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90 हजार किसानों का मिलों पर 141 करोड़ बकाया
Updated Sun, 22 Apr 2018 10:45 PM IST
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90 हजार किसानों का मिलों पर 141 करोड़ बकाया
- 552 करोड़ रुपये के सापेक्ष अभी तक 411 करोड़ का हुआ है भुगतान
- साबितगढ़ मिल पर किसानों का सर्वाधिक 55 करोड़ रुपये बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। चीनी मिल बंद होने के नजदीक पहुंच गई हैं और जिले के 90 हजार से अधिक किसानों का मिलों पर 141 करोड़ रुपये का बकाया है। जबकि जिले की मिलें अभी तक 552 करोड़ का गन्ना खरीद चुकी हैं, जिसमें 411 करोड़ का भुगतान कर दिया है। वहीं साबितगढ़ चीनी मिल पर किसानों का सर्वाधित 55 करोड़ रुपये बकाया है।
जिले में इस बार 54 हजार हेक्टेयर भूमि में गन्ना उत्पादन किया गया। जिले की अनामिका, साबितगढ़, अनूपशहर और वेव शुगर मिल के अलावा हापुड़ की ब्रजनाथपुर, गंगा पार रजपुरा, सिम्भावली और अमरोहा की चंदनपुर मिल में जिले का गन्ना पहुंचना था। दूसरे जिले की चार चीनी मिलों को छोड़कर जिले की चीनी मिलों ने अब तक 552 करोड़ का गन्ना खरीद लिया है। जबकि 411 करोड़ का भुगतान कर चुकी हैं और 141 करोड़ की राशि बकाया है। सबसे अधिक गन्ना किसानों की बकाया राशि 55 करोड़ साबितगढ़ मिल पर है। इसी तरह अनामिका पर 17 करोड़, अनूपशहर पर 36 और वेव शुगर मिल पर 32 करोड़ बकाया है। समय पर किसानों को गन्ने का पेमेंट नहीं मिलने पर अब मिलों को अब यह राशि शासनादेश के तहत ब्याज लगाकर देनी होगी। शासन का आदेश है कि गन्ना किसानों का 14 दिन के भीतर पेमेंट किया जाए, जबकि मिलों ने ऐसा नहीं किया। उधर, अफसरों का कहना है कि जिले से बाहर की चीनी मिलों द्वारा किसानों को दिए गए और रुके पेमेंट की जानकारी ली जा रही है।
जिले की सभी चीनी मिलों से किसानों के गन्ने की बकाया राशि का भुगतान करवाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। मिल अफसरों ने आश्वासन दिया है कि किसानों की बकाया राशि का जल्द भुगतान किया जाएगा। किसानों की एक-एक पाई का हिसाब होने तक वह प्रयासरत रहेंगे। - एपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर।
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- 552 करोड़ रुपये के सापेक्ष अभी तक 411 करोड़ का हुआ है भुगतान
- साबितगढ़ मिल पर किसानों का सर्वाधिक 55 करोड़ रुपये बकाया
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। चीनी मिल बंद होने के नजदीक पहुंच गई हैं और जिले के 90 हजार से अधिक किसानों का मिलों पर 141 करोड़ रुपये का बकाया है। जबकि जिले की मिलें अभी तक 552 करोड़ का गन्ना खरीद चुकी हैं, जिसमें 411 करोड़ का भुगतान कर दिया है। वहीं साबितगढ़ चीनी मिल पर किसानों का सर्वाधित 55 करोड़ रुपये बकाया है।
जिले में इस बार 54 हजार हेक्टेयर भूमि में गन्ना उत्पादन किया गया। जिले की अनामिका, साबितगढ़, अनूपशहर और वेव शुगर मिल के अलावा हापुड़ की ब्रजनाथपुर, गंगा पार रजपुरा, सिम्भावली और अमरोहा की चंदनपुर मिल में जिले का गन्ना पहुंचना था। दूसरे जिले की चार चीनी मिलों को छोड़कर जिले की चीनी मिलों ने अब तक 552 करोड़ का गन्ना खरीद लिया है। जबकि 411 करोड़ का भुगतान कर चुकी हैं और 141 करोड़ की राशि बकाया है। सबसे अधिक गन्ना किसानों की बकाया राशि 55 करोड़ साबितगढ़ मिल पर है। इसी तरह अनामिका पर 17 करोड़, अनूपशहर पर 36 और वेव शुगर मिल पर 32 करोड़ बकाया है। समय पर किसानों को गन्ने का पेमेंट नहीं मिलने पर अब मिलों को अब यह राशि शासनादेश के तहत ब्याज लगाकर देनी होगी। शासन का आदेश है कि गन्ना किसानों का 14 दिन के भीतर पेमेंट किया जाए, जबकि मिलों ने ऐसा नहीं किया। उधर, अफसरों का कहना है कि जिले से बाहर की चीनी मिलों द्वारा किसानों को दिए गए और रुके पेमेंट की जानकारी ली जा रही है।
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जिले की सभी चीनी मिलों से किसानों के गन्ने की बकाया राशि का भुगतान करवाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। मिल अफसरों ने आश्वासन दिया है कि किसानों की बकाया राशि का जल्द भुगतान किया जाएगा। किसानों की एक-एक पाई का हिसाब होने तक वह प्रयासरत रहेंगे। - एपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर।
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