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दीपावली के बाद उम्मीदवारों के चेहरे होंगे रोशन
Updated Fri, 13 Oct 2017 11:19 PM IST
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नगर पालिका व पंचायतों के आरक्षण की अधिसूचना जारी
- जिले में तीन सामान्य, तीन पिछड़ा वर्ग, एक अनुसूचित जाति व दो पालिकाओं पर महिला आरक्षण
- नगर पंचायतों में पांच सामान्य, दो पिछड़ा व एक अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर पालिक व नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए शासन ने अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में जिले की पांच नगर पंचायतों और तीन नगर पालिकाओं को सामान्य वर्ग में रखा गया है। जबकि अन्य को अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग व महिला में रखा गया है।
बृहस्पतिवार की रात शासन ने नगर पालिका व नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनावों के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। वार्ड आरक्षण जारी करने के बाद सभी की निगाहें कमोबेश अध्यक्ष आरक्षण पर टिकी हुई थीं। आरक्षण जारी होते ही दावेदारों ने अपने-अपने जुगाड़ को फिट करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। फिलहाल जानकारी के अनुसार नौ नगर पालिकाओं में से तीन सामान्य, तीन पिछड़ा, एक महिला, एक अनुसूचित महिला व एक अनुसूचित जाति में रखी गई है। जबकि आठ नगर पंचायतों में पांच सामान्य, दो पिछड़ा व एक अनुसूचित महिला में रखी गई है।
सात दिनों में मांगी जाएंगी आपत्तियां
निकाय चुनाव अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण जारी करने के बाद अब सात दिनों में आरक्षण पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
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नगर पालिकाएं आरक्षण की स्थिति
बुलंदशहर सामान्य
डिबाई सामान्य
अनूपशहर सामान्य
स्याना अनुसूचित जाति
शिकारपुर अनुसूचित जाति महिला
जहांगीराबाद पिछड़ा वर्ग
गुलावठी पिछड़ा वर्ग
सिकंदराबाद पिछड़ा वर्ग
खुर्जा महिला
नगर पंचायतें आरक्षण की स्थिति
नरौरा सामान्य
पहासू सामान्य
बुगरासी सामान्य
छतारी सामान्य
ककोड़ सामान्य
औरंगाबाद पिछड़ा वर्ग
खानपुर पिछड़ा वर्ग
बीबीनगर अनुसूचित जाति महिला
कोट
शासन ने निकाय चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी की है। आपत्तियां मांगे जाने की तिथि से सात दिनों का समय दिया जाएगा। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम सूची जारी की जाएगी। - अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
दर्जन भर प्रत्याशियों के अरमानों पर फिरा पानी
बीबीनगर। निकाय चुनावों का बिगुल बजने व सीट के आरक्षण के साथ ही अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल दर्जन भर प्रत्याशियों के अरमान धराशाई हो गए। अकेले बीजेपी से बीबीनगर नगर पंचायत से लगभग डेढ़ दर्जन प्रत्याशी अध्यक्ष पद की चुनावी दौड़ में थे। अनुसूचित जाति महिला में सीट का आरक्षण होने के बाद बीजेपी को चुनावों में प्रत्याशी उतारने पर मंथन करना पड़ेगा।
निकाय चुनावों की घोषणा के बाद अध्यक्ष पद का सपना देख रहे अनेकों प्रत्याशियों को घर बैठना पड़ा। वर्ष 2000 के निकाय चुनाव में भी यह सीट अनुसूचित जाति महिला को ही आरक्षित थी, जिसमें भाजपा के एक कद्दावर नेता ने अपनी मां श्रीमति महेश रूड़कीवाल को चुनाव लड़ाया तथा जीत दर्ज कराई थी। इस जीत का श्रेय सदर विधायक व पूर्व राजस्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही को मिला था। वर्ष 2006 के निकाय चुनाव में बीबीनगर नगर पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव महिला वर्ग को आरक्षित हो गया, जिसमें श्रीमति कुसुम सिरोही ने जीत दर्ज कराई। 2012 का निकाय चुनाव पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ, जिसमें बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए डॉ. नरेश कुमार ने निवर्तमान अध्यक्ष श्रीमति कुसुम सिरोही को मात देते हुए जीत दर्ज कराई। अब वर्ष 2017 का निकाय चुनाव फिर एक बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो गया है, जिससे कई माह से जनता के बीच भागदौड़ कर रहे दर्जनभर से ज्यादा प्रत्याशियों की आस टूट गई है।
नगर पंचायत में सभासद पद को लेकर भी घमासान शुरू हो चुका है। कई नए चेहरे चुनावी मैदान में ताल ठोकने की तैयारी कर रहे हैं। प्रत्याशी इसके लिए सभी हथकंडे अपना रहे हैं, फिर चाहे वो बडे़ बूड़ों के पैर छूने, महिलाओं के साथ हाथ जोड़कर मधुर व्यवहार करना हो या साथ वालों के कंधे से कंधा मिलाने की बात हो।
नगर क्षेत्र में चुनावी सक्रियता बढ़ी
स्याना। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के अनुसूचित जाति आरक्षण होने पर नगर में चुनावी सक्रियता बढ़ी। इसी के साथ अन्य जातियों के दावेदारों को निराशा हुई। नगर क्षेत्र में सामान्य व पिछड़ी जाति के प्रत्याशियों द्वारा चुनावी आंकलन करके जनसंपर्क किया जा रहा था। अब स्याना अध्यक्ष पद पर अनुसूचित जाति का प्रत्याशी ही चुनाव लड़ेगा। नगर क्षेत्र में 25 वार्ड सदस्य व अध्यक्ष पद हेतु आरक्षण घोषित किया जा चुका है। गत चुनाव में स्याना अध्यक्ष पद पिछड़ी जाति महिला हेतु आरक्षित था। इस बार एससी सीट होने पर नगर की चुनावी राजनीति बदल गई है। एससी सीट पर वर्तमान में एक दर्जन से अधिक प्रत्याशी जोड़तोड़ में हैं। भाजपा, बसपा व सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले लोगों की भी नजरें जमी हुई हैं। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने राजनैतिक आकाओं के यहां चक्कर लगा रहे हैं। कई प्रत्याशियों द्वारा जिला मुख्यालय पहुंचकर नेताओं से संपर्क किया जा रहा है। नगर क्षेत्र में अनेकों स्थानों पर चुनावी चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। लोग प्रत्याशियों के घोषित होने व हार जीत के आंकड़े लगा रहे हैं।
सीट अनारक्षित होने से प्रत्याशियों में खुशी
अनपूशहर। नगर निकाय चुनावों के लिये आरक्षण की घोषणा होने के बाद चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। अनूपशहर पालिकाध्यक्ष सीट के अधिकतर अनारिक्षत होने की वजह से इस बार आरक्षित होने के कयास लगाये जा रहे थे। वहीं कुछ संभावित प्रत्याशी इस बार भी सीट अनारिक्षत किये जाने को लेकर प्रयासरत रहे। अब अनूपशहर चेयरमैन सीट एक बार फिर अनारक्षित होने की अधिसूचना जारी होने के बाद कस्बे में संभावित प्रत्याशियों व दलों में सरगर्मी तेज हो गयी है। जहां कुछ प्रत्याशी दलों में अपनी गोटी फिट करने में जुट गये हैं। वहीं बीजेपी से आवेदन करने वाले प्रत्याशियों की तादात में भी इजाफा हो रहा है। पूर्व में प्रत्याशी रह चुके कई लोग फिर से लाइन में दिखाई दे रहे हैं। इस बार सभासद रह चुके कई जनप्रतिनिधि चेयरमैन की लाइन में हैं। कई प्रत्याशियों के ेचुनाव लड़ने के लिए दूसरे दलों में जाने की जुगत में भी जुटे हुए हैं। भाजपा, सपा, बसपा के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में उतरने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
भाजपा के लिए राहत का पैगाम लाया आरक्षण
सिकंदराबाद/स्याना। बृहस्पतिवार देर रात जारी हुई निकाय चेयरमैन पद के आरक्षण की सूची के बाद जहां कई लोगों के अरमानों पर पानी फिर गया। वही आरक्षण सूची भाजपा के स्थानीय संगठन के लिए राहत का पैगाम लेकर आई। इस बार सिकंदराबाद चेयरमैन पद अनारक्षित होने की संभावना के चलते भाजपा से कई दिग्गज चुनावी मैदान में ताल ठोकने के लिए दावेदारी पेश कर रहे थे। पार्टी से टिकट पाने को सभी दावेदार स्थानीय संगठन से लेकर जिला संगठन समेत नेताओं के दरबार में हाजिरी लगा रहे थे। टिकट के लिए एक साथ कई मजबूत दावेदारों के दावे से स्थानीय संगठन हाईकमान को प्रत्याशी के चयन को भेजे जाने वाली रिपोर्ट को लेकर असमंजस की स्थिति में था। टिकट काटे जाने की सूरत में उसे अन्य प्रत्याशियों के बगावत किए जाने का डर भी सता रहा था। संगठन से जुड़े लोग इस बात को लेकर काफी चिंतित थे। चेयरमैन पद के आरक्षण ने मानों स्थानीय संगठन के दिल की मुराद पुरी कर दी हो।
वहीं स्याना में भाजपा द्वारा स्याना नगर में पालिका चुनाव के अध्यक्ष व सदस्य पदों पर प्रत्याशियों के चयन हेतु प्रदेश कार्यालय से गौतमबुद्धनगर के पूर्व जिलाध्यक्ष व प्रदेश कार्य समिति सदस्य रकम सिंह भाटी को जिम्मेदारी मिली। जिसके चलते रकम सिंह भाटी ने भाजपा नगर कार्यालय पर बैठक करके नगर की स्थिति की जानकारी ली। रकम सिंह भाटी ने कहा कि स्याना सीट के अध्यक्ष पद के एससी वर्ग में जाने पर भाजपा दमदार प्रत्याशी को उतारेगी व 25 वार्डों में सदस्यों को भी प्रत्याशी बनाया जाएगा।
दीपावली के बाद उम्मीदवारों के चेहरे होंगे रोशन
- संभावित प्रत्याशियों ने लगा रहे लखनऊ से दिल्ली तक की दौड़
- कुछ संभावित उम्मीदवारों के सपने पर आरक्षण ने फेरा पानी
आशीष शुक्ला
बुलंदशहर।
नगर पालिका की आरक्षण की सूची जारी होने के बाद सभी संभावित चेयरमैन पद के उम्मीदवार अपने-अपने आकाओं की शरण में हाजिरी लगाने लखनऊ से दिल्ली तक की दौड़ लगाने लगे हैं। वहीं, सूत्रों के अनुसार दीपावली बाद ही हाईकमान प्रत्याशियों पर अपनी मुहर लगाएगा। उधर, कुछ नगर पालिकाओं में चेयरमैनी के लिए दमखम ठोक रहे कुछ संभावित उम्मीदवारों के सपने पर आरक्षण ने पानी फेर दिया है।
शासन से नवंबर माह में चुनाव कराने की घोषणा के बाद से ही सभी उम्मीदवार अपनी-अपनी जुगत भिड़ाने में लग गए थे। सत्ताधारी पार्टी में आरक्षण से पहले चार प्रमुख दावेदार अपना-अपना पक्ष मजबूत जता रहे थे, लेकिन सीट सामान्य हो जाने पर एक-दो प्रत्याशियों की और बढ़ोत्तरी हो गई है। ऐसे में अब सभी प्रमुख दावेदार आरक्षण चार्ट घोषित होते ही अपने अपने आकाओं के दर पर माथा टेकना शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर बुलंदशहर में जिले में कई ऐसे प्रत्याशी जो अपनी जीत का दावा कर रहे थे, आरक्षण ने उनके दावों पर पानी फेर दिया। पार्टी सूत्रों की माने तो दीपावली बाद हाईकमान प्रत्याशियों के चेहरे पर मुहर लगाएगी।
बाबू जी की शरण में भी पहुंचे प्रत्याशी
जिले के भाजपा कार्यकर्ता आरक्षण के बाद बाबू जी के दरबार में पहुंचने लगे हैं। सूत्रों की मानें तो बृहस्पतिवार रात को आरक्षण चार्ट घोषित होते ही कई संभावित प्रत्याशी बाबू जी से संपर्क साधने लगे। कई प्रत्याशी तो बाबू जी के दर पर हाजिरी भी लगा आए। गौरतलब है कि चुनाव चाहे कोई भी हो जिले में बाबू जी के आशीर्वाद के बगैर किसी भी भाजपा कार्यकर्ता की नैया पार लगनी मुश्किल है।
कोट
उम्मीदवार का नाम हाईकमान को तय करना है। हाईकमान जिस उम्मीदवार को फाइनल करेगा, पार्टी उसे मजबूती के साथ चुनाव लड़वाएगी। - हिमांशु मित्तल, जिलाध्यक्ष भाजपा
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- जिले में तीन सामान्य, तीन पिछड़ा वर्ग, एक अनुसूचित जाति व दो पालिकाओं पर महिला आरक्षण
- नगर पंचायतों में पांच सामान्य, दो पिछड़ा व एक अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर पालिक व नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए शासन ने अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में जिले की पांच नगर पंचायतों और तीन नगर पालिकाओं को सामान्य वर्ग में रखा गया है। जबकि अन्य को अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग व महिला में रखा गया है।
बृहस्पतिवार की रात शासन ने नगर पालिका व नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनावों के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। वार्ड आरक्षण जारी करने के बाद सभी की निगाहें कमोबेश अध्यक्ष आरक्षण पर टिकी हुई थीं। आरक्षण जारी होते ही दावेदारों ने अपने-अपने जुगाड़ को फिट करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। फिलहाल जानकारी के अनुसार नौ नगर पालिकाओं में से तीन सामान्य, तीन पिछड़ा, एक महिला, एक अनुसूचित महिला व एक अनुसूचित जाति में रखी गई है। जबकि आठ नगर पंचायतों में पांच सामान्य, दो पिछड़ा व एक अनुसूचित महिला में रखी गई है।
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सात दिनों में मांगी जाएंगी आपत्तियां
निकाय चुनाव अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण जारी करने के बाद अब सात दिनों में आरक्षण पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
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बुलंदशहर सामान्य
डिबाई सामान्य
अनूपशहर सामान्य
स्याना अनुसूचित जाति
शिकारपुर अनुसूचित जाति महिला
जहांगीराबाद पिछड़ा वर्ग
गुलावठी पिछड़ा वर्ग
सिकंदराबाद पिछड़ा वर्ग
खुर्जा महिला
नगर पंचायतें आरक्षण की स्थिति
नरौरा सामान्य
पहासू सामान्य
बुगरासी सामान्य
छतारी सामान्य
ककोड़ सामान्य
औरंगाबाद पिछड़ा वर्ग
खानपुर पिछड़ा वर्ग
बीबीनगर अनुसूचित जाति महिला
कोट
शासन ने निकाय चुनावों के लिए आरक्षण सूची जारी की है। आपत्तियां मांगे जाने की तिथि से सात दिनों का समय दिया जाएगा। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम सूची जारी की जाएगी। - अरविंद कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन
दर्जन भर प्रत्याशियों के अरमानों पर फिरा पानी
बीबीनगर। निकाय चुनावों का बिगुल बजने व सीट के आरक्षण के साथ ही अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल दर्जन भर प्रत्याशियों के अरमान धराशाई हो गए। अकेले बीजेपी से बीबीनगर नगर पंचायत से लगभग डेढ़ दर्जन प्रत्याशी अध्यक्ष पद की चुनावी दौड़ में थे। अनुसूचित जाति महिला में सीट का आरक्षण होने के बाद बीजेपी को चुनावों में प्रत्याशी उतारने पर मंथन करना पड़ेगा।
निकाय चुनावों की घोषणा के बाद अध्यक्ष पद का सपना देख रहे अनेकों प्रत्याशियों को घर बैठना पड़ा। वर्ष 2000 के निकाय चुनाव में भी यह सीट अनुसूचित जाति महिला को ही आरक्षित थी, जिसमें भाजपा के एक कद्दावर नेता ने अपनी मां श्रीमति महेश रूड़कीवाल को चुनाव लड़ाया तथा जीत दर्ज कराई थी। इस जीत का श्रेय सदर विधायक व पूर्व राजस्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही को मिला था। वर्ष 2006 के निकाय चुनाव में बीबीनगर नगर पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव महिला वर्ग को आरक्षित हो गया, जिसमें श्रीमति कुसुम सिरोही ने जीत दर्ज कराई। 2012 का निकाय चुनाव पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ, जिसमें बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए डॉ. नरेश कुमार ने निवर्तमान अध्यक्ष श्रीमति कुसुम सिरोही को मात देते हुए जीत दर्ज कराई। अब वर्ष 2017 का निकाय चुनाव फिर एक बार अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित हो गया है, जिससे कई माह से जनता के बीच भागदौड़ कर रहे दर्जनभर से ज्यादा प्रत्याशियों की आस टूट गई है।
नगर पंचायत में सभासद पद को लेकर भी घमासान शुरू हो चुका है। कई नए चेहरे चुनावी मैदान में ताल ठोकने की तैयारी कर रहे हैं। प्रत्याशी इसके लिए सभी हथकंडे अपना रहे हैं, फिर चाहे वो बडे़ बूड़ों के पैर छूने, महिलाओं के साथ हाथ जोड़कर मधुर व्यवहार करना हो या साथ वालों के कंधे से कंधा मिलाने की बात हो।
नगर क्षेत्र में चुनावी सक्रियता बढ़ी
स्याना। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के अनुसूचित जाति आरक्षण होने पर नगर में चुनावी सक्रियता बढ़ी। इसी के साथ अन्य जातियों के दावेदारों को निराशा हुई। नगर क्षेत्र में सामान्य व पिछड़ी जाति के प्रत्याशियों द्वारा चुनावी आंकलन करके जनसंपर्क किया जा रहा था। अब स्याना अध्यक्ष पद पर अनुसूचित जाति का प्रत्याशी ही चुनाव लड़ेगा। नगर क्षेत्र में 25 वार्ड सदस्य व अध्यक्ष पद हेतु आरक्षण घोषित किया जा चुका है। गत चुनाव में स्याना अध्यक्ष पद पिछड़ी जाति महिला हेतु आरक्षित था। इस बार एससी सीट होने पर नगर की चुनावी राजनीति बदल गई है। एससी सीट पर वर्तमान में एक दर्जन से अधिक प्रत्याशी जोड़तोड़ में हैं। भाजपा, बसपा व सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले लोगों की भी नजरें जमी हुई हैं। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने राजनैतिक आकाओं के यहां चक्कर लगा रहे हैं। कई प्रत्याशियों द्वारा जिला मुख्यालय पहुंचकर नेताओं से संपर्क किया जा रहा है। नगर क्षेत्र में अनेकों स्थानों पर चुनावी चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। लोग प्रत्याशियों के घोषित होने व हार जीत के आंकड़े लगा रहे हैं।
सीट अनारक्षित होने से प्रत्याशियों में खुशी
अनपूशहर। नगर निकाय चुनावों के लिये आरक्षण की घोषणा होने के बाद चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। अनूपशहर पालिकाध्यक्ष सीट के अधिकतर अनारिक्षत होने की वजह से इस बार आरक्षित होने के कयास लगाये जा रहे थे। वहीं कुछ संभावित प्रत्याशी इस बार भी सीट अनारिक्षत किये जाने को लेकर प्रयासरत रहे। अब अनूपशहर चेयरमैन सीट एक बार फिर अनारक्षित होने की अधिसूचना जारी होने के बाद कस्बे में संभावित प्रत्याशियों व दलों में सरगर्मी तेज हो गयी है। जहां कुछ प्रत्याशी दलों में अपनी गोटी फिट करने में जुट गये हैं। वहीं बीजेपी से आवेदन करने वाले प्रत्याशियों की तादात में भी इजाफा हो रहा है। पूर्व में प्रत्याशी रह चुके कई लोग फिर से लाइन में दिखाई दे रहे हैं। इस बार सभासद रह चुके कई जनप्रतिनिधि चेयरमैन की लाइन में हैं। कई प्रत्याशियों के ेचुनाव लड़ने के लिए दूसरे दलों में जाने की जुगत में भी जुटे हुए हैं। भाजपा, सपा, बसपा के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में उतरने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
भाजपा के लिए राहत का पैगाम लाया आरक्षण
सिकंदराबाद/स्याना। बृहस्पतिवार देर रात जारी हुई निकाय चेयरमैन पद के आरक्षण की सूची के बाद जहां कई लोगों के अरमानों पर पानी फिर गया। वही आरक्षण सूची भाजपा के स्थानीय संगठन के लिए राहत का पैगाम लेकर आई। इस बार सिकंदराबाद चेयरमैन पद अनारक्षित होने की संभावना के चलते भाजपा से कई दिग्गज चुनावी मैदान में ताल ठोकने के लिए दावेदारी पेश कर रहे थे। पार्टी से टिकट पाने को सभी दावेदार स्थानीय संगठन से लेकर जिला संगठन समेत नेताओं के दरबार में हाजिरी लगा रहे थे। टिकट के लिए एक साथ कई मजबूत दावेदारों के दावे से स्थानीय संगठन हाईकमान को प्रत्याशी के चयन को भेजे जाने वाली रिपोर्ट को लेकर असमंजस की स्थिति में था। टिकट काटे जाने की सूरत में उसे अन्य प्रत्याशियों के बगावत किए जाने का डर भी सता रहा था। संगठन से जुड़े लोग इस बात को लेकर काफी चिंतित थे। चेयरमैन पद के आरक्षण ने मानों स्थानीय संगठन के दिल की मुराद पुरी कर दी हो।
वहीं स्याना में भाजपा द्वारा स्याना नगर में पालिका चुनाव के अध्यक्ष व सदस्य पदों पर प्रत्याशियों के चयन हेतु प्रदेश कार्यालय से गौतमबुद्धनगर के पूर्व जिलाध्यक्ष व प्रदेश कार्य समिति सदस्य रकम सिंह भाटी को जिम्मेदारी मिली। जिसके चलते रकम सिंह भाटी ने भाजपा नगर कार्यालय पर बैठक करके नगर की स्थिति की जानकारी ली। रकम सिंह भाटी ने कहा कि स्याना सीट के अध्यक्ष पद के एससी वर्ग में जाने पर भाजपा दमदार प्रत्याशी को उतारेगी व 25 वार्डों में सदस्यों को भी प्रत्याशी बनाया जाएगा।
दीपावली के बाद उम्मीदवारों के चेहरे होंगे रोशन
- संभावित प्रत्याशियों ने लगा रहे लखनऊ से दिल्ली तक की दौड़
- कुछ संभावित उम्मीदवारों के सपने पर आरक्षण ने फेरा पानी
आशीष शुक्ला
बुलंदशहर।
नगर पालिका की आरक्षण की सूची जारी होने के बाद सभी संभावित चेयरमैन पद के उम्मीदवार अपने-अपने आकाओं की शरण में हाजिरी लगाने लखनऊ से दिल्ली तक की दौड़ लगाने लगे हैं। वहीं, सूत्रों के अनुसार दीपावली बाद ही हाईकमान प्रत्याशियों पर अपनी मुहर लगाएगा। उधर, कुछ नगर पालिकाओं में चेयरमैनी के लिए दमखम ठोक रहे कुछ संभावित उम्मीदवारों के सपने पर आरक्षण ने पानी फेर दिया है।
शासन से नवंबर माह में चुनाव कराने की घोषणा के बाद से ही सभी उम्मीदवार अपनी-अपनी जुगत भिड़ाने में लग गए थे। सत्ताधारी पार्टी में आरक्षण से पहले चार प्रमुख दावेदार अपना-अपना पक्ष मजबूत जता रहे थे, लेकिन सीट सामान्य हो जाने पर एक-दो प्रत्याशियों की और बढ़ोत्तरी हो गई है। ऐसे में अब सभी प्रमुख दावेदार आरक्षण चार्ट घोषित होते ही अपने अपने आकाओं के दर पर माथा टेकना शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर बुलंदशहर में जिले में कई ऐसे प्रत्याशी जो अपनी जीत का दावा कर रहे थे, आरक्षण ने उनके दावों पर पानी फेर दिया। पार्टी सूत्रों की माने तो दीपावली बाद हाईकमान प्रत्याशियों के चेहरे पर मुहर लगाएगी।
बाबू जी की शरण में भी पहुंचे प्रत्याशी
जिले के भाजपा कार्यकर्ता आरक्षण के बाद बाबू जी के दरबार में पहुंचने लगे हैं। सूत्रों की मानें तो बृहस्पतिवार रात को आरक्षण चार्ट घोषित होते ही कई संभावित प्रत्याशी बाबू जी से संपर्क साधने लगे। कई प्रत्याशी तो बाबू जी के दर पर हाजिरी भी लगा आए। गौरतलब है कि चुनाव चाहे कोई भी हो जिले में बाबू जी के आशीर्वाद के बगैर किसी भी भाजपा कार्यकर्ता की नैया पार लगनी मुश्किल है।
कोट
उम्मीदवार का नाम हाईकमान को तय करना है। हाईकमान जिस उम्मीदवार को फाइनल करेगा, पार्टी उसे मजबूती के साथ चुनाव लड़वाएगी। - हिमांशु मित्तल, जिलाध्यक्ष भाजपा