{"_id":"5b1432e64f1c1bfd6e8b6008","slug":"15280504101162-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"62 को दिए नोटिस, बंद एक भी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
62 को दिए नोटिस, बंद एक भी नहीं
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
62 को दिए नोटिस, बंद एक भी नहीं
बुलंदशहर। जिले के अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने मई माह में 10 दिन तक छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान 62 से अधिक अपंजीकृत चिकित्सकों को नोटिस जारी कर तीन दिन में पंजीकरण के दस्तावेज न दिखाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। नोटिस जारी करने के बाद अभी तक एक भी क्लीनिक बंद न होने से स्वास्थ्य विभाग संदेह के घेरे में दिखाई दे रहा है।
जिले में अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई करता रहता है। मई माह में भी स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर करीब 62 से अधिक संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया था। वहीं अफसरों ने तीन दिन में पंजीकरण के दस्तावेज न दिखाने पर अपंजीकृत क्लीनिक बंद करने के आदेश दिए थे। एसीएमओ डॉ. अवनेंद कुमार ने बताया कि अभी तक 15 संचालक अपने क्लीनिक बंद करने के लिए शपथ पत्र दे गए। वहीं, जब पूछा गया कि शपथ पत्र देने वालों के क्लीनिक बंद हुए या नहीं, तो एसीएमओ चुप्पी साध गए।
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिले के अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने मई माह में 10 दिन तक छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान 62 से अधिक अपंजीकृत चिकित्सकों को नोटिस जारी कर तीन दिन में पंजीकरण के दस्तावेज न दिखाने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। नोटिस जारी करने के बाद अभी तक एक भी क्लीनिक बंद न होने से स्वास्थ्य विभाग संदेह के घेरे में दिखाई दे रहा है।
जिले में अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई करता रहता है। मई माह में भी स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर करीब 62 से अधिक संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया गया था। वहीं अफसरों ने तीन दिन में पंजीकरण के दस्तावेज न दिखाने पर अपंजीकृत क्लीनिक बंद करने के आदेश दिए थे। एसीएमओ डॉ. अवनेंद कुमार ने बताया कि अभी तक 15 संचालक अपने क्लीनिक बंद करने के लिए शपथ पत्र दे गए। वहीं, जब पूछा गया कि शपथ पत्र देने वालों के क्लीनिक बंद हुए या नहीं, तो एसीएमओ चुप्पी साध गए।
विज्ञापन