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विद्यालयों में शिक्षा सुधार के लिए बनाई रणनीति
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:20 AM IST
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विद्यालयों में शिक्षा सुधार के लिए बनाई रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन करीब 400 विद्यालय संचालित हैं। शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए हालांकि हर साल शासन और परिषद की ओर से कई प्रयास और आदेश जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद इसके कहीं न कहीं कमी रह जाती है। साथ ही इन विद्यालयों में शिक्षकों की भी कमी है। इसके चलते कई विषयों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। इस तरह के मामले कई बार उजागर हो चुके हैं। अब डीआइओएस ने रणनीति बनाई है कि विद्यालयों में शिक्षा सुधार के साथ छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं के साथ मूलभूत सुविधा भी मिले। इसके लिए उन्होंने निर्णय लिया है कि अब प्रत्येक माह के प्रथम और तीसरे सप्ताह प्रधानाचार्यों की बैठक लेकर चल ही शिक्षा की जानकारी हासिल की जाए। इसके लिए विभागीय स्तर से तैयारी कर ली गई है और सभी प्रधानाचार्यों को आदेश जारी कर दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी ने बताया कि यह पहल शिक्षा सुधार के लिए शुरू की गई है। इससे जहां विद्यालयों की शिक्षा में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की दक्षता का भी आसानी से पता चल जाएगा। जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां शिक्षकों पर सख्ती बरती जाएगी। इस कार्य में शिक्षकों की शिथिलता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन करीब 400 विद्यालय संचालित हैं। शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए हालांकि हर साल शासन और परिषद की ओर से कई प्रयास और आदेश जारी किए जाते हैं। इसके बावजूद इसके कहीं न कहीं कमी रह जाती है। साथ ही इन विद्यालयों में शिक्षकों की भी कमी है। इसके चलते कई विषयों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। इस तरह के मामले कई बार उजागर हो चुके हैं। अब डीआइओएस ने रणनीति बनाई है कि विद्यालयों में शिक्षा सुधार के साथ छात्र-छात्राओं को सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं के साथ मूलभूत सुविधा भी मिले। इसके लिए उन्होंने निर्णय लिया है कि अब प्रत्येक माह के प्रथम और तीसरे सप्ताह प्रधानाचार्यों की बैठक लेकर चल ही शिक्षा की जानकारी हासिल की जाए। इसके लिए विभागीय स्तर से तैयारी कर ली गई है और सभी प्रधानाचार्यों को आदेश जारी कर दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी ने बताया कि यह पहल शिक्षा सुधार के लिए शुरू की गई है। इससे जहां विद्यालयों की शिक्षा में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की दक्षता का भी आसानी से पता चल जाएगा। जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां शिक्षकों पर सख्ती बरती जाएगी। इस कार्य में शिक्षकों की शिथिलता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।