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... तो इस बरसात भी ‘डूबेगा’ शहर
Updated Tue, 19 Jun 2018 10:48 PM IST
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... तो इस बरसात भी ‘डूबेगा’ शहर
मानसून सिर पर, इंतजाम सिफर
- डीएम के आदेश के बाद भी नहीं हुई शहर के नालों की सफाई
- सफाई के नाम पर नगर पालिका के अफसरों ने की खानापूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
मानसून सिर पर है और जिले में इससे निपटने के इंतजाम सिफर हैं। शहर के बड़े से छोटे नाले तक गंदगी से अटे पड़े हैं। डीएम के आदेश के बाद भी नालों की सफाई में खानापूर्ति हो रही है। इस माह के अंत तक मानसून दस्तक दे देगा, ऐसे में नगर पालिका के अफसर अब भी नहीं जागे तो इस बरसात भी लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा।
डीएम अनुज कुमार झा ने बारिश से पूर्व शहर के नालों की सफाई करने के आदेश दिए थे, जिससे लोगों को बरसात में जलभराव से न जूझना पड़े। डीएम के आदेशों पर नगर पालिका अफसरों ने नालों की सफाई के लिए कार्य शुरू तो किया, लेकिन सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। स्थिति यह है कि शहर के अधिकतर बड़े नाले गंदगी के चलते चोक होने की कगार पर हैं। नहर कालोनी के समीप, साठा, दिल्ली रोड़, रुकनसराय, सरायधारी समेत कई मोहल्ले के प्रमुख नालों में पानी कम गंदगी अधिक है। लोगों का कहना है कि सभासदों व नगर पालिका अफसरों से इसकी शिकायत की गई है, लेकिन कोई समाधान नहीं किया जा सका है।
हालांकि पालिका ने कुछ नाले को साफ भी करा दिया, लेकिन नाले की हालत ऐसी है कि वहां से पानी निकलना संभव नहीं है। नाला कच्चा होने के चलते बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। शहर में छोटे बड़े कुल 100 नाले हैं।
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लाखों रुपये का बजट होता है खर्च
नालों की सफाई पर नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये का बजट खर्च किया जाता है। इसमें भी अफसरों की ओर से खानापूर्ति करते हुए खेल कर दिया जाता है और बजट की मिलकर बंदरबांट कर ली जाती है।
कोट-
डीएम के आदेश पर सफाई अभियान लगातार चल रहा है। कुछ नाले नगर पालिका क्षेत्र में नहीं आते हैं उनकी सफाई संबंधित विभाग द्वारा कराई जाएगी।
- एके सिंह, ईओ नगर पालिका बुलंदशहर
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मानसून सिर पर, इंतजाम सिफर
- डीएम के आदेश के बाद भी नहीं हुई शहर के नालों की सफाई
- सफाई के नाम पर नगर पालिका के अफसरों ने की खानापूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
मानसून सिर पर है और जिले में इससे निपटने के इंतजाम सिफर हैं। शहर के बड़े से छोटे नाले तक गंदगी से अटे पड़े हैं। डीएम के आदेश के बाद भी नालों की सफाई में खानापूर्ति हो रही है। इस माह के अंत तक मानसून दस्तक दे देगा, ऐसे में नगर पालिका के अफसर अब भी नहीं जागे तो इस बरसात भी लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ेगा।
डीएम अनुज कुमार झा ने बारिश से पूर्व शहर के नालों की सफाई करने के आदेश दिए थे, जिससे लोगों को बरसात में जलभराव से न जूझना पड़े। डीएम के आदेशों पर नगर पालिका अफसरों ने नालों की सफाई के लिए कार्य शुरू तो किया, लेकिन सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। स्थिति यह है कि शहर के अधिकतर बड़े नाले गंदगी के चलते चोक होने की कगार पर हैं। नहर कालोनी के समीप, साठा, दिल्ली रोड़, रुकनसराय, सरायधारी समेत कई मोहल्ले के प्रमुख नालों में पानी कम गंदगी अधिक है। लोगों का कहना है कि सभासदों व नगर पालिका अफसरों से इसकी शिकायत की गई है, लेकिन कोई समाधान नहीं किया जा सका है।
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हालांकि पालिका ने कुछ नाले को साफ भी करा दिया, लेकिन नाले की हालत ऐसी है कि वहां से पानी निकलना संभव नहीं है। नाला कच्चा होने के चलते बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। शहर में छोटे बड़े कुल 100 नाले हैं।
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लाखों रुपये का बजट होता है खर्च
नालों की सफाई पर नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये का बजट खर्च किया जाता है। इसमें भी अफसरों की ओर से खानापूर्ति करते हुए खेल कर दिया जाता है और बजट की मिलकर बंदरबांट कर ली जाती है।
कोट-
डीएम के आदेश पर सफाई अभियान लगातार चल रहा है। कुछ नाले नगर पालिका क्षेत्र में नहीं आते हैं उनकी सफाई संबंधित विभाग द्वारा कराई जाएगी।
- एके सिंह, ईओ नगर पालिका बुलंदशहर