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महिला उपभोक्ता के खाते से 70 हजार गायब, अधिकारी सुनने को तैयार नहीं

Mon, 19 Feb 2018 01:01 AM IST
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:01 AM IST
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महिला उपभोक्ता के खाते से 70 हजार गायब, अधिकारी सुनने को तैयार नहीं
महिला के बैंक खाते से 70 हजार रुपये गायब
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बैंक मित्र के माध्यम से जमा कराए थे रुपये, नहीं हो रही कार्रवाई
बुगरासी। बैंकों में बैंक मित्रों के जरिये धांधली रुकने का नाम नहीं ले रही है। अब बैंक मित्र के माध्यम से जमा किए गए 70 हजार रुपये खाते से गायब हो गए हैं। पीड़ित महिला ने बेटी की शादी के लिए रुपये जमा किए थे। बैंक अफसर भी अब सुनवाई नहीं कर रहे हैं, जबकि पुलिस तहरीर आने का इंतजार कर रही है।
कस्बे में दो बैंक हैं और दोनों ही चर्चाओं में रहते हैं। इस बार इलाहाबाद बैंक की उपभोक्ता गांव रवानी कटीरी निवासी कमलेश देवी पत्नी राजपाल सिंह के खाते से 70 हजार रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। कमलेश देवी ने अपने खाते में इलाहाबाद बैंक मित्र के माध्यम से 31 मई 2016 को 70 हजार रुपये बैंक में जमा कराए थे। सात व आठ जून 2016 को उनके खाते से सात बार में 70 हजार रुपये निकाल लिए गए। पिछले दिनों जब वह बैंक पहुंची, तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। कमलेश ने आरोप लगाया है कि बैंक अधिकारियों ने उससे बात तक नहीं की और फटकार कर भगा दिया।
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वर्जन
मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। महिला अपनी शिकायत लिखित में देती हैं, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- राजवीर सिंह, शाखा प्रबंधक इलाहाबाद बैंक

- यह मामला बेहद गंभीर है। उपभोक्ता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। बैंक खाते से छेड़छाड़ कर घोटाला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
- अंविता उपाध्याय, सीओ स्याना

कमीशन से शुरू हुआ लालच पहुंचा घोटाले तक
बैंक मित्रों ने खाता खोलते समय उपभोक्ता के साथ ही अपने फिंगर प्रिंट भी कर रखे फीड
अजय गर्ग
बुगरासी। बैंकों ने गांवों में सेंटर खोलकर बैंक मित्रों को बैठा दिया है, जिससे वे अपनी सेवा का विस्तार कर सकें। लेकिन आएदिन इन बैंक मित्रों के जरिये घोटाला सामने आ रहा है। ये लोग अशिक्षित ग्राहकों को सबसे ज्यादा शिकार बनाते हैं।
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जन-धन योजना के तहत गांव-गांव में बैंक मित्रों ने अकाउंट खोले थे। बैंक मित्र केवल बायोेमेट्रिक सिस्टम से ही अकाउंट खोल सकते हैं। अकाउंट खोलते समय उपभोक्ताओं के फिंगर प्रिंट लेने जरूरी होते हैं। उपभोक्ता के साथ ही कुछ बैंक मित्रों ने अपने भी फिंगर प्रिंट फीड कर रखे हैं। इससे जब भी उपभोक्ता कोई ट्रांजेक्शन करता है, तो उसका कमीशन बैंक मित्र के खाते में आ जाता है। कमीशन के लालच से शुरू हुआ फर्जीवाड़ा उपभोक्ता के अकाउंट से बिना उसकी जानकारी रुपये निकालते तक पहुंच गया है। उपभोक्ता शिकायत करते रहते हैं, लेकिन बैंक ने कोई ठोस कार्रवाई अभी तक किसी भी बैंक मित्र पर नहीं की है। कमलेश देवी ने भी अपनी बेटी की शादी के लिए रकम अकाउंट में डाली थी, लेकिन अब वह गायब होने से कमलेश दर-दर की ठोकरें खा रही हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
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