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सरकारी अस्पताल के डाक्टरों की सेवाएं लेने वाले नर्सिंगहोम पर शिकंजा

Tue, 17 Jul 2018 11:57 PM IST
Updated Tue, 17 Jul 2018 11:57 PM IST
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सरकारी अस्पताल के डाक्टरों की सेवाएं लेने वाले नर्सिंगहोम पर शिकंजा
सरकारी डाक्टरों को बुलाने पर नर्सिंग होम का लाइसेंस होगा निरस्त
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सरकारी अस्पताल के डाक्टरों की सेवाएं लेने वाले नर्सिंगहोम पर शिकंजा
- प्राइवेट प्रेक्टिस करते पाए गए तो छिनेगा अस्पताल का लाइसेंस
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक ने जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शासन के सख्त आदेशों के बाद भी सरकारी अस्पतालों के डाक्टर नर्सिंगहोम से सेवाएं देकर मोटी कमाई कर रहे हैं। उनकी प्राइवेट प्रेक्टिस पर शिकंजा कसने के लिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के निर्देश पर स्वास्थ्य महानिदेशक ने नया फरमान जारी किया है। इसके तहत सरकारी अस्पताल के डाक्टरों को बुलाने वाले नर्सिंगहोम का लाइसेंस निरस्त होगा।

जिले में करीब 103 नर्सिंगहोम और 118 क्लीनिक पंजीकृत हैं। इनमें 65 नर्सिंगहोम और 78 क्लीनिक शहर में हैं। अधिकांश नर्सिंगहोम और क्लीनिक सर्जनों द्वारा ही संचालित किया जाता है। अधिकतर नर्सिंग होम में मरीज आने के बाद ऑनकाल सरकारी अस्पतालों से डाक्टर बुलाए जाते हैं। उन्हीं के सहारे नर्सिंगहोम और क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों द्वारा नर्सिंगहोमों व प्राइवेट प्रेक्टिस करने की शिकायतें मिलने पर पूर्व में प्राइवेट प्रेक्टिस पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों द्वारा नर्सिंगहोमों में काम करने की शिकायतें शासन तक पहुंच रही है। इस पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने स्वास्थ्य महानिदेशक को डाक्टरों की प्राइवेट प्रेक्टिस खासकर नर्सिंगहोम और क्लीनिक जाने पर रोक लगाने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य महानिदेशक पद्माकर सिंह ने सीएमओ को निर्देश दिया है कि वह टीम गठित कर नर्सिंगहोमों में छापामारी कराएं। छापेमारी के दौरान वह मरीजों से बात कर पता लगाएं कि कौन डाक्टर उनका उपचार कर रहा है। जिस नर्सिंगहोम में सरकारी अस्पताल के चिकित्सक जाने का प्रमाण मिले उस नर्सिंगहोम का लाइसेंस निरस्त कर संबंधित डाक्टर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र भेजें। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों के खिलाफ साक्ष्य मिले तो विभागीय कार्रवाई के लिए डीजी हेल्थ के आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। बताया कि नर्सिंगहोम व क्लीनिक पंजीकरण के नोडल अधिकारी के नेतृत्व में जल्द ही टीम गठित कर छापामारी कराई जाएगी। जो भी डाक्टर आदेश का उल्लंघन करते मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई के साथ ही नर्सिंगहोम का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
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