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जिले के 86700 किसान 165.91 करोड़ के कर्जदार
Updated Fri, 04 May 2018 11:24 PM IST
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जिले के 86700 किसान 165.95 करोड़ के हैं कर्जदार
- सहकारी समितियों ने किसानों को दिया था 343.45 करोड़ का ऋण
- 177 करोड़ के ऋण की किसानों से हो चुकी है वसूली
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले के 86700 किसान 165.91 करोड़ रुपये के कर्जदार हैं। सहकारी समितियों ने किसानों को 343.45 करोड़ का ऋण दिया था। इसमें से अभी तक 177 करोड़ के ऋण की ही वसूला जा चुका है।
जिले में करीब 125 सहकारी समितियां हैं। इन समितियों से करीब एक लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। इन किसानों को समिति की ओर से फसली ऋण के अलावा खाद और यूरिया आदि उधार दिए जाने का प्रावधान है। शासन के नियमानुसार किसान को दिए जाने वाला ऋण, खाद और यूरिया की राशि छह माह में जमा करनी होती है। इस राशि पर ब्याज भी लगाया जाता है। यदि समय पर राशि जमा नहीं की जाती तो ब्याज का प्रतिशत बढ़ा दिया जाता है। इस बार जिले की समितियों ने 86700 किसानों को 343.45 करोड़ का ऋण दिया था। अब छह माह पूरा होने पर उसकी वसूली शुरू करने पर अभी तक 177 करोड़ का ही ऋण वसूला जा सका। अफसरों का कहना है कि शेष 165.91 करोड़ के ऋण की वसूली जारी है और यह वसूली 31 मई तक की जानी है। इसके लिए किसानों से संपर्क कर उन्हें ऋण जमा करने के लिए कहा जा रहा है।
कोट----
जिले के किसानों पर अभी 165.91 करोड़ का ऋण बकाया है। इसकी वसूली जारी है और 31 मई तक वसूली की जाएगी। यदि इस अवधि में यदि किसानों ने ऋण जमा नहीं किया तो ब्याज बढ़ जाएगा। किसानों को चाहिए कि ब्याज से बचने के लिए वह समय पर ऋण जमा करें। - अजय पालीवाल, जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां उप्र।
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- सहकारी समितियों ने किसानों को दिया था 343.45 करोड़ का ऋण
- 177 करोड़ के ऋण की किसानों से हो चुकी है वसूली
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले के 86700 किसान 165.91 करोड़ रुपये के कर्जदार हैं। सहकारी समितियों ने किसानों को 343.45 करोड़ का ऋण दिया था। इसमें से अभी तक 177 करोड़ के ऋण की ही वसूला जा चुका है।
जिले में करीब 125 सहकारी समितियां हैं। इन समितियों से करीब एक लाख से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। इन किसानों को समिति की ओर से फसली ऋण के अलावा खाद और यूरिया आदि उधार दिए जाने का प्रावधान है। शासन के नियमानुसार किसान को दिए जाने वाला ऋण, खाद और यूरिया की राशि छह माह में जमा करनी होती है। इस राशि पर ब्याज भी लगाया जाता है। यदि समय पर राशि जमा नहीं की जाती तो ब्याज का प्रतिशत बढ़ा दिया जाता है। इस बार जिले की समितियों ने 86700 किसानों को 343.45 करोड़ का ऋण दिया था। अब छह माह पूरा होने पर उसकी वसूली शुरू करने पर अभी तक 177 करोड़ का ही ऋण वसूला जा सका। अफसरों का कहना है कि शेष 165.91 करोड़ के ऋण की वसूली जारी है और यह वसूली 31 मई तक की जानी है। इसके लिए किसानों से संपर्क कर उन्हें ऋण जमा करने के लिए कहा जा रहा है।
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कोट----
जिले के किसानों पर अभी 165.91 करोड़ का ऋण बकाया है। इसकी वसूली जारी है और 31 मई तक वसूली की जाएगी। यदि इस अवधि में यदि किसानों ने ऋण जमा नहीं किया तो ब्याज बढ़ जाएगा। किसानों को चाहिए कि ब्याज से बचने के लिए वह समय पर ऋण जमा करें। - अजय पालीवाल, जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां उप्र।
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