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भुखमरी या कुपोषण से गई जान तो प्रधान पर होगी कार्रवाई
Updated Fri, 05 Jan 2018 11:14 PM IST
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भुखमरी या कुपोषण से गई जान तो नपेंगे प्रधान
- भुखमरी और कुपोषण से होने वाली मौतों को लेकर शासन हुआ गंभीर
- अपर मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश, प्रधानों की तय होगी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
अब गांवों में अगर किसी व्यक्ति की भुखमरी या कुपोषण से मौत होती है तो ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत शासन के अपर मुख्य सचिव चंचल तिवारी ने आदेश जारी किए हैं।
अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कर्ज से तंग आकर किसानों के आत्महत्या करने जैसी घटनाएं रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कुपोषण को जड़ से खत्म करने और उससे होने वाली मौत भी रोकने की कोशिश की जा रही है। प्रधानों की जिम्मेदारी होगी कि इस तरह की घटनाएं न हों। ऐसे प्रकरणों पर नजर रखते हुए संबंधित को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराएं। अगर इस तरह के किसी मामले में किसान, ग्रामीण या बच्चे की मौत का मामला सामने आता है तो सिर्फ प्रधानों पर ही कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि, संबंधित ब्लॉक के बीडीओ, एसडीएम व डीएम के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी गांवों में निगरानी रखने के लिए समय-समय पर भ्रमण भी करेंगे।
इसलिए तय की गई जिम्मेदारी
ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव को ग्राम सभा की बैठक लेनी होती है। बैठक में ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, खाद्य एवं रसद, महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार आदि विभागों की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाता है। ऐसे में ग्राम पंचायत के सबसे गरीब व्यक्ति व परिवार की जानकारी होती है। इसलिए वह अपनी जिम्मेदारी से मुकर नहीं सकते।
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आकस्मिक धनराशि बढ़कर हुई पांच हजार
अब तक ग्राम प्रधानों को एक हजार रुपये की धनराशि आकस्मिक कार्यों के लिए मिलती थी। शासन ने इसे बढ़ाकर अब पांच हजार रुपये कर दिया है। कहा गया है कि किसी परिवार में भुखमरी या कुपोषण की स्थिति होने पर प्रधान इस धनराशि से तत्काल राहत देंगे।
शासन के अपर मुख्य सचिव का आदेश प्राप्त हो गया है। इसे जिले में प्रभावी तरीके से लागू करने पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी तय कर दी जाएगी। - जसजीत कौर, मुख्य विकास अधिकारी
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- भुखमरी और कुपोषण से होने वाली मौतों को लेकर शासन हुआ गंभीर
- अपर मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश, प्रधानों की तय होगी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
अब गांवों में अगर किसी व्यक्ति की भुखमरी या कुपोषण से मौत होती है तो ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत शासन के अपर मुख्य सचिव चंचल तिवारी ने आदेश जारी किए हैं।
अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कर्ज से तंग आकर किसानों के आत्महत्या करने जैसी घटनाएं रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कुपोषण को जड़ से खत्म करने और उससे होने वाली मौत भी रोकने की कोशिश की जा रही है। प्रधानों की जिम्मेदारी होगी कि इस तरह की घटनाएं न हों। ऐसे प्रकरणों पर नजर रखते हुए संबंधित को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराएं। अगर इस तरह के किसी मामले में किसान, ग्रामीण या बच्चे की मौत का मामला सामने आता है तो सिर्फ प्रधानों पर ही कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि, संबंधित ब्लॉक के बीडीओ, एसडीएम व डीएम के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी गांवों में निगरानी रखने के लिए समय-समय पर भ्रमण भी करेंगे।
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इसलिए तय की गई जिम्मेदारी
ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव को ग्राम सभा की बैठक लेनी होती है। बैठक में ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, खाद्य एवं रसद, महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार आदि विभागों की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के लिए पात्र लाभार्थियों का चयन किया जाता है। ऐसे में ग्राम पंचायत के सबसे गरीब व्यक्ति व परिवार की जानकारी होती है। इसलिए वह अपनी जिम्मेदारी से मुकर नहीं सकते।
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आकस्मिक धनराशि बढ़कर हुई पांच हजार
अब तक ग्राम प्रधानों को एक हजार रुपये की धनराशि आकस्मिक कार्यों के लिए मिलती थी। शासन ने इसे बढ़ाकर अब पांच हजार रुपये कर दिया है। कहा गया है कि किसी परिवार में भुखमरी या कुपोषण की स्थिति होने पर प्रधान इस धनराशि से तत्काल राहत देंगे।
शासन के अपर मुख्य सचिव का आदेश प्राप्त हो गया है। इसे जिले में प्रभावी तरीके से लागू करने पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही ग्राम प्रधानों की जिम्मेदारी तय कर दी जाएगी। - जसजीत कौर, मुख्य विकास अधिकारी