{"_id":"59738c5e4f1c1b643d8b4767","slug":"150074487315-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से स्वच्छ होगी मां गंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से स्वच्छ होगी मां गंगा
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से स्वच्छ होगी गंगा
मोक्ष दायिनी गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए अधिकारियों ने भी कमर कस ली है। जिले की चार नगर पालिकाओं ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रदूषण विभाग को अफसरों को भेज दिया है। प्रदूषण विभाग के अफसरों ने भी इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है।
आस्था की नदी मां गंगा की धारा को अविरल बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने नमामि गंगे नाम से योजना की शुरूआत की थी। योजना के तहत गंगा में गिरने वाले गंदे नालों, नदियों को रोकने के लिए जिले के अफसरों को आदेश दिए गए थे।
नमामि गंगे योजना के तहत ही केन्द्र सरकार ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के आदेश दिए थे। योजना के तहत जिले की चार नगर पालिकाओं बुलंदशहर, गुलावठी, खुर्जा व डिबाई ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अफसरों को भेज दिया है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि उक्त क्षेत्रों से गुजरने वाले नदियों व नालों का गंदा पानी कहीं न कहीं गंगा में ही जाकर गिर रहा है। जिससे नमामि गंगे की योजना को झटका लग रहा है।
इस मौके पर नगर पालिका बुलंदशहर ईओ एके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में भी अमृत योजना के तहत एसटीपी बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर बना ली गई है।
चार नगर पालिकाओं ने प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। प्रस्तावों की जांच के बाद बजट व डीपीआर नगर पालिकाएं ही करेंगी। एसटीपी बनने के बाद गंगा में गंदे पानी का गिरना पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। - जीएस श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
विज्ञापन
मोक्ष दायिनी गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए अधिकारियों ने भी कमर कस ली है। जिले की चार नगर पालिकाओं ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रदूषण विभाग को अफसरों को भेज दिया है। प्रदूषण विभाग के अफसरों ने भी इस संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी है।
आस्था की नदी मां गंगा की धारा को अविरल बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने नमामि गंगे नाम से योजना की शुरूआत की थी। योजना के तहत गंगा में गिरने वाले गंदे नालों, नदियों को रोकने के लिए जिले के अफसरों को आदेश दिए गए थे।
विज्ञापन
नमामि गंगे योजना के तहत ही केन्द्र सरकार ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के आदेश दिए थे। योजना के तहत जिले की चार नगर पालिकाओं बुलंदशहर, गुलावठी, खुर्जा व डिबाई ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अफसरों को भेज दिया है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि उक्त क्षेत्रों से गुजरने वाले नदियों व नालों का गंदा पानी कहीं न कहीं गंगा में ही जाकर गिर रहा है। जिससे नमामि गंगे की योजना को झटका लग रहा है।
इस मौके पर नगर पालिका बुलंदशहर ईओ एके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में भी अमृत योजना के तहत एसटीपी बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर बना ली गई है।
चार नगर पालिकाओं ने प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। प्रस्तावों की जांच के बाद बजट व डीपीआर नगर पालिकाएं ही करेंगी। एसटीपी बनने के बाद गंगा में गंदे पानी का गिरना पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। - जीएस श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड