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दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाएगा संजीवनी पोर्टल

Tue, 08 May 2018 10:08 PM IST
Updated Tue, 08 May 2018 10:08 PM IST
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दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाएगा संजीवनी पोर्टल
दवाओं की अवैध बिक्री पर भी रोक लगाएगा संजीवनी पोर्टल
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- एसडीएम सदर के निर्देशन में अस्पतालों में दवाओं के लिए बनाया गया है पोर्टल
- स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की खरीद में होने वाले भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी को दूर करने के लिए तैयार किया गया संजीवनी पोर्टल अब दवाओं की अवैध बिक्री पर भी रोक लगाएगा। इससे स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की खरीद में होने वाले भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। एसडीएम सदर के निर्देश में पोर्टल को तैयार किया गया है। नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अधिकारी और कर्मचारी जुट गए हैं।
एसडीएम सदर अरविंद सिंह के निर्देशन में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करने के लिए संजीवनी नामक पोर्टल तैयार किया गया है। पोर्टल पर एक बार सभी दवाओं का ब्योरा अपलोड करने के बाद नियमित रूप से दवाओं की खपत की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद सीमा से कम स्टॉक होने पर पोर्टल से स्वत: ही ऑर्डर बनकर अफसरों के पास पहुंच जाएगा। इससे अस्पतालों में दवाओं की कमी नहीं होगी और मरीजों को समय से दवाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा पोर्टल पर ऑनलाइन पूरा ब्योरा दर्ज होने के चलते दवाओं की खरीद में होने वाले भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लग सकेगा। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग के कई अफसर इन दिनों काफी परेशान नजर आ रहे हैं। हालांकि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वह पोर्टल के काम में जुटे हैं।
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ऐसे लगेगा अवैध बिक्री पर अंकुश
स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न मदों के बजट से प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की निजी दवाएं खरीदी जाती हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर बड़ी मात्रा में इन दवाओं को अस्पतालों में न पहुंचाकर फर्जी बिल बनाकर निजी मेडिकल पर बेच देते हैं। इससे विभाग को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ता है। पोर्टल पर ऑनलाइन डिमांड और पूरा ब्योरा दर्ज होने के बाद दवाओं की खरीद में धांधली नहीं हो सकेगी।
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कोट
पोर्टल के लिए स्वास्थ्य अफसरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सीएचसी-पीएचसी के चिकित्सकों को इसका प्रशिक्षण दिया जाना है। पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों को जिले के उच्चाधिकारी कहीं पर भी देख सकते हैं। - अरविंद सिंह, एसडीएम सदर
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