{"_id":"5c69a0d9bdec2253a33c5c38","slug":"151550426329-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रसव की मिलेगी सुविधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रसव की मिलेगी सुविधा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलेगी प्रसव की सुविधा
- शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य अफसरों ने शुरू की तैयारी
- जिले की 30 स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण के लिए भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों को उच्चीकृत किया जाएगा। गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के साथ ही अब सामान्य प्रसव की सुविधा भी मिलेगी। पहले चरण में जिले के 30 स्वास्थ्य केंद्रों को उच्चीकृत करने का निर्णय केंद्र सरकार के आदेश पर प्रदेश सरकार ने लिया है। जिले की 30 स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत जिले के पांच शहरी और 25 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। अभी तक यहां एक एएनएम होती है, जो घर-घर जाकर जच्चा-बच्चा को जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, परिवार नियोजन एवं अन्य स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाती है। साथ ही आशा कार्यकर्ता द्वारा इनका सहयोग किया जाता है। जो केंद्र पर आने वाली गर्भवती महिला को प्रसव के लिए एंबुलेंस से सीएचसी व जिला अस्पताल भेज रही थीं, लेकिन समय से अस्पताल न पहुंचने पर गर्भवती को तमाम परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इस समस्या से अब गर्भवती महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। शासन द्वारा समस्या से निजात दिलाने के लिए जिले के 30 उपकेंद्रों का कायाकल्प कराकर वेलनेस सेंटर बनाया जा रहा है। इन केंद्रों पर स्टाफ नर्स भी होगी, ताकि गर्भवती को प्रसव के लिए दूर जाने की जरूरत न पड़े और केंद्रों पर नर्सिंग स्टाफ द्वारा सामान्य प्रसव की सुविधा दी जा सके। सर्जरी की जरूरत होने पर उन्हें उच्च सेंटर भेज दिया जाएगा।
नर्स बनेंगी कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर
जिले की 30 स्टाफ नर्स को छह माह का ब्रिज कोर्स करने के लिए भेजा गया है। इन्हें मेरठ में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद वेलनेस सेंटर पर स्टाफ नर्स को कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर कहा जाएगा। साथ ही केंद्र पर एक चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट, एक लैब असिसटेंट/लैब टेक्नीशियन भी तैनात किए जाएंगे।
विज्ञापन
इन सेंटरों पर मिलेगी सुविधा
सदर ब्लॉक का धमैड़ा, बीबीनगर-धरपा ब्लॉक में तीन-तीन, लखावटी, मुनी और स्याना ब्लॉक में दो-दो, वैर में चार और शिकारपुर, कसेरकलां, पहासु, मालागढ़, गुलावठी, ऊंचागांव, जहांगीराबाद एवं दानपुर ब्लॉक में एक-एक केंद्र पर प्रसव की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा नगर के गिरधारी नगर, सरायधारी एवं शास्त्रीनगर समेत दो अन्य अरबन केंद्रों को उच्चीकृत किया जाएगा।
कोट
जिले के 30 उप स्वास्थ्य केंद्रों को उच्चीकृत किया जा रहा है। इनमें सामान्य प्रसव की भी सुविधा मिलेगी। शासन के आदेश पर प्रत्येक केंद्र का निर्माण 4.75 लाख रुपये से किया जाएगा। इसमें एक लैब और एक कक्ष का निर्माण होगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
विज्ञापन
- शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य अफसरों ने शुरू की तैयारी
- जिले की 30 स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण के लिए भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों को उच्चीकृत किया जाएगा। गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के साथ ही अब सामान्य प्रसव की सुविधा भी मिलेगी। पहले चरण में जिले के 30 स्वास्थ्य केंद्रों को उच्चीकृत करने का निर्णय केंद्र सरकार के आदेश पर प्रदेश सरकार ने लिया है। जिले की 30 स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत जिले के पांच शहरी और 25 ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। अभी तक यहां एक एएनएम होती है, जो घर-घर जाकर जच्चा-बच्चा को जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण, परिवार नियोजन एवं अन्य स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाती है। साथ ही आशा कार्यकर्ता द्वारा इनका सहयोग किया जाता है। जो केंद्र पर आने वाली गर्भवती महिला को प्रसव के लिए एंबुलेंस से सीएचसी व जिला अस्पताल भेज रही थीं, लेकिन समय से अस्पताल न पहुंचने पर गर्भवती को तमाम परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इस समस्या से अब गर्भवती महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। शासन द्वारा समस्या से निजात दिलाने के लिए जिले के 30 उपकेंद्रों का कायाकल्प कराकर वेलनेस सेंटर बनाया जा रहा है। इन केंद्रों पर स्टाफ नर्स भी होगी, ताकि गर्भवती को प्रसव के लिए दूर जाने की जरूरत न पड़े और केंद्रों पर नर्सिंग स्टाफ द्वारा सामान्य प्रसव की सुविधा दी जा सके। सर्जरी की जरूरत होने पर उन्हें उच्च सेंटर भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
नर्स बनेंगी कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर
जिले की 30 स्टाफ नर्स को छह माह का ब्रिज कोर्स करने के लिए भेजा गया है। इन्हें मेरठ में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद वेलनेस सेंटर पर स्टाफ नर्स को कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर कहा जाएगा। साथ ही केंद्र पर एक चिकित्सा अधिकारी, फार्मासिस्ट, एक लैब असिसटेंट/लैब टेक्नीशियन भी तैनात किए जाएंगे।
विज्ञापन
इन सेंटरों पर मिलेगी सुविधा
सदर ब्लॉक का धमैड़ा, बीबीनगर-धरपा ब्लॉक में तीन-तीन, लखावटी, मुनी और स्याना ब्लॉक में दो-दो, वैर में चार और शिकारपुर, कसेरकलां, पहासु, मालागढ़, गुलावठी, ऊंचागांव, जहांगीराबाद एवं दानपुर ब्लॉक में एक-एक केंद्र पर प्रसव की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा नगर के गिरधारी नगर, सरायधारी एवं शास्त्रीनगर समेत दो अन्य अरबन केंद्रों को उच्चीकृत किया जाएगा।
कोट
जिले के 30 उप स्वास्थ्य केंद्रों को उच्चीकृत किया जा रहा है। इनमें सामान्य प्रसव की भी सुविधा मिलेगी। शासन के आदेश पर प्रत्येक केंद्र का निर्माण 4.75 लाख रुपये से किया जाएगा। इसमें एक लैब और एक कक्ष का निर्माण होगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ