएम का खाना मिलता है। इस पर प्रत्येक वर्ष सरकार करोड़ों रुपये खर्च करती है। अब प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि बच्चों को एमडीएम बायोमैट्रिक हाजिरी के आधार पर मिलेगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने शासन के इस आदेश से बीएएस को अवगत करवाते हुए स्कूलों में बच्चों की हाजिरी लगाने के लिए बायोमैट्रिक मशीन खरीदने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही शिक्षकों की हाजिरी भी बायोमैट्रिक मशीन से लगवाने की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने बताया कि बेसिक शिक्षा निदेशक ने शासन के निर्णय से अवगत करवाते हुए बायोमैट्रिक मशीन खरीदने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही बायोमैट्रिक मशीन खरीदकर स्कूलों में लगा दी जाएगी।
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बुलंदशहर। प्रदेश सरकार के एक अहम निर्णय से परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिलने वाले मिड-डे-मील में होने वाली गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से निजात मिलने की संभावना बढ़ गई है। इस पर लगाम लगाने के लिए अब स्कूलों में बच्चों की बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थित के आधार पर ही एमडीएम मिलेगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने इस आदेश से बीएसए को अवगत करवाते हुए बायोमैट्रिक खरीदने के भी निर्देश दे दिए हैं।
परिषदीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों को सरकार की ओर से नि:शुल्क शिक्षा के अलावा किताब, यूनिफार्म, जूते, जुराब, जर्सी और दोपहर के भोजन में मिड-डे-मील का खाना भी दिया जाता है। जिले के 3299 परिषदीय स्कूलों के करीब ढाई लाख बच्चों को एमडीएम का खाना मिलता है। इस पर प्रत्येक वर्ष सरकार करोड़ों रुपये खर्च करती है। अब प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि बच्चों को एमडीएम बायोमैट्रिक हाजिरी के आधार पर मिलेगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने शासन के इस आदेश से बीएएस को अवगत करवाते हुए स्कूलों में बच्चों की हाजिरी लगाने के लिए बायोमैट्रिक मशीन खरीदने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही शिक्षकों की हाजिरी भी बायोमैट्रिक मशीन से लगवाने की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने बताया कि बेसिक शिक्षा निदेशक ने शासन के निर्णय से अवगत करवाते हुए बायोमैट्रिक मशीन खरीदने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही बायोमैट्रिक मशीन खरीदकर स्कूलों में लगा दी जाएगी।
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