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न रविवार को नाम चर्चा हुई और ना अब बुद्ध को होगा सत्संग
Updated Tue, 29 Aug 2017 10:08 PM IST
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न रविवार को नाम चर्चा हुई और न बुधवार को होगा सत्संग
- डेरा सच्चा सौदा से किनारा करने लगे अनुयायी
अजय गर्ग
बुगरासी। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के बुरे दिन क्या शुरू हुए, उनके अनुयायी भी किनारा करने लगे हैं। रविवार को जिस नाम चर्चा में बड़ी संख्या में भक्त होते थे, इस बार नाम चर्चा ही नहीं की गई। बुधवार को होने वाले सत्संग को भी रद्द कर दिया गया है।
यूं तो बाबा के अनेक भक्त कस्बा क्षेत्र में हैं लेकिन डेरा सच्चा सौदा के भक्तों की संख्या कस्बा क्षेत्र में सबसे ज्यादा है। कस्बा क्षेत्र से समय-समय पर राम रहीम का सत्संग सुनने और नाम दान लेने के लिए बसें जाती रही हैं। प्रत्येक रविवार को नाम चर्चा और बुधवार को सत्संग का क्रम कभी नहीं टूटा। प्रत्येक रविवार और बुधवार को अलग-अलग बाबा के भक्तों के घर नाम चर्चा और सत्संग भी होता रहा है। बीते रविवार को ऐसा पहली बार हुआ कि नाम चर्चा नहीं की गई। सोमवार को जैसे ही बाबा को 20 साल की सजा और आर्थिक दंड सुनाया गया तो अनुयायी मायूस हो गए। काफी संख्या में भक्तों ने सजा सुनने के बाद उनसे किनारा ही कर लिया है। जो लोग दोषी पाए जाने के बाद भी अंध भक्ति में लीन थे, अब सजा होने के बाद उनकी आंखें भी खुलने लगी हैं। बाबा के अनुयायी को अब उनके परिवारीजन ही खरी खोटी सुना रहे हैं।
गायब होने लगे घरों में लगे कैलेंडर
राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद उनके समर्थकों के घर लगे राम रहीम के पोस्टर गायब होने लगे हैं। लोगों द्वारा उपहास उड़ाए जाने से लेकर घर के ही सदस्यों द्वारा तीखा टिप्पणी के चलते बाबा के भक्त कलेंडर हटाने लगे हैं।
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- डेरा सच्चा सौदा से किनारा करने लगे अनुयायी
अजय गर्ग
बुगरासी। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के बुरे दिन क्या शुरू हुए, उनके अनुयायी भी किनारा करने लगे हैं। रविवार को जिस नाम चर्चा में बड़ी संख्या में भक्त होते थे, इस बार नाम चर्चा ही नहीं की गई। बुधवार को होने वाले सत्संग को भी रद्द कर दिया गया है।
यूं तो बाबा के अनेक भक्त कस्बा क्षेत्र में हैं लेकिन डेरा सच्चा सौदा के भक्तों की संख्या कस्बा क्षेत्र में सबसे ज्यादा है। कस्बा क्षेत्र से समय-समय पर राम रहीम का सत्संग सुनने और नाम दान लेने के लिए बसें जाती रही हैं। प्रत्येक रविवार को नाम चर्चा और बुधवार को सत्संग का क्रम कभी नहीं टूटा। प्रत्येक रविवार और बुधवार को अलग-अलग बाबा के भक्तों के घर नाम चर्चा और सत्संग भी होता रहा है। बीते रविवार को ऐसा पहली बार हुआ कि नाम चर्चा नहीं की गई। सोमवार को जैसे ही बाबा को 20 साल की सजा और आर्थिक दंड सुनाया गया तो अनुयायी मायूस हो गए। काफी संख्या में भक्तों ने सजा सुनने के बाद उनसे किनारा ही कर लिया है। जो लोग दोषी पाए जाने के बाद भी अंध भक्ति में लीन थे, अब सजा होने के बाद उनकी आंखें भी खुलने लगी हैं। बाबा के अनुयायी को अब उनके परिवारीजन ही खरी खोटी सुना रहे हैं।
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गायब होने लगे घरों में लगे कैलेंडर
राम रहीम को सजा सुनाए जाने के बाद उनके समर्थकों के घर लगे राम रहीम के पोस्टर गायब होने लगे हैं। लोगों द्वारा उपहास उड़ाए जाने से लेकर घर के ही सदस्यों द्वारा तीखा टिप्पणी के चलते बाबा के भक्त कलेंडर हटाने लगे हैं।
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