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टपक सिंचाई और कृत्रिम बारिश से करें खेती, पाए अधिक मुनाफा
Updated Sun, 24 Dec 2017 10:34 PM IST
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टपक सिंचाई और कृत्रिम बारिश से खेती करें किसान
बुलंदशहर। किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। वह टपक सिंचाई और कृत्रिम बारिश से खेती करें तो अधिक मुनाफा ले सकते हैं। इस विधि की खास बात यह भी है कि इससे खाद, पानी और मेहनत भी कम होगी। फसल में खरपतवार भी नहीं होगा। इस विधि से फसल करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सब्सिडी भी देगी।
सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कई योजना चला रही है। इसी के तहत किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा देने के साथ पानी बचाने के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना भी शुरू की है। जिले में इस विधि से फसल करने के लिए 533 हेक्टेयर भूमि में ड्रिप व फव्वारा लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इस विधि का खेत में प्रयोग करने वाले सीमांत किसान को 90 और बड़े किसानों को 80 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान है। इस विधि का प्रयोग गेहूं, गन्ना, मक्का, सब्जी आदि सभी फसलों में किया जा सकता है। पंजीकरण जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में होगा।
विधि का प्रयोग करने से यह होंगे फायदे
यदि कोई किसान टपक सिंचाई और कृत्रिम बारिश से खेती करता है, तो बड़ी मात्रा में पानी को बचाया जा सकेगा। पानी सिर्फ फसल के पौधे तक जाएगा और पौधा भी रोगमुक्त होगा। खाद और उर्वरक भी कम लगेगा और कीटनाशक दवा भी जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल होगी। कृषि अधिकारियों का दावा है कि इस विधि से फसल में पैदावार भी अधिक होती है और किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित होगी।
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टपक सिंचाई और कृत्रिम बारिश के माध्यम से खेती करने के लिए शासन ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर इस विधि से खेती करने के लिए योजना बनाई है। इच्छुक किसान जिला उद्यान कार्यालय में अपना आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। - डॉ. धीरेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।
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बुलंदशहर। किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। वह टपक सिंचाई और कृत्रिम बारिश से खेती करें तो अधिक मुनाफा ले सकते हैं। इस विधि की खास बात यह भी है कि इससे खाद, पानी और मेहनत भी कम होगी। फसल में खरपतवार भी नहीं होगा। इस विधि से फसल करने के लिए सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सब्सिडी भी देगी।
सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कई योजना चला रही है। इसी के तहत किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा देने के साथ पानी बचाने के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना भी शुरू की है। जिले में इस विधि से फसल करने के लिए 533 हेक्टेयर भूमि में ड्रिप व फव्वारा लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इस विधि का खेत में प्रयोग करने वाले सीमांत किसान को 90 और बड़े किसानों को 80 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान है। इस विधि का प्रयोग गेहूं, गन्ना, मक्का, सब्जी आदि सभी फसलों में किया जा सकता है। पंजीकरण जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में होगा।
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विधि का प्रयोग करने से यह होंगे फायदे
यदि कोई किसान टपक सिंचाई और कृत्रिम बारिश से खेती करता है, तो बड़ी मात्रा में पानी को बचाया जा सकेगा। पानी सिर्फ फसल के पौधे तक जाएगा और पौधा भी रोगमुक्त होगा। खाद और उर्वरक भी कम लगेगा और कीटनाशक दवा भी जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल होगी। कृषि अधिकारियों का दावा है कि इस विधि से फसल में पैदावार भी अधिक होती है और किसानों के लिए मुनाफे का सौदा साबित होगी।
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टपक सिंचाई और कृत्रिम बारिश के माध्यम से खेती करने के लिए शासन ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर इस विधि से खेती करने के लिए योजना बनाई है। इच्छुक किसान जिला उद्यान कार्यालय में अपना आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। - डॉ. धीरेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।