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अधोमानक फर्म को जारी कर दिया दो करोड़ के टेंडर
Updated Sun, 15 Oct 2017 11:27 PM IST
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अधोमानक फर्म को जारी कर दिए दो करोड़ के टेंडर
- पावर कारपोरेशन के स्याना खंड का मामला, एक्सईएन व एक बाबू पर लग रहे आरोप
- एक्सईएन ने ठेकेदार को दी एलओआई
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। पावर कारपोरेशन के स्याना खंड में एक अधोमानक फर्म को टेंडर जारी करने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि फर्म के दस्तावेज पूरे न होने पर भी एक्सईएन ने ठेकेदार को एलओआई जारी कर दी है। इसके बाद ठेकेदार ने संविदा कर्मचारियों की तैनाती भी शुरू कर दी है।
पावर कारपोरेशन के स्याना खंड में संविदा कर्मचारियों के लिए करीब दो करोड़ रुपये का टेंडर होना था। टेंडर के लिए आनलाइन प्रक्रिया पूरी कर टेंडर जारी किया गया। इसके बाद गाजियाबाद की एक फर्म को टेंडर जारी करने के आदेश कर दिए। हालांकि अभी टेंडर जारी करने के लिए एमडी ऑफिस में फाइल गई है, लेकिन इससे पहले ही स्याना खंड के एक्सईएन पर आरोप है कि फर्म के कागजात पूरे न होने के बाद भी फर्म को एक्सईएन ने एलओआई (ठेके से पूर्व कार्य की अनुमति) जारी कर दी, जिसके बाद ठेकेदार ने संविदा कर्मचारियों को रखना शुरू कर दिया है। सूत्रों ने दावा किया है कि एक्सईएन व एक बाबू ने ठेकेदार से मिलीभगत कर टेंडर को पूरा कराया है। इस संबंध में एक ठेकेदार ने मुख्यमंत्री से शिकायत का भी दावा किया है। इस बाबत पावर कारपोरेशन एसई अजय अग्रवाल ने बताया कि टेंडर की फाइल अभी चीफ ऑफिस में है। फाइन आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। बिना मानक पूरे टेंडर जारी नहीं किए जा सकते। स्याना एक्सईएन अनिल कुमार ने बताया कि बडे़ टेंडर उच्चाधिकारियों के दफ्तर से जारी किए जाते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई है। टेंडर न मिलने से खफा ठेकेदार इसकी शिकायत कर रहे हैं।
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- पावर कारपोरेशन के स्याना खंड का मामला, एक्सईएन व एक बाबू पर लग रहे आरोप
- एक्सईएन ने ठेकेदार को दी एलओआई
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। पावर कारपोरेशन के स्याना खंड में एक अधोमानक फर्म को टेंडर जारी करने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि फर्म के दस्तावेज पूरे न होने पर भी एक्सईएन ने ठेकेदार को एलओआई जारी कर दी है। इसके बाद ठेकेदार ने संविदा कर्मचारियों की तैनाती भी शुरू कर दी है।
पावर कारपोरेशन के स्याना खंड में संविदा कर्मचारियों के लिए करीब दो करोड़ रुपये का टेंडर होना था। टेंडर के लिए आनलाइन प्रक्रिया पूरी कर टेंडर जारी किया गया। इसके बाद गाजियाबाद की एक फर्म को टेंडर जारी करने के आदेश कर दिए। हालांकि अभी टेंडर जारी करने के लिए एमडी ऑफिस में फाइल गई है, लेकिन इससे पहले ही स्याना खंड के एक्सईएन पर आरोप है कि फर्म के कागजात पूरे न होने के बाद भी फर्म को एक्सईएन ने एलओआई (ठेके से पूर्व कार्य की अनुमति) जारी कर दी, जिसके बाद ठेकेदार ने संविदा कर्मचारियों को रखना शुरू कर दिया है। सूत्रों ने दावा किया है कि एक्सईएन व एक बाबू ने ठेकेदार से मिलीभगत कर टेंडर को पूरा कराया है। इस संबंध में एक ठेकेदार ने मुख्यमंत्री से शिकायत का भी दावा किया है। इस बाबत पावर कारपोरेशन एसई अजय अग्रवाल ने बताया कि टेंडर की फाइल अभी चीफ ऑफिस में है। फाइन आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। बिना मानक पूरे टेंडर जारी नहीं किए जा सकते। स्याना एक्सईएन अनिल कुमार ने बताया कि बडे़ टेंडर उच्चाधिकारियों के दफ्तर से जारी किए जाते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती गई है। टेंडर न मिलने से खफा ठेकेदार इसकी शिकायत कर रहे हैं।
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