{"_id":"5b6992cd4f1c1b54208b76ca","slug":"15336455099-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंगन कर रहा किसानों का मालामाल, रास्ते बंद से बैंगन की तोड़ बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंगन कर रहा किसानों का मालामाल, रास्ते बंद से बैंगन की तोड़ बंद
Updated Tue, 07 Aug 2018 06:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंगन कर रहा किसानों को मालामाल, रास्ते बंद से बैंगन की तोड़ बंद
बुगरासी। बैंगन किसानों को मालामाल कर रहा है, लेकिन वर्तमान में बैंगन की तोड़ अचानक बंद करनी पड़ी है। कांवड़ के चलते कई रास्ते बंद हो गए हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट की परेशानी के चलते बैंगननहीं तोड़ा जा रहा है। किसान बेसब्री से रास्ते खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
तकरीबन एक माह पूर्व बैंगन का रेट मात्र पांच रुपये किलो था। बरसात में बैंगन की खेती प्रभावित हो गई और बैंगन बहुत कम रह गया। मांग के सापेक्ष काफी कम बैंगन होने से मात्र एक माह में बैंगन का मूल्य छह गुना बढ़कर 30 रुपये किलो हो गया। बाहर मंडियों में बैंगन ले जाने वाले व्यापारी किसानों से सीधे बैंगन उनके खेत पर ही 30 रुपये प्रति किलो खरीद रहे हैं। दो दिन से कांवड़ यात्रा के चलते कई रास्ते वन वे किए गए हैं जबकि कुछ का रूट डायवर्ट हुआ है। ऐसे में व्यापारियों को मंडी तक पहुंचने में खासी परेशानी हो रही है। व्यापारी किसानों के बैंगन नहीं खरीद पा रहे हैं। जसवंत सिंह ओहदेदार, जगदीश राणा, बिजेंद्र सिंह, आनंद आदि किसानों ने बताया कि बैंगन के अच्छे रेट मिलने से काफी लाभ हो रहा था। तोड़ लगातार जारी थी और बाहर के व्यापारी खेतों से ही वर्तमान में 30 रुपये प्रति किलो की दर से थोक में बैंगन की खरीददारी कर रहे थे। कांवड़ यात्रा से रूट डायवर्ट के चलते व्यापारी अब बैंगन की खरीददारी नहीं कर रहे हैं। किसान बेसब्री से रास्तों के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही रास्ते शुरू नहीं होते हैं तो बैंगन की अधिकता से रेट कम होने से नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
बुगरासी। बैंगन किसानों को मालामाल कर रहा है, लेकिन वर्तमान में बैंगन की तोड़ अचानक बंद करनी पड़ी है। कांवड़ के चलते कई रास्ते बंद हो गए हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट की परेशानी के चलते बैंगननहीं तोड़ा जा रहा है। किसान बेसब्री से रास्ते खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
तकरीबन एक माह पूर्व बैंगन का रेट मात्र पांच रुपये किलो था। बरसात में बैंगन की खेती प्रभावित हो गई और बैंगन बहुत कम रह गया। मांग के सापेक्ष काफी कम बैंगन होने से मात्र एक माह में बैंगन का मूल्य छह गुना बढ़कर 30 रुपये किलो हो गया। बाहर मंडियों में बैंगन ले जाने वाले व्यापारी किसानों से सीधे बैंगन उनके खेत पर ही 30 रुपये प्रति किलो खरीद रहे हैं। दो दिन से कांवड़ यात्रा के चलते कई रास्ते वन वे किए गए हैं जबकि कुछ का रूट डायवर्ट हुआ है। ऐसे में व्यापारियों को मंडी तक पहुंचने में खासी परेशानी हो रही है। व्यापारी किसानों के बैंगन नहीं खरीद पा रहे हैं। जसवंत सिंह ओहदेदार, जगदीश राणा, बिजेंद्र सिंह, आनंद आदि किसानों ने बताया कि बैंगन के अच्छे रेट मिलने से काफी लाभ हो रहा था। तोड़ लगातार जारी थी और बाहर के व्यापारी खेतों से ही वर्तमान में 30 रुपये प्रति किलो की दर से थोक में बैंगन की खरीददारी कर रहे थे। कांवड़ यात्रा से रूट डायवर्ट के चलते व्यापारी अब बैंगन की खरीददारी नहीं कर रहे हैं। किसान बेसब्री से रास्तों के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही रास्ते शुरू नहीं होते हैं तो बैंगन की अधिकता से रेट कम होने से नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन