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78 लाख खर्च के बाद भी जेल में नहीं चल सकेंगे जैमर व कैमरे
Updated Mon, 04 Sep 2017 11:28 PM IST
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78 लाख खर्च के बाद भी जेल में नहीं चल सकेंगे जैमर व कैमरे
- शासन के आदेश पर 78 लाख की लागत से लग रहा है सोलर प्लांट
- सोलर प्लांट से नहीं चल सकता है एसी, बिना एसी जैमर का संचालन असंभव
- शहरी क्षेत्र की बिजली सप्लाई के लिए जेल अधीक्षक ने लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
शासन ने जेल में जैमर व सीसीटीवी कैमरे के निर्बाध संचालन के लिए सोलर प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। सोलर प्लांट पर लाखों की रकम खर्च करने के बाद भी जैमर व कैमरों का सफल संचालन नहीं हो सकेगा। बताया जा रहा है कि सोलर प्लांट से एसी चलना संभव नहीं है और जैमर व कैमरे के संचालन के लिए एसी अनिवार्य है। ऐसे में जेल अधीक्षक ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर 24 घंटे बिजली सप्लाई की मांग की है।
शासन ने प्रदेश की 17 जेलों में जैमर व कैमरे का निर्बाध संचालन करने के लिए सोलर पावर प्लांट लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद जिले की जेल में प्लांट लगाने के लिए 78 लाख की धनराशि शासन ने जारी कर दी। प्लांट लगाने का कार्य समाप्ति की ओर है। अब समस्या यह आ रही है कि जिस प्लांट को लगाया जा रहा है, उसकी क्षमता इतनी नहीं है कि एसी संचालित की जा सके। बिना एसी संचालित किए जैमर व कैमरों का संचालन लगभग नामुमकिन है क्योंकि जैमर व कैमरों का संचालन करने वाली मशीन के लिए एक निर्धारित तापमान की आवश्यकता होती है। बताया जा रहा है कि जेल के लिए बिजली सप्लाई भी बमुश्किल 12 से 13 घंटे ही हो पा रही है। अब जेल अफसरों ने जेल के लिए नगर क्षेत्र की बिजली सप्लाई उपलब्ध कराने की मांग ऊर्जा मंत्री से की है।
शहर की सप्लाई ले जाने के लिए बनाई जाएगी लाइन
जिला कारागार के लिए शहरी क्षेत्र की सप्लाई ले जाने के लिए शासन को भूड़ बिजलीघर से नई लाइन बनानी होगी। इसमें करीब 81 लाख रुपये का खर्च आएगा। सरकार द्वारा इतना बजट स्वीकृत होने की संभावना कम ही है।
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कोट---
सोलर प्लांट से एसी संचालित करना संभव नहीं है। जबकि बिना एसी जैमर व कैमरे संचालित करना भी लगभग नामुमकिन है। जेल के लिए शहरी क्षेत्र की बिजली सप्लाई शुरू कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
- ओपी कटियार, जेल अधीक्षक
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- शासन के आदेश पर 78 लाख की लागत से लग रहा है सोलर प्लांट
- सोलर प्लांट से नहीं चल सकता है एसी, बिना एसी जैमर का संचालन असंभव
- शहरी क्षेत्र की बिजली सप्लाई के लिए जेल अधीक्षक ने लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
शासन ने जेल में जैमर व सीसीटीवी कैमरे के निर्बाध संचालन के लिए सोलर प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। सोलर प्लांट पर लाखों की रकम खर्च करने के बाद भी जैमर व कैमरों का सफल संचालन नहीं हो सकेगा। बताया जा रहा है कि सोलर प्लांट से एसी चलना संभव नहीं है और जैमर व कैमरे के संचालन के लिए एसी अनिवार्य है। ऐसे में जेल अधीक्षक ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर 24 घंटे बिजली सप्लाई की मांग की है।
शासन ने प्रदेश की 17 जेलों में जैमर व कैमरे का निर्बाध संचालन करने के लिए सोलर पावर प्लांट लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद जिले की जेल में प्लांट लगाने के लिए 78 लाख की धनराशि शासन ने जारी कर दी। प्लांट लगाने का कार्य समाप्ति की ओर है। अब समस्या यह आ रही है कि जिस प्लांट को लगाया जा रहा है, उसकी क्षमता इतनी नहीं है कि एसी संचालित की जा सके। बिना एसी संचालित किए जैमर व कैमरों का संचालन लगभग नामुमकिन है क्योंकि जैमर व कैमरों का संचालन करने वाली मशीन के लिए एक निर्धारित तापमान की आवश्यकता होती है। बताया जा रहा है कि जेल के लिए बिजली सप्लाई भी बमुश्किल 12 से 13 घंटे ही हो पा रही है। अब जेल अफसरों ने जेल के लिए नगर क्षेत्र की बिजली सप्लाई उपलब्ध कराने की मांग ऊर्जा मंत्री से की है।
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शहर की सप्लाई ले जाने के लिए बनाई जाएगी लाइन
जिला कारागार के लिए शहरी क्षेत्र की सप्लाई ले जाने के लिए शासन को भूड़ बिजलीघर से नई लाइन बनानी होगी। इसमें करीब 81 लाख रुपये का खर्च आएगा। सरकार द्वारा इतना बजट स्वीकृत होने की संभावना कम ही है।
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सोलर प्लांट से एसी संचालित करना संभव नहीं है। जबकि बिना एसी जैमर व कैमरे संचालित करना भी लगभग नामुमकिन है। जेल के लिए शहरी क्षेत्र की बिजली सप्लाई शुरू कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
- ओपी कटियार, जेल अधीक्षक