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एनपीआरसी की नियुक्ति में अवैध वसूली का ‘खेल’
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:52 PM IST
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एनपीआरसी की नियुक्ति में वसूली का ‘खेल’
- बीएसए ने नकारे आरोप, कहा निष्पक्ष होगी नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
किसी न किसी विवाद में घिरा रहने वाला बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला एनपीआरसी की नियुक्ति से जुड़ा है। आरोप लग रहे हैं कि इसकी एवज में वसूली की जा रही है। इतना ही नहीं पक्षपात का आरोप भी लग रहा है। वहीं, अफसरों का दावा है कि नियुक्ति निष्पक्ष होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में सूचनाओं का आदान-प्रदान करने और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन आदि काम के लिए एनपीआरसी तैनात किए जाते हैं। एनपीआरसी परिषदीय स्कूलों के शिक्षक ही बनाए जाते हैं। इनकी नियुक्ति प्रत्येक तीन साल बाद होती है। जिले में पहले तैनात किए गए एनपीआरसी को विगत दिनों हटा दिया गया था और डीएम डॉ. रोशन जैकब ने नए सिरे से एनपीआरसी की नियुक्ति के आदेश दिए थे। इस पर विभाग की ओर से अब एनपीआरसी की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई। मगर, चर्चा है कि इसके साथ ही विभाग में वसूली का खेल भी शुरू हो गया। इसे लेकर शिक्षकों, अफसरों और कर्मचारियों के बीच कानाफूसी भी जोरों पर है। आरोप लग रहे हैं कि कुछ अफसर, कर्मचारी और शिक्षक मिलकर एनपीआरसी की नियुक्ति में वसूली का खेल कर रहे हैं। उधर, बीएसए अजीत कुमार ने उक्त चर्चाओं और आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि एनपीआरसी की नियुक्ति निष्पक्ष होगी। यदि अवैध वसूली की शिकायत मिली तो उसकी जांच कर संबंधित अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- बीएसए ने नकारे आरोप, कहा निष्पक्ष होगी नियुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
किसी न किसी विवाद में घिरा रहने वाला बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला एनपीआरसी की नियुक्ति से जुड़ा है। आरोप लग रहे हैं कि इसकी एवज में वसूली की जा रही है। इतना ही नहीं पक्षपात का आरोप भी लग रहा है। वहीं, अफसरों का दावा है कि नियुक्ति निष्पक्ष होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में सूचनाओं का आदान-प्रदान करने और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन आदि काम के लिए एनपीआरसी तैनात किए जाते हैं। एनपीआरसी परिषदीय स्कूलों के शिक्षक ही बनाए जाते हैं। इनकी नियुक्ति प्रत्येक तीन साल बाद होती है। जिले में पहले तैनात किए गए एनपीआरसी को विगत दिनों हटा दिया गया था और डीएम डॉ. रोशन जैकब ने नए सिरे से एनपीआरसी की नियुक्ति के आदेश दिए थे। इस पर विभाग की ओर से अब एनपीआरसी की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो गई। मगर, चर्चा है कि इसके साथ ही विभाग में वसूली का खेल भी शुरू हो गया। इसे लेकर शिक्षकों, अफसरों और कर्मचारियों के बीच कानाफूसी भी जोरों पर है। आरोप लग रहे हैं कि कुछ अफसर, कर्मचारी और शिक्षक मिलकर एनपीआरसी की नियुक्ति में वसूली का खेल कर रहे हैं। उधर, बीएसए अजीत कुमार ने उक्त चर्चाओं और आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि एनपीआरसी की नियुक्ति निष्पक्ष होगी। यदि अवैध वसूली की शिकायत मिली तो उसकी जांच कर संबंधित अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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