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एल्बेंडाजोल खाने से 4 बच्चों की हालत बिगड़ी, एक भर्ती
Updated Sat, 11 Aug 2018 06:12 PM IST
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एल्बेंडाजोल खाने से 4 बच्चों की हालत बिगड़ी, एक भर्ती
बुलंदशहर/शिकारपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर अभियान के तहत करीब पांच लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। गोली खाने से शिकारपुर क्षेत्र में चार बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ गया। स्कूल प्रबंधक और अस्पताल प्रशासन ने बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया।
जिले में शुक्रवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत करीब पांच लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। इसके लिए स्वास्थ्य अफसरों ने पहले ही तैयारी कर ली थी। अब गोली खाने से छूटे बच्चों को 17 अगस्त को गोली खिलाई जाएंगी। जानकारी के अनुसार शिकारपुर क्षेत्र में गोली खिलाने के बाद दो स्कूलों के चार बच्चों की हालत बिगड़ गई। स्कूल में हंगामे के डर से स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां एक स्कूल के तीन बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। बच्चों की हालत में सुधार होने पर सभी ने राहत की सांस ली। जबकि क्षेत्र के गांव जालपी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में गोली खाने से एक छात्रा की हालत में अभी तक सुधार नहीं हुआ है। जिसका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर विभिन्न केन्द्रों पर गोली खिलाए जाने को लेकर सीएमओ व एसीएमओ ने निरीक्षण करते हुए स्टाफ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
कुछ बच्चों को होती है परेशानी
- नोडल अधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि गोली खाने के बाद किसी किसी बच्चे को पेट और सिर दर्द की शिकायत होती है। इससे बच्चे के स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ता है। परिजनों से अपील की जाती है कि वह घबराएं नहीं। जिन बच्चों के पेट में कीड़ेे, खून की कमी, एनीमिया, मानसिक थकान समेत अन्य बीमारियों से ग्रस्त होते है, उन सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली से बचाया जाता है।
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पेट के कीड़ों को खत्म करने में यह दवा काफी उपयोगी है। कुछ बच्चे इसे सहन कर लेते हैं और कुछ को दर्द हो जाता है। जी मिचलाने या उल्टी आने की शिकायत हो सकती है। इससे घबराने की जरुरत नहीं है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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बुलंदशहर/शिकारपुर। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर अभियान के तहत करीब पांच लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। गोली खाने से शिकारपुर क्षेत्र में चार बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ गया। स्कूल प्रबंधक और अस्पताल प्रशासन ने बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया।
जिले में शुक्रवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत करीब पांच लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। इसके लिए स्वास्थ्य अफसरों ने पहले ही तैयारी कर ली थी। अब गोली खाने से छूटे बच्चों को 17 अगस्त को गोली खिलाई जाएंगी। जानकारी के अनुसार शिकारपुर क्षेत्र में गोली खिलाने के बाद दो स्कूलों के चार बच्चों की हालत बिगड़ गई। स्कूल में हंगामे के डर से स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में बच्चों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करा दिया। जहां एक स्कूल के तीन बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। बच्चों की हालत में सुधार होने पर सभी ने राहत की सांस ली। जबकि क्षेत्र के गांव जालपी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में गोली खाने से एक छात्रा की हालत में अभी तक सुधार नहीं हुआ है। जिसका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर विभिन्न केन्द्रों पर गोली खिलाए जाने को लेकर सीएमओ व एसीएमओ ने निरीक्षण करते हुए स्टाफ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
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कुछ बच्चों को होती है परेशानी
- नोडल अधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि गोली खाने के बाद किसी किसी बच्चे को पेट और सिर दर्द की शिकायत होती है। इससे बच्चे के स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ता है। परिजनों से अपील की जाती है कि वह घबराएं नहीं। जिन बच्चों के पेट में कीड़ेे, खून की कमी, एनीमिया, मानसिक थकान समेत अन्य बीमारियों से ग्रस्त होते है, उन सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली से बचाया जाता है।
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पेट के कीड़ों को खत्म करने में यह दवा काफी उपयोगी है। कुछ बच्चे इसे सहन कर लेते हैं और कुछ को दर्द हो जाता है। जी मिचलाने या उल्टी आने की शिकायत हो सकती है। इससे घबराने की जरुरत नहीं है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ