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जिले की चीनी मिलों ने किया 93 करोड़ का भुगतान
Updated Wed, 17 Jan 2018 11:22 PM IST
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जिले की चीनी मिलों ने किया 93 करोड़ का भुगतान
- तीन चीनी मिलों पर अब किसानों का करीब 10 करोड़ रुपये बकाया
- समय पर गन्ने का भुगतान मिलने से किसानाें में खुशी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गन्ना उत्पादक किसानों में इस बार खुशी है। उनका गन्ने का भुगतान समय पर मिल रहा है। उनकी खुशी इसलिए और बढ़ गई कि जिले की चीनी मिलों ने गन्ने का 93 करोड़ का भुगतान कर दिया है। जबकि जिले की तीन चीनी मिलों पर अब किसानों का करीब 10 करोड़ रुपया बकाया है। अफसरों का दावा है कि इस राशि का भी जल्द भुगतान चीनी मिलों से जल्द करवाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या एक लाख के आसपास है। विगत वर्ष तक किसानों को अपने गन्ने की बकाया राशि के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। यह राशि किसानों को पिछले माह तक प्राप्त हुई। इस दौरान अच्छी बात यह रही कि जिले की चीनी मिलों ने समय पर भुगतान कर दिया था। जबकि हापुड़ की ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने बकाया भुगतान करने में देरी की। इस बार जब भाजपा की प्रदेश में सरकार बनी तो किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए चीनी मिलों को 14 दिन में खरीदे गए गन्ने का भुगतान करने के आदेश जारी किए। जिला प्रशासन की ओर से चीनी मिलों को पहुंचकर सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए थे। इसी का नतीजा है कि इस बार चीनी मिल समय-समय पर भुगतान कर रही हैं। जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने बताया जिले की तीनाें मिल समय पर गन्ने का भुगतान कर रही हैं। इन मिलों ने 93 करोड़ का भुगतान कर दिया है। अब मिलों पर जिले के गन्ना उत्पादक किसानों के करीब 10 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस राशि का जल्द भुगतान करने के लिए मिल प्रबंधन को आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही ब्रजनाथपुर और दूसरी चीनी मिलों से भी समय पर गन्ने का भुगतान करवाने के लिए लगातार संपर्क साधा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस बार किसानों को किसी भी स्तर से परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
समय पर भुगतान करवाने में तत्कालीन डीएम का भी रहा सहयोग
- विगत वर्ष तक चीनी मिलों द्वारा समय पर गन्ना उत्पादक किसानों का भुगतान नहीं किया जाता रहा। इससे किसानों को खासी परेशानी का सामना भी करना पड़ा। दर-दर भटकने वाले किसानों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन को दी। इस पर तत्कालीन डीएम आन्जनेय कुमार ने इस समस्या से शासन को अवगत करवाया। इसके साथ ही हापुड़ सहित कई जिलों के तत्कालीन डीएम ने भी शासन को पत्र जारी कर किसानों की समस्या से अवगत कराते हुए समस्या से निजात दिलवाने की मांग की थी। इसी का नतीजा रहा है कि शासन ने कड़ा रुख अपनाया और चीनी मिलों को 14 दिन में गन्ने का भुगतान करने के आदेश जारी किए।
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- तीन चीनी मिलों पर अब किसानों का करीब 10 करोड़ रुपये बकाया
- समय पर गन्ने का भुगतान मिलने से किसानाें में खुशी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गन्ना उत्पादक किसानों में इस बार खुशी है। उनका गन्ने का भुगतान समय पर मिल रहा है। उनकी खुशी इसलिए और बढ़ गई कि जिले की चीनी मिलों ने गन्ने का 93 करोड़ का भुगतान कर दिया है। जबकि जिले की तीन चीनी मिलों पर अब किसानों का करीब 10 करोड़ रुपया बकाया है। अफसरों का दावा है कि इस राशि का भी जल्द भुगतान चीनी मिलों से जल्द करवाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या एक लाख के आसपास है। विगत वर्ष तक किसानों को अपने गन्ने की बकाया राशि के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। यह राशि किसानों को पिछले माह तक प्राप्त हुई। इस दौरान अच्छी बात यह रही कि जिले की चीनी मिलों ने समय पर भुगतान कर दिया था। जबकि हापुड़ की ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने बकाया भुगतान करने में देरी की। इस बार जब भाजपा की प्रदेश में सरकार बनी तो किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए चीनी मिलों को 14 दिन में खरीदे गए गन्ने का भुगतान करने के आदेश जारी किए। जिला प्रशासन की ओर से चीनी मिलों को पहुंचकर सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए थे। इसी का नतीजा है कि इस बार चीनी मिल समय-समय पर भुगतान कर रही हैं। जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने बताया जिले की तीनाें मिल समय पर गन्ने का भुगतान कर रही हैं। इन मिलों ने 93 करोड़ का भुगतान कर दिया है। अब मिलों पर जिले के गन्ना उत्पादक किसानों के करीब 10 करोड़ रुपये बकाया हैं। इस राशि का जल्द भुगतान करने के लिए मिल प्रबंधन को आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही ब्रजनाथपुर और दूसरी चीनी मिलों से भी समय पर गन्ने का भुगतान करवाने के लिए लगातार संपर्क साधा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस बार किसानों को किसी भी स्तर से परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
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समय पर भुगतान करवाने में तत्कालीन डीएम का भी रहा सहयोग
- विगत वर्ष तक चीनी मिलों द्वारा समय पर गन्ना उत्पादक किसानों का भुगतान नहीं किया जाता रहा। इससे किसानों को खासी परेशानी का सामना भी करना पड़ा। दर-दर भटकने वाले किसानों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन को दी। इस पर तत्कालीन डीएम आन्जनेय कुमार ने इस समस्या से शासन को अवगत करवाया। इसके साथ ही हापुड़ सहित कई जिलों के तत्कालीन डीएम ने भी शासन को पत्र जारी कर किसानों की समस्या से अवगत कराते हुए समस्या से निजात दिलवाने की मांग की थी। इसी का नतीजा रहा है कि शासन ने कड़ा रुख अपनाया और चीनी मिलों को 14 दिन में गन्ने का भुगतान करने के आदेश जारी किए।
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