{"_id":"597a21da4f1c1bd9268b48b1","slug":"15011763643-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षामित्रों ने घेरा बीएसए कार्यालय, प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षामित्रों ने घेरा बीएसए कार्यालय, प्रदर्शन
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय घेरकर किया प्रदर्शन
शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखते हुए शुक्रवार को जिले में परिषदीय स्कूल को न खुलने की भी चेतावनी दी है। इस फरमान से अफसर सजग हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले शिक्षामित्र बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। इसकी जानकारी मिलते ही काफी संख्या में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया।
शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय का मुख्य द्वार घेर लिया और अफसर-कर्मचारी को कार्यालय से बाहर निकलने का रास्ता बंद कर दिया। जिलाध्यक्ष संजय चौधरी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद्द किए जाने से समायोजित शिक्षक-शिक्षिकाओं में रोष है।
विज्ञापन
तीन दिन के अंदर प्रदेश में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। अगर प्रदेश सरकार द्वारा जल्द ही कोई निर्णय शिक्षामित्रों के हित में नहीं लिया गया तो मौतों का यह सिलसिला बढ़ता जाएगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिव कुमार चौधरी ने कहा कि जब तक सरकार हमारा कोई स्थायी समाधान नहीं निकालती तब तक कल से जिले के किसी भी परिषदीय स्कूल को नहीं खुलने दिया जाएगा।
देवेंद्र पोसवाल, अजय चौधरी, महिपाल सिंह, मीनाक्षी, रूबी, मिथलेश, मंजू, भागेश्वर शर्मा आदि शिक्षामित्र शामिल रहे। उधर, बीएसए अजीत कुमार का कहना है कि किसी भी सूरत में स्कूल बंद नहीं होने दिए जाएंगे। शिक्षामित्रों को सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का हक है। मगर, उन्हें स्कूल बंद कराने का अधिकार नहीं है।
पुलिस की रही पैनी नजर
बीएसए कार्यालय का घेराव करने वाले शिक्षामित्रों पर पुलिस की पैनी नजर रही। कार्यालय में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। पुलिस के घेरे को देखते हुए शिक्षामित्र किसी तरह की हरकत नहीं कर पाए। पुलिस अधिकारी भी जवानों से समय-समय पर शिक्षामित्रों की गतिविधियों की जानकारी लेते रहे।
विज्ञापन
शिक्षामित्रों ने बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी लड़ाई जारी रखते हुए शुक्रवार को जिले में परिषदीय स्कूल को न खुलने की भी चेतावनी दी है। इस फरमान से अफसर सजग हो गए हैं।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के बैनर तले शिक्षामित्र बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। इसकी जानकारी मिलते ही काफी संख्या में पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया।
विज्ञापन
शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय का मुख्य द्वार घेर लिया और अफसर-कर्मचारी को कार्यालय से बाहर निकलने का रास्ता बंद कर दिया। जिलाध्यक्ष संजय चौधरी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद्द किए जाने से समायोजित शिक्षक-शिक्षिकाओं में रोष है।
विज्ञापन
तीन दिन के अंदर प्रदेश में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। अगर प्रदेश सरकार द्वारा जल्द ही कोई निर्णय शिक्षामित्रों के हित में नहीं लिया गया तो मौतों का यह सिलसिला बढ़ता जाएगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिव कुमार चौधरी ने कहा कि जब तक सरकार हमारा कोई स्थायी समाधान नहीं निकालती तब तक कल से जिले के किसी भी परिषदीय स्कूल को नहीं खुलने दिया जाएगा।
देवेंद्र पोसवाल, अजय चौधरी, महिपाल सिंह, मीनाक्षी, रूबी, मिथलेश, मंजू, भागेश्वर शर्मा आदि शिक्षामित्र शामिल रहे। उधर, बीएसए अजीत कुमार का कहना है कि किसी भी सूरत में स्कूल बंद नहीं होने दिए जाएंगे। शिक्षामित्रों को सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का हक है। मगर, उन्हें स्कूल बंद कराने का अधिकार नहीं है।
पुलिस की रही पैनी नजर
बीएसए कार्यालय का घेराव करने वाले शिक्षामित्रों पर पुलिस की पैनी नजर रही। कार्यालय में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। पुलिस के घेरे को देखते हुए शिक्षामित्र किसी तरह की हरकत नहीं कर पाए। पुलिस अधिकारी भी जवानों से समय-समय पर शिक्षामित्रों की गतिविधियों की जानकारी लेते रहे।