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शिकारपुर में प्राध्याकों ने उठाई विश्वविद्यालय की मांग
Updated Fri, 20 Jul 2018 11:28 PM IST
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जिले को मिले विश्वविद्यालय तो आसान हो शिक्षा की राह
- हमें चाहिए यूनिवर्सिटी
- श्यामलाल डिग्री कॉलेज में प्राध्यापकों ने की विवि की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/शिकारपुर। जिले में विश्वविद्यालय की मांग जोर पकड़ती जा रही है। जनपद मुख्यालय के साथ ही अब तहसील मुख्यालयों पर भी लोग यूनिवर्सिटी की मांग उठा रहे हैं। शुक्रवार को शिकारपुर स्थित श्यामलाल सरस्वती महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. एके शर्मा की अध्यक्षता में प्राध्यापकों ने बैठक कर जिले में विवि की मांग उठाई। अमर उजाला की ओर से जिले में यूनिवर्सिटी की मांग को लेकर मुहिम चलाई जा रही है। हर रोज बड़ी संख्या में लोग मुहिम से जुड़ रहे हैं।
शिकारपुर स्थित श्यामलाल सरस्वती महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एके शर्मा ने कहा कि जनपद में विश्वविद्यालय स्थापित होने से जिले के हजारों छात्रों को लाभ होगा। बैठक में ध्वनिमत से अमर उजाला द्वारा चलाई जा रही विश्वविद्यालय स्थापित करने की मुहिम का समर्थन किया गया। सभी प्राध्यापकों ने विवि की मांग को जायज ठहराते हुए सरकार से क्षेत्र में विश्वविद्यालय बनवाने की मांग की। इस दौरान डॉ. भीम सिंह, गंगा विष्णु भारद्वाज, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. पीके शर्मा, डॉ. संदीप सिंह, जीपी सिंह, अभिनव राणा, निधि गुप्ता, कीर्ति भारद्वाज, गुंजन त्रिपाठी, संभव सिंघल, राहुल भारद्वाज, रूपाली तोमर, डॉ. हेमा राघव, प्रतीक कुमार, धीरज सिंह, अंकित भारद्वाज, सीपी सिंह, मुक्ता तिवारी आदि उपस्थित रहे।
बोल स्टूडेंट्स: विश्वविद्यालय बने तो मिले सस्ती और अच्छी शिक्षा
- विश्वविद्यालय स्थापित होता है तो जनपद के हजारों छात्र छात्राओं को मेरठ और आगरा जैसे दूसरे शहरों जाने से छुटकारा मिल जाएगा। जिले में सस्ती और उच्च शिक्षा सुलभ होगी। - अनीता रानी।
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- जनपद में विश्वविद्यालय स्थापित होने पर छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना नहीं पड़ेगा। साथ ही सीटें बढ़ने से प्रवेश के लिए चल रही मारामारी भी खत्म हो जाएगी। - सौरभ कुमार।
- विश्वविद्यालय स्थापित होने पर ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जनपद से बाहर जाने के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। - रितु भारद्वाज।
- यदि शासन द्वारा विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग पूरी हो जाती है तो उच्च शिक्षा के लिए बाहरी क्षेत्र में जाने से मुक्ति मिलेगी। - छात्र पवन राजपूत।
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- हमें चाहिए यूनिवर्सिटी
- श्यामलाल डिग्री कॉलेज में प्राध्यापकों ने की विवि की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/शिकारपुर। जिले में विश्वविद्यालय की मांग जोर पकड़ती जा रही है। जनपद मुख्यालय के साथ ही अब तहसील मुख्यालयों पर भी लोग यूनिवर्सिटी की मांग उठा रहे हैं। शुक्रवार को शिकारपुर स्थित श्यामलाल सरस्वती महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. एके शर्मा की अध्यक्षता में प्राध्यापकों ने बैठक कर जिले में विवि की मांग उठाई। अमर उजाला की ओर से जिले में यूनिवर्सिटी की मांग को लेकर मुहिम चलाई जा रही है। हर रोज बड़ी संख्या में लोग मुहिम से जुड़ रहे हैं।
शिकारपुर स्थित श्यामलाल सरस्वती महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एके शर्मा ने कहा कि जनपद में विश्वविद्यालय स्थापित होने से जिले के हजारों छात्रों को लाभ होगा। बैठक में ध्वनिमत से अमर उजाला द्वारा चलाई जा रही विश्वविद्यालय स्थापित करने की मुहिम का समर्थन किया गया। सभी प्राध्यापकों ने विवि की मांग को जायज ठहराते हुए सरकार से क्षेत्र में विश्वविद्यालय बनवाने की मांग की। इस दौरान डॉ. भीम सिंह, गंगा विष्णु भारद्वाज, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. पीके शर्मा, डॉ. संदीप सिंह, जीपी सिंह, अभिनव राणा, निधि गुप्ता, कीर्ति भारद्वाज, गुंजन त्रिपाठी, संभव सिंघल, राहुल भारद्वाज, रूपाली तोमर, डॉ. हेमा राघव, प्रतीक कुमार, धीरज सिंह, अंकित भारद्वाज, सीपी सिंह, मुक्ता तिवारी आदि उपस्थित रहे।
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बोल स्टूडेंट्स: विश्वविद्यालय बने तो मिले सस्ती और अच्छी शिक्षा
- विश्वविद्यालय स्थापित होता है तो जनपद के हजारों छात्र छात्राओं को मेरठ और आगरा जैसे दूसरे शहरों जाने से छुटकारा मिल जाएगा। जिले में सस्ती और उच्च शिक्षा सुलभ होगी। - अनीता रानी।
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- जनपद में विश्वविद्यालय स्थापित होने पर छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना नहीं पड़ेगा। साथ ही सीटें बढ़ने से प्रवेश के लिए चल रही मारामारी भी खत्म हो जाएगी। - सौरभ कुमार।
- विश्वविद्यालय स्थापित होने पर ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जनपद से बाहर जाने के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। - रितु भारद्वाज।
- यदि शासन द्वारा विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग पूरी हो जाती है तो उच्च शिक्षा के लिए बाहरी क्षेत्र में जाने से मुक्ति मिलेगी। - छात्र पवन राजपूत।