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एआरटीओ दफ्तर में लगी आग, करोड़ों की फाइलें जलकर राख
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:28 PM IST
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एआरटीओ दफ्तर में आग, करोड़ों फाइलें जलकर राख
- करोड़ों रुपये के टैक्स व वाहनों के पंजीकरण की थी फाइलें
- जेसीबी से दीवार तुड़वाकर फायर बिग्रेड ने पाया आग पर काबू
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। एआरटीओ दफ्तर में आग लगने से करोड़ों रुपये के रिकॉर्ड की फाइलें जलकर राख हो गईं। सुबह करीब छह बजे मौके से गुजर रहे लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने अफसरों को आग लगने की सूचना दी तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अफसर मौके पर पहुंचे, लेकिन आग बुझाने के लिए संसाधन न मिलने के चलते आग पर काबू पाने में चार घंटे का समय लग गया। प्रारंभिक जांच में अफसर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना बता रहे हैैं।
बुधवार तड़के एआरटीओ दफ्तर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। दफ्तर के रिकॉर्ड रूम में आग लगने की सूचना पर मौके पर पहुंचे अफसरों के पसीने छूट गए। दफ्तर के गेट बंद होने और आग के विकराल होने के चलते कोई भी व्यक्ति अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। सूचना पर पहुंचे एआरटीओ ने फायर बिग्रेड को फोन किया, करीब 15 मिनट बाद मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम को आग बुझाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिली, जिसके चलते आधा घंटे तक फायर बिग्रेड की टीम घटनास्थल पर खड़ी रही।
करीब 7.30 बजे डीएम के आदेश पर नगर पालिका की जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची और दफ्तर की दीवार तोड़कर आग बुझाने के इंतजाम शुरू किए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के बाद स्थिति की जांच की गई तो पता चला कि रिकॉर्ड रूम में रखी 40 फीसदी से अधिक फाइलें जलकर और पानी से गलकर खराब हो गई। बताया जा रहा है कि बर्बाद हुई फाइलों में करोड़ों रुपये के टैक्स और वाहन पंजीकरण की फाइलें थीं।
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बीच में ही खत्म हो गया फायर बिग्रेड का पानी
आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ी का पानी चंद मिनटों में ही खत्म हो गया। पानी खत्म होने के बाद आनन-फानन में खुर्जा से गाड़ियां बुलाई गई, लेकिन तब तक कई हजार फाइलें जलकर राख हो चुकी थी। करीब आधा घंटे बाद खुर्जा से फायर बिग्रेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
फाइलों की रैक में हुई थी वेल्डिंग
हादसे की पूर्व संध्या यानी मंगलवार शाम को दफ्तर में एक गेट के टूटने के चलते वेल्डिंग का कार्य कराया गया था। इसके अलावा फाइलों को रखने के लिए बनाई गई रैक में भी वेल्डिंग कराई गई थी। चर्चा यह भी है कि वेल्डिंग के बाद गर्म लोहे पर कोई फाइल टच हुई और उसने धीरे-धीरे सुलगकर विकराल आग का रूप ले लिया।
कैश रूम तक लगती आग तो होता और नुकसान
जिस रिकॉर्ड रूम में आग लगी वह कैश रूम के ठीक बराबर में था। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो वहां रखा कैश भी जलकर राख हो जाता है। बताया जा रहा है कि कैश रूम में करीब नौ लाख रुपये रखे हुए थे, जो पूरी तरह से सुरक्षित पाए गए।
कहीं साजिशन तो नहीं जलाई गई रिकॉर्ड की फाइलें!
एआरटीओ दफ्तर में लगी आग को साजिशन लगाए जाने की भी चर्चा जोरों पर हैं। चर्चा है कि दफ्तर में तैनात रहे एक बाबू ने वाहन पंजीकरण में लाखों का घपला किया था, जिसको दबाने के लिए खेल रचा गया है। चर्चा उस वक्त और गरम हो गई, जब पूर्व में तैनात बाबू को आग लगने की घटना की सुबह दफ्तर में रिकॉर्ड खंगालते देखा गया, जबकि वर्तमान में वह अन्य जनपद में तैनात है।
कोट -
सुबह करीब छह बजे कर्मचारी ने फोन पर आग लगने की सूचना दी। सूचना के बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। जितनी फाइलें जली हैं सबका ब्योरा कंप्यूटर में दर्ज है। फाइलों के अलावा दो मॉनिटर समेत करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना सामने आया है।
- मुहम्मद कय्यूम, एआरटीओ प्रशासन
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- करोड़ों रुपये के टैक्स व वाहनों के पंजीकरण की थी फाइलें
- जेसीबी से दीवार तुड़वाकर फायर बिग्रेड ने पाया आग पर काबू
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। एआरटीओ दफ्तर में आग लगने से करोड़ों रुपये के रिकॉर्ड की फाइलें जलकर राख हो गईं। सुबह करीब छह बजे मौके से गुजर रहे लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने अफसरों को आग लगने की सूचना दी तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अफसर मौके पर पहुंचे, लेकिन आग बुझाने के लिए संसाधन न मिलने के चलते आग पर काबू पाने में चार घंटे का समय लग गया। प्रारंभिक जांच में अफसर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना बता रहे हैैं।
बुधवार तड़के एआरटीओ दफ्तर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। दफ्तर के रिकॉर्ड रूम में आग लगने की सूचना पर मौके पर पहुंचे अफसरों के पसीने छूट गए। दफ्तर के गेट बंद होने और आग के विकराल होने के चलते कोई भी व्यक्ति अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। सूचना पर पहुंचे एआरटीओ ने फायर बिग्रेड को फोन किया, करीब 15 मिनट बाद मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम को आग बुझाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिली, जिसके चलते आधा घंटे तक फायर बिग्रेड की टीम घटनास्थल पर खड़ी रही।
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करीब 7.30 बजे डीएम के आदेश पर नगर पालिका की जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची और दफ्तर की दीवार तोड़कर आग बुझाने के इंतजाम शुरू किए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के बाद स्थिति की जांच की गई तो पता चला कि रिकॉर्ड रूम में रखी 40 फीसदी से अधिक फाइलें जलकर और पानी से गलकर खराब हो गई। बताया जा रहा है कि बर्बाद हुई फाइलों में करोड़ों रुपये के टैक्स और वाहन पंजीकरण की फाइलें थीं।
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बीच में ही खत्म हो गया फायर बिग्रेड का पानी
आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ी का पानी चंद मिनटों में ही खत्म हो गया। पानी खत्म होने के बाद आनन-फानन में खुर्जा से गाड़ियां बुलाई गई, लेकिन तब तक कई हजार फाइलें जलकर राख हो चुकी थी। करीब आधा घंटे बाद खुर्जा से फायर बिग्रेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
फाइलों की रैक में हुई थी वेल्डिंग
हादसे की पूर्व संध्या यानी मंगलवार शाम को दफ्तर में एक गेट के टूटने के चलते वेल्डिंग का कार्य कराया गया था। इसके अलावा फाइलों को रखने के लिए बनाई गई रैक में भी वेल्डिंग कराई गई थी। चर्चा यह भी है कि वेल्डिंग के बाद गर्म लोहे पर कोई फाइल टच हुई और उसने धीरे-धीरे सुलगकर विकराल आग का रूप ले लिया।
कैश रूम तक लगती आग तो होता और नुकसान
जिस रिकॉर्ड रूम में आग लगी वह कैश रूम के ठीक बराबर में था। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो वहां रखा कैश भी जलकर राख हो जाता है। बताया जा रहा है कि कैश रूम में करीब नौ लाख रुपये रखे हुए थे, जो पूरी तरह से सुरक्षित पाए गए।
कहीं साजिशन तो नहीं जलाई गई रिकॉर्ड की फाइलें!
एआरटीओ दफ्तर में लगी आग को साजिशन लगाए जाने की भी चर्चा जोरों पर हैं। चर्चा है कि दफ्तर में तैनात रहे एक बाबू ने वाहन पंजीकरण में लाखों का घपला किया था, जिसको दबाने के लिए खेल रचा गया है। चर्चा उस वक्त और गरम हो गई, जब पूर्व में तैनात बाबू को आग लगने की घटना की सुबह दफ्तर में रिकॉर्ड खंगालते देखा गया, जबकि वर्तमान में वह अन्य जनपद में तैनात है।
कोट -
सुबह करीब छह बजे कर्मचारी ने फोन पर आग लगने की सूचना दी। सूचना के बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। जितनी फाइलें जली हैं सबका ब्योरा कंप्यूटर में दर्ज है। फाइलों के अलावा दो मॉनिटर समेत करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होना सामने आया है।
- मुहम्मद कय्यूम, एआरटीओ प्रशासन