फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   अब सीएचसी-पीएचसी से भी मिलेगा शव वाहन

अब सीएचसी-पीएचसी से भी मिलेगा शव वाहन

Fri, 18 May 2018 11:08 PM IST
Updated Fri, 18 May 2018 11:08 PM IST
विज्ञापन
अब सीएचसी-पीएचसी से भी मिलेगा शव वाहन
अब सीएचसी-पीएचसी से भी मिलेगा शव वाहन
विज्ञापन

- शव वाहन नहीं मिला तो नपेंगे प्रभारी चिकित्सक
- शासन ने किया सुविधा में विस्तार, मिलेगा एक और शव वाहन
- कंधे पर शव ले जाने का मामला आया सामने तो सीएमओ होंगे जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिला अस्पताल के साथ ही अब सीएचसी व पीएचसी में भर्ती मरीज की मौत होने पर शव घर पहुंचाने का इंतजाम स्वास्थ्य विभाग करेगा। अगर कहीं पर शव वाहन न मिलने या कंधे पर शव ले जाने का मामला प्रकाश में आया तो अस्पताल प्रभारी के साथ ही उस जिले के सीएमओ के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। शासन ने सुविधाओं में विस्तार करते हुए यह सख्त निर्देश जारी किए हैं।
शासन के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सभी जिलों में शव को ले जाने के संसाधनों की समीक्षा की। उन्होंने सीएमओ और जिला अस्पतालों के सीएमएस को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सभी सीएमओ और सीएमएस को निर्देश दिए कि शव की दुर्गति न हो और सम्मान के साथ शव घर तक भिजवाने के लिए राजकीय शव वाहन का प्रयोग किया जाए। चेतावनी दी कि यदि कहीं पर भी शव को कंधे पर या अन्य किसी प्रकार से ले जाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित जिले के सीएमओ इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। प्रमुख सचिव ने कहा कि अगर समय पर वाहन उपलब्ध नहीं है तो मृतक के परिजनों से तीन घंटे का समय लेकर वाहन उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद यदि वह अपने साधन से शव ले जाना चाहते हैं तो उनसे लिखित लिया जाए, ताकि बाद में विभाग पर आरोप न लगें और सरकार की किरकिरी न हो।
विज्ञापन

सीएचसी-पीएचसी पर नहीं है सुविधा
फिलहाल जिला स्तरीय अस्पतालों में ही शव वाहन उपलब्ध हैं। सीएचसी-पीएचसी में शव वाहन की सुविधा नहीं है। शासन ने अब जिला स्तरीय अस्पतालों के साथ सीएचसी-पीएचसी पर भी शव वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले को मिला एक और वाहन
शासन ने सुविधा के विस्तार के क्रम में जिले को एक और शव वाहन दिया है। इसका उपयोग सीएचसी एवं पीएचसी में भर्ती मरीज की मौत होने पर शव ले जाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में किया जाएगा।


कोट
शासन के निर्देश पर अब जिले के सभी सरकारी चिकित्सालयों में शव वाहन की सुविधा सरकारी एंबुलेंस की तरह निशुल्क मिलेगी। लोगों की मांग पर समय से शव वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए सभी अधीनस्थों को निर्देशित कर दिया गया है। - डॉ. सुष्पेन्द्र कुमार, प्रभारी सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed