{"_id":"59a98fbe4f1c1b4c738b4b2f","slug":"15042846151214-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक सीजन की बारिश में बह गई 14 करोड़ की सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक सीजन की बारिश में बह गई 14 करोड़ की सड़कें
Updated Fri, 01 Sep 2017 10:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारिश में बह गए 14 करोड़ रुपये
- 14 करोड़ की लागत से गड्ढा मुक्त की गई थीं सड़कें
- एक सीजन की बारिश भी नहीं झेल पाईं नई बनीं सड़कें
- घटिया सामग्री के कारण सड़कों में जगह-जगह हुए गड्ढे
पुनीत शर्मा
बुलंदशहर।
प्रदेश के मुखिया के आदेश पर जिले में गड्ढा मुक्त की गई सड़कें एक सीजन की बारिश भी नहीं झेल सकीं। करीब 14 करोड़ की लागत से शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया था। घटिया सामग्री के कारण यह सभी सड़कें जगह-जगह से उखड़ गई हैं। गहरे गड्ढे होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।
सरकार बनने के साथ ही प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए थे। आदेशों के तहत जिले की 1182.85 किमी की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया था। निर्धारित समय में अफसरों ने लक्ष्य का 90 फीसदी से अधिक पूरा कर लिया था। अगस्त माह के अंत में लगातार दो दिन हुई बारिश ने गड्ढा मुक्त सड़कों में लगाई गई सामग्री की पोल खोल कर रख दी। करीब 14 करोड़ की लागत से गड्ढा मुक्त की गई सड़कों में चंद दिनों में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए। इससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बुलंदशहर-बदांयू स्टेट हाईवे की हालत यह हो चुकी है कि शिकारपुर तक करीब 25 किमी के सफर को पूरा करने में दो से ढाई घंटे का समय लग रहा है। जिस हाईवे पर सामान्यत: वाहनों की स्पीड 70 किमी प्रति घंटे होनी चाहिए, उस पर वाहन 40 से ऊपर की गति ही नहीं पकड़ पा रहे हैं।
नहीं मिला पर्याप्त बजट
पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सड़कों में गड्ढे होने के लिए बजट की कमी को कोस रहे हैं। अफसरों ने दावा किया है कि जिले में 1182.85 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके लिए न्यूनतम 69.64 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी। लक्ष्य के सापेक्ष केवल 13.88 करोड़ रुपये ही मिल सके। इसमें विभाग ने 1000.63 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया।
विज्ञापन
तीन चरणों में सड़कें की गई थी गड्ढा मुक्त
जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए तीन चरणों में योजना बनाई गई थी। अफसरों ने दावा किया कि एक चरण के लिए तो सरकार ने पूरा बजट जारी कर दिया, लेकिन शेष बचे दो चरणों के लिए आधे से भी कम बजट जारी किया।
योजना लक्ष्य आवश्यक बजट जारी बजट
गड्ढा मुक्ति 647.5 किमी 386.64 लाख 386.64 लाख
सामान्य मरम्मत से
नवीनीकरण 200.72 किमी 1955.2 लाख 247.610 लाख
विशेष मरम्मत से
नवीनीकरण 334.62 किमी 4622.17 लाख 754.24 लाख
कोट
शासन से बजट आवश्यकतानुसार नहीं मिला। जितना बजट मिला, उतने से कार्य किया गया था। पूर्व में भरे गए गड्ढे सहीं हैं। अब सड़कों पर जलभराव के कारण नए गड्ढे बन गए हैं।
- डीके तिवारी, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
- 14 करोड़ की लागत से गड्ढा मुक्त की गई थीं सड़कें
- एक सीजन की बारिश भी नहीं झेल पाईं नई बनीं सड़कें
- घटिया सामग्री के कारण सड़कों में जगह-जगह हुए गड्ढे
पुनीत शर्मा
बुलंदशहर।
प्रदेश के मुखिया के आदेश पर जिले में गड्ढा मुक्त की गई सड़कें एक सीजन की बारिश भी नहीं झेल सकीं। करीब 14 करोड़ की लागत से शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया था। घटिया सामग्री के कारण यह सभी सड़कें जगह-जगह से उखड़ गई हैं। गहरे गड्ढे होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।
सरकार बनने के साथ ही प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिए थे। आदेशों के तहत जिले की 1182.85 किमी की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया था। निर्धारित समय में अफसरों ने लक्ष्य का 90 फीसदी से अधिक पूरा कर लिया था। अगस्त माह के अंत में लगातार दो दिन हुई बारिश ने गड्ढा मुक्त सड़कों में लगाई गई सामग्री की पोल खोल कर रख दी। करीब 14 करोड़ की लागत से गड्ढा मुक्त की गई सड़कों में चंद दिनों में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए। इससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बुलंदशहर-बदांयू स्टेट हाईवे की हालत यह हो चुकी है कि शिकारपुर तक करीब 25 किमी के सफर को पूरा करने में दो से ढाई घंटे का समय लग रहा है। जिस हाईवे पर सामान्यत: वाहनों की स्पीड 70 किमी प्रति घंटे होनी चाहिए, उस पर वाहन 40 से ऊपर की गति ही नहीं पकड़ पा रहे हैं।
विज्ञापन
नहीं मिला पर्याप्त बजट
पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सड़कों में गड्ढे होने के लिए बजट की कमी को कोस रहे हैं। अफसरों ने दावा किया है कि जिले में 1182.85 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके लिए न्यूनतम 69.64 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी। लक्ष्य के सापेक्ष केवल 13.88 करोड़ रुपये ही मिल सके। इसमें विभाग ने 1000.63 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया।
विज्ञापन
तीन चरणों में सड़कें की गई थी गड्ढा मुक्त
जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए तीन चरणों में योजना बनाई गई थी। अफसरों ने दावा किया कि एक चरण के लिए तो सरकार ने पूरा बजट जारी कर दिया, लेकिन शेष बचे दो चरणों के लिए आधे से भी कम बजट जारी किया।
योजना लक्ष्य आवश्यक बजट जारी बजट
गड्ढा मुक्ति 647.5 किमी 386.64 लाख 386.64 लाख
सामान्य मरम्मत से
नवीनीकरण 200.72 किमी 1955.2 लाख 247.610 लाख
विशेष मरम्मत से
नवीनीकरण 334.62 किमी 4622.17 लाख 754.24 लाख
कोट
शासन से बजट आवश्यकतानुसार नहीं मिला। जितना बजट मिला, उतने से कार्य किया गया था। पूर्व में भरे गए गड्ढे सहीं हैं। अब सड़कों पर जलभराव के कारण नए गड्ढे बन गए हैं।
- डीके तिवारी, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी