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शौचालय निर्माण में लापरवाही पर निलंबित होंगे ब्लाक अधिकारी
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:04 AM IST
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शौचालय निर्माण में लापरवाही पर निलंबित होंगे ब्लाक अधिकारी
बुलंदशहर। खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) के लक्ष्य को भेदने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिले में ओडीएफ मिशन की हकीकत को परखने का कार्य किया जाएगा। प्रशासनिक अफसरों ने शौचालय निर्माण में तेजी लाने के साथ इस कार्य को समय पर पूरा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि इस कार्य में लेट लतीफी महंगी पड़ सकती है।
जिले में 951 ग्राम पंचायतों और 1176 राजस्व गांवों को दो अक्तूबर तक ओडीएफ किया जाना है। यह लक्ष्य शासन से मिला है, जबकि डीएम अनुज कुमार झा के आदेश हैं कि जिले को 15 अगस्त तक ओडीएफ कर लिया जाए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को शौच से मुक्त कराने का लक्ष्य अभी दूर है। पंचायती राज विभाग जिले के तीन ब्लॉक गुलावठी, बीबीनगर और स्याना के साथ करीब 380 ग्राम पंचायत और 450 से अधिक राजस्व गांवों को ओडीएफ किए जाने का दावा कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर जिले में बनाए जाने वाले 2.05 लाख शौचालयों में से अभी करीब 65 हजार और शौचालयों का निर्माण होना शेष है। इस समय शौचालय निर्माण का काम जारी है और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के साथ ओडीएफ घोषित किए गए गांवों का आखिरी सत्यापन मंडल स्तर से होना है। अब जिले को ओडीएफ घोषित करने के लिए समय बहुत कम रह गया है। इसलिए प्रशासन ने तेवर तल्ख करते हुए कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। इसके चलते सीडीओ ईशा दुहन और डीपीआरओ अमरजीत सिंह ने ब्लॉक अधिकारियों को शौचालय निर्माण में तेजी लाने के साथ जिले को समय पर ओडीएफ करवाने के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ अमरजीत सिंह का कहना है कि आदेश हैं कि अगर शौचालय निर्माण और ओडीएफ में किसी तरह की लेट लतीफी पाई गई तो ब्लॉक अधिकारी निलंबित होंगे और इस कार्य में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी।
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बुलंदशहर। खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) के लक्ष्य को भेदने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। जिले में ओडीएफ मिशन की हकीकत को परखने का कार्य किया जाएगा। प्रशासनिक अफसरों ने शौचालय निर्माण में तेजी लाने के साथ इस कार्य को समय पर पूरा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि इस कार्य में लेट लतीफी महंगी पड़ सकती है।
जिले में 951 ग्राम पंचायतों और 1176 राजस्व गांवों को दो अक्तूबर तक ओडीएफ किया जाना है। यह लक्ष्य शासन से मिला है, जबकि डीएम अनुज कुमार झा के आदेश हैं कि जिले को 15 अगस्त तक ओडीएफ कर लिया जाए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को शौच से मुक्त कराने का लक्ष्य अभी दूर है। पंचायती राज विभाग जिले के तीन ब्लॉक गुलावठी, बीबीनगर और स्याना के साथ करीब 380 ग्राम पंचायत और 450 से अधिक राजस्व गांवों को ओडीएफ किए जाने का दावा कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर जिले में बनाए जाने वाले 2.05 लाख शौचालयों में से अभी करीब 65 हजार और शौचालयों का निर्माण होना शेष है। इस समय शौचालय निर्माण का काम जारी है और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के साथ ओडीएफ घोषित किए गए गांवों का आखिरी सत्यापन मंडल स्तर से होना है। अब जिले को ओडीएफ घोषित करने के लिए समय बहुत कम रह गया है। इसलिए प्रशासन ने तेवर तल्ख करते हुए कार्य में तेजी लाने के आदेश दिए हैं। इसके चलते सीडीओ ईशा दुहन और डीपीआरओ अमरजीत सिंह ने ब्लॉक अधिकारियों को शौचालय निर्माण में तेजी लाने के साथ जिले को समय पर ओडीएफ करवाने के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ अमरजीत सिंह का कहना है कि आदेश हैं कि अगर शौचालय निर्माण और ओडीएफ में किसी तरह की लेट लतीफी पाई गई तो ब्लॉक अधिकारी निलंबित होंगे और इस कार्य में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी।
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